बुधवार, फ़रवरी 05, 2014

मेरे पास अभी भी वह सब है जो तुमने मुझे दिया था

वुमन विद अ रोज, पियेर ओगयूस्त रनोआ
Woman with a Rose, Pierre-Auguste Renoir

उसके किनारों पर धूल जमी है.

थोड़ा सड़ गया है.

बिन सोचे मैं उसका ख्याल रखती हूँ.

साल में एक बार उस पर देती हूँ ध्यान
जब धूप में सुखाती हूँ.

अब मैं तरसती नहीं.

उसके बदले कुछ ले नहीं पाऊँगी.


-- नाओमी शिहाब नाए 




 नाओमी शिहाब नाए ( Naomi Shihab Nye )एक फिलिस्तीनी-अमरीकी कवयित्री, गीतकार व उपन्यासकार हैं. वे बचपन से ही कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. फिलिस्तीनी पिता और अमरीकी माँ की बेटी, वे अपनी कविताओं में अलग-अलग संस्कृतियों की समानता-असमानता खोजती हैं. वे आम जीवन व सड़क पर चलते लोगों में कविता खोजती हैं. उनके 7 कविता संकलन और एक उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक अवार्ड व सम्मान प्राप्त हुए हैं. उन्होंने अनेक कविता संग्रहों का सम्पादन भी किया है. यह कविता उनके संकलन ''फ़ुएल " से है. 

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़