रविवार, मई 01, 2011

तुम कहते हो


Landscape With Couple Walking And Crescent Moon - Vincent Van Gogh - www.vincent-van-gogh-gallery.org
लैंडस्केप विद कपल वाकिंग एंड क्रेस्सेंट मून, विन्सेंट वान गोग
Landscape With Couple Walking And Crescent Moon, Vincent Van Gogh



ये सब मन के भ्रम हैं, तुम कहते हो, 
इनका ख़ुशी से कोई लेना-देना नहीं.
ठण्ड का आना, गर्मी का आना 
मन के पास समय ही समय है.
तुम मेरा हाथ थाम के कहते हो 
कि कुछ होने वाला है, कुछ अनोखा, 
जिस के लिए हम हमेशा-से तैयार थे, 
जैसे पूरब में पूरा दिन बिता कर 
सूरज आता है 
जैसे हमारे साथ रात बिता कर 
चाँद चला जाता है.

-- मार्क स्ट्रैन्ड







 मार्क स्ट्रैन्ड ( Mark Strand )एक अमरीकी कवि, लेखक व अनुवादक हैं. 1990 में वे अमरीका के 'पोएट लौरेएट ' थे. वे कई जाने-माने विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी पढ़ा चुके हैं और आजकल  कोलम्बिया  युनिवेर्सिटी में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं. उन्हें 'पुलित्ज़र प्राइज़ ' सहित कई सम्मान मिल चुके हैं. अब तक उनकी कविताओं, लेखों व अनुवादों के 30 से भी अधिक संकलन छ्प चुके हैं.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

6 टिप्‍पणियां:

  1. साथ ही साथ मूल भी दें तो कैसा रहे?

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  3. जैसे हमारे साथ रात बिता कर चाँद चला जाता है ....बहुत खूब रचना

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  4. इस बात पर काफी सोच-विचार किया गया है...काफी लोगों से डिस्कस भी किया, और फिलहाल तो मूल कृति साथ नहीं देने का फैसला लिया है...कारण ये की अनुवाद को मूल कृति के रूप में देखना ज़रूरी है...तभी पता चलेगा की वो अच्छा है की नहीं. अगर मूल साथ होगा तो अनुवाद को परखा तो जा सकेगा, महसूस नहीं किया जायेगा....उस का होना ही व्यर्थ हो जायेगा. अनुवाद को मूल कविता के रूप में गहने के बाद कभी असली मूल कविता आप लोग पढेंगे तो फिर अच्छा लगेगा...उसी समय नहीं.

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  5. sparse simple and reticent yet so luminous, "shadows of the mind" of the poet translated here as his poem. As if he is talking to himself aloud about how a mind works...and quiet subconsciously...at life and things that happen in it. One's experiencing stems from one's experience and this realization only happens after we experience something and with getting in touch with how we feel after we "see" something.

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  6. विरल सरल और मितभाषी अभी तक तो चमकीले, कवि की "मन की छाया"अपनी कविता के रूप में यहाँ अनुवाद. जैसे कि वह खुद से बात कर रहा है जोर से के बारे में कैसे एक दिमाग काम करता है ... और शांत subconsciously जीवन और चीजें हैं जो उस में हो पर .... एक अनुभव है एक अनुभव से उपजी है और यह अहसास ही होता है के बाद हम कुछ अनुभव और कैसे हम महसूस होने के बाद हम कुछ "देखने" के साथ संपर्क में हो रही के साथ.

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