मंगलवार, अप्रैल 26, 2011

बस एक ही सपना...

फिशिंग बोट्स ऑन द बीच एट सैंत मारी, विन्सेंट वान गोग
Fishing Boats On The Beach At Sainte Maries, Vincent Van Gogh

बस एक ही सपना 
साथ लेकर चलते हैं हम 
कि एक दिन
कुछ बहुत अच्छा हो जाएगा, 
कि उसको होना ही होगा, 
कि वह समय भी आएगा जब
दिल खिल जाएँगे, 
दरवाज़े खुल जाएँगे, 
पहाड़ बना देंगे जादुई रास्ते 
अपने बीच से,
लहरें हमें मिलने छलक-छलक आएँगी,
और हौले-से एक सुबह 
सपना खोल देगा अपनी आँखें 
और जिस को पहले नहीं जाना कभी 
हम खुद को उस किनारे पर पाएंगे.

-- ओलाव एच हाउग्ये 

   ओलाव एच हाउग्ये ( Olav H Hauge )नॉर्वे के कवि थे. वे अधिकतर स्वशिक्षित थे, और अपने सेब के बगीचों में स्वयं काम करते और उसी आय से उनका एकाकी जीवन चलता था. उन्होंने अनेक अंग्रजी, फ़्रांसिसी व जर्मन कवियों व लेखकों की कृतियों का नार्वेजियन में अनुवाद किया. वे क्लासीकी चीनी कविता से भी बहुत प्रभावित थे. उनकी कविताओं का 25 भाषाओँ में अनुवाद हो चुका है. उनके ग्यारह कविता संग्रह व पांच अनुवाद संकलन छ्प चुके हैं.
इस कविता का मूल नार्वेजियन से अंग्रेजी में अनुवाद रोबेर्ट ब्ली ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

2 टिप्‍पणियां:

  1. true universally and expressed effortlessly...beautiful

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  2. Very Nice Reenu...thank you for bringing in this lovely poem...life is in simplicity and not a quest that looks for signs and chances or big things to happen for it to begin. It is as close as awakening to the idea that we are already there in our life and its moments,safe and without trying or being perfect.

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