बुधवार, फ़रवरी 06, 2013

पुजारिन

हेड ऑफ़ अ गर्ल (प्रीस्टेस), जॉन विलियम गॉडवर्ड
Head of a Girl (Priestess), John William Godward


मेरे माथे के आस-पास,
घुमाती है धूप-बत्ती एक पुजारिन
और देखने लगती है स्वप्न
जैसे कि उसकी पलकें पलकें नहीं सितारे हों

हे युगों की दृष्टा, जो जन्मा है
उस देव के बारे में बताओ हमें कुछ.
बताओ हमें:
उसकी आँखों में जो पूजा जा सके क्या ऐसा है कुछ?



-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'अर्ली पोएम्ज़ ' से है.

इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

3 टिप्‍पणियां:

  1. सुंदर रचना पढ़वाने के लिए धन्यवाद..
    साथ ही एक बेहतरीन रचनाकार का परिचय देने के लिए भी।।।

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  2. कविता पढ़ना नदी को पुल से पार करना है. अनुवाद करना कवि के साथ उस नदी में डूब जाना है…sachchii..!

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  3. पुजारिन की आँखों में झांक कर पूजा की सार्थकता पर नए बिम्ब की कविता.मौलिक चिंतन यही है.

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