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पोप्पीज़ एंड बटरफ्लाइज, विन्सेंट वान गोग Poppies and butterflies, Vincent Van Gogh |
कि उसे वक़्त का कुछ अंदाज़ा नहीं होता
बिन बताए सामने आ खड़ा हो जाता है
और इस से पहले कि मैं समझूँ
कि वह यहाँ था
वह जा चुका होता है
वह अपहचाना-सा
खड़ा रह सकता है मेरे सामने
जबकि मैं कहीं और ही हो सकता हूँ
कुछ और याद करता हुआ
किसी दूसरे युग में
किसी ऐसे को ढूँढता हुआजो सालों से नहीं दिखा
और फिर दिखेगा भी नहीं इस दुनिया में
और ऐसा लगता है
कि वह जिस से मैं अनभिज्ञ था
जब वह यहाँ था
उस सुख को
अब संजो पा रहा हूँ मैं
हालाँकि अभी भी वह पहुँच से बाहर है
और उसे पकड़ा नहीं जा सकता
ना ही उसका नाम रखा जा सकता है
ना ही उसे वापिस बुलाया जा सकता है
और अगर मैं उसको रोक पाता
जैसा कि मैं चाहता हूँ
वह सिर्फ और सिर्फ
दुःख ही बन कर रह जाता
-- डब्ल्यू एस मर्विन

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़