शुक्रवार, अगस्त 24, 2012

जल्लाद

एग्ज़िक्युशनर, वैसिली सुरिकोव
Executioner, Vasily Surikov
"अगर तुम चाहो, तो हम मुस्कुरा कर बिछुड़ सकते हैं,
या तुम थोड़ा रो सकती हो, अगर तुम चाहो."
दुनिया का एकमात्र पेशा जो है
केवल पुरुषों के लिए : जल्लाद.
क्या सब ठीक से किया गया है:
फैसला विधिवत रूप से सुनाया गया है,
तख्ता आरामदेह है, अच्छे-से लगाया है,
कुल्हाड़ा खूब तेज़ है?



-- वेरा पाव्लोवा 



 वेरा पाव्लोवा ( Vera Pavlova ) रूस की सबसे प्रसिद्द समकालीन कवयित्री हैं. उनका जन्म मॉस्कोमें हुआ था. उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की व संगीत के इतिहास विषय में विशेषज्ञता प्राप्त की. कुछ समय बाद ही उनकी कविताएँ प्रकाशित हुई और उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन का आरम्भ किया. उनके 14 कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं व रूस में उनकी किताबें खूब बिकती हैं. उन्होंने चार ओपेरा लिबेरेतोज़ के लिए संगीत लिखा है व कुछ बोल भी. उनकी कविताएँ 18भाषाओँ में अनूदित की गयी हैं. यह कविता उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन 'देयर इज समथिंग टू डिज़ायर' से है.
इस कविता का मूल रशियन से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीवन सेमूर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

3 टिप्‍पणियां:

  1. .
    दुनिया का एकमात्र पेशा जो है
    केवल पुरुषों के लिए : जल्लाद.

    गज़ब !! मैं दो वेराओं का फैन हूँ ,उनमे से एक वेरा पव्लोवा हैं ! बहुत असरदार कविता !आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  2. खूब तेज़ कुल्हाडे सी ठंडी रोंगटे खड़े करने वाली कविता.

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह! जल्लाद क्या जाने कुल्हाड़े की धार का असर...एक औरत ही जान सकती है...

    उत्तर देंहटाएं