शुक्रवार, सितंबर 30, 2011

अमावस की रात

पार्सनेज गार्डन एट डस्क, विन्सेंट वान गोग
Parsonage Garden At Dusk, Vincent Van Gogh

जितना विश्वास मैं कर सकता हूँ 
तुम उससे भी अँधेरी हो अब 
जिस के पास मैं आया हूँ विवेक नहीं है 

वह अपने खंडन और खरे वादे लिए 
बल्कि है यह अनुपस्थिति
जो मैं समझ नहीं पा रहा 

जब सुनने को कुछ भी नहीं है 
तब भी कुछ सुन रहा हूँ 
जो अंधापन यहाँ था
उस में टटोलता हुआ 

अँधेरे में साथ चलने के बारे में सोचता हुआ.


-- डब्ल्यू एस मर्विन




W.S. Merwinडब्ल्यू एस मर्विन ( W S Merwin )अमरीकी कवि हैं व इन दिनों अमरीका के पोएट लॉरीअट भी हैं.उनकी कविताओं, अनुवादों व लेखों के 30 से अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं .उन्होंने दूसरी भाषाओँ के प्रमुख कवियों के संकलन, अंग्रेजी में खूब अनूदित किये हैं, व अपनी कविताओं का भी स्वयं ही दूसरी भाषाओँ में अनुवाद किया है.अपनी कविताओं के लिए उन्हें अन्य सम्मानों सहित पुलित्ज़र प्राइज़ भी मिल चुका है.वे अधिकतर बिना विराम आदि चिन्हों के मुक्त छंद में कविता लिखते हैं.यह कविता उनके संकलन 'द शैडो ऑफ़ सिरिअस ' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

1 टिप्पणी:

  1. तुम मेरी कल्पना से भी अधिक अंधकारमयी हो |
    वाह ! अति सुन्दर |

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