गुरुवार, अगस्त 02, 2012

जेलर का गीत

मैनज़ हेड (पोर्ट्रेट ऑफ़ अ पोएट), अमदेओ मोदिग्लिआनी
Man's Head (Portait of a Poet),
Amadeo Modigliani 
कहाँ चले सजीले जेलर
ये खून से सनी चाबी लेकर मैं
छुड़ाने चला हूँ उसे

प्यार करता हूँ जिसे
है समय अभी भी अगर
क़ैद कर रखा है जिसे
कोमलता से, निर्ममता से
अपनी सबसे गुप्त चाह में
अपने गहनतम संताप में
भविष्य की मिथ्या में
वायदों की बेवकूफियों में
मैं उसे छुड़ाना चाहता हूँ
मैं चाहता हूँ कि वह आज़ाद हो जाए
यहाँ तक कि फिर मुझे भूल भी जाए
यहाँ तक कि फिर वह चली भी जाए
यहाँ तक कि फिर वह लौट भी आए
और फिर से मुझे प्यार करे
या फिर किसी और को
गर वह किसी और को चाहे
और अगर मैं अकेला भी रह जाऊं
और वह चली भी जाए
मैं सिर्फ रखूंगा
मैं हमेशा रखूंगा
मरने तक
अपनी दोनों हथेलियों के खालीपन में
प्यार से ढली उसकी
छातियों की नर्म छाप 




-- याक प्रेवेर



 याक प्रेवेर  ( Jacques Prévert )फ़्रांसिसी कवि व पटकथा लेखक थे. अत्यंत सरल भाषा में लिखी उनकी कविताओं ने उन्हें फ्रांस का, विक्टर ह्यूगो के बाद का, सबसे लोकप्रिय कवि बना दिया. उनकी कविताएँ अक्सर पेरिस के जीवन या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के जीवन के बारे में हैं. उनकी अनेक कविताएँ  स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं व प्रसिद्ध गायकों द्वारा गायी गयी  हैं. उनकी लिखी पटकथाओं व नाटकों को भी खूब सराहा गया है. उनकी यह कविता उनके सबसे प्रसिद्द कविता संग्रह 'पारोल' से है. 
इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

1 टिप्पणी:

  1. एक सच्चा प्रेम करने वाले के उद्गार ! जो उसके लिए सब कुछ करना चाहता है लेकिन बदलें में कुछ नहीं चाहता ,बस हर हाल में वह उसे प्यार करता है !
    आभार इस प्रस्तुति के लिए !

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