सोमवार, जुलाई 15, 2013

सवार

सॉलीट्यूड, डाइयैन जॉनसन
Solitude, Diane Johnson
एक लड़के ने मुझे बताया था 
कि अगर वह अपने स्केट्स पर बहुत तेज़ी से दौड़ता है 
तो उसका अकेलापन उसे पकड़ नहीं पाता,

चैंपियन बनने का प्रयास करने के लिए 
इस से अच्छा कारण मैंने आज तक नहीं सुना.

किंग विलियम मार्ग पर तेज़ी से साइकिल चलाते हुए 
आज रात मैं जानने को उत्सुक हूँ कि 
क्या यह बात साइकलों पर भी लागू होती है.

कैसी विजय हो वह भी! अपने अकेलेपन को
कहीं पीछे, किसी गली के मोड़ पर हांफता छोड़ आना
जबकि उन्मुक्त बहते हुए तुम खो जाओ 
अचानक खिले एज़ेलिया फूलों के एक बादल में,
उन गुलाबी पंखुड़ियों के बीच जिन्होनें 
चाहे वे कितनी ही धीमी गति से झड़ी हों, 
कभी अकेलापन नहीं जाना है.


-- नाओमी शिहाब नाए 



 नाओमी शिहाब नाए ( Naomi Shihab Nye )एक फिलिस्तीनी-अमरीकी कवयित्री, गीतकार व उपन्यासकार हैं. वे बचपन से ही कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. फिलिस्तीनी पिता और अमरीकी माँ की बेटी, वे अपनी कविताओं में अलग-अलग संस्कृतियों की समानता-असमानता खोजती हैं. वे आम जीवन व सड़क पर चलते लोगों में कविता खोजती हैं. उनके 7 कविता संकलन और एक उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक अवार्ड व सम्मान प्राप्त हुए हैं. उन्होंने अनेक कविता संग्रहों का सम्पादन भी किया है. यह कविता उनके संकलन ''फ़ुएल " से है. 

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

4 टिप्‍पणियां:

  1. भाग मिल्खा भाग. भला अकेलापन कहीं पीछे छोड़ा जा सकता है.

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  2. बहुत सुन्दर ...भागने से कहीं अकेलापन जाता है !
    सुन्दर चयन और अनुवाद !

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