गुरुवार, अप्रैल 21, 2011

नाश्ता

ब्रेकफास्ट, ओंरी मातीस
Breakfast, Henri Matisse



उस ने प्याली में 
कॉफ़ी उड़ेली 
कॉफ़ी की प्याली में 
दूध मिलाया 
चीनी मिलायी 
दूध वाली कॉफ़ी में 
और छोटी चम्मच से हिलाया 
कॉफ़ी पीकर 
उस ने प्याली रख दी 
बिना कुछ कहे मुझ से 
उस ने सिगरेट सुलगाई 
और छल्ले बनाये धुंए के 
और राखदान में सिगरेट झटकी 
बिना कुछ कहे मुझसे 
बिना देखे मुझे 
वह उठा 
उस ने अपना हैट पहना 
फिर रेनकोट पहना 
क्योंकि बारिश हो रही थी  
और चला गया वह 
बारिश में 
बिना कुछ कहे 
बिना देखे मुझे 
और मैं 
हाथों में मुंह छुपाकर
फफक पड़ी 

-- याक प्रेवेर




याक प्रेवेर  ( Jacques Prévert )फ़्रांसिसी कवि व पटकथा लेखक थे. अत्यंत सरल भाषा में लिखी उनकी कविताओं ने उन्हें फ्रांस का विक्टर ह्यूगो के बाद का सबसे लोकप्रिय कवि बना दिया. उनकी कविताएँ अक्सर पेरिस के जीवन या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के जीवन के बारे में हैं. उनकी अनेक कविताएँ  स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं व प्रसिद्ध गायकों द्वारा गायी गयी  हैं. उनकी लिखी पटकथाओं व नाटकों को भी खूब सराहा गया है. उनकी यह कविता उनके सबसे प्रसिद्द कविता संग्रह 'पारोल' से है.

इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

4 टिप्‍पणियां:

  1. Reenu ati sundar...bahut achi tasveer dekhi jasae hum bhee ous kamarae me thai aur dehaia ke akala pun dusro ke saath bhi mahsoos ho sakta hai jab vo apnne dunn me jeetae hai aur doosro ko nahi pachantae apne jindagee mai.

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  2. बहुत अच्छा .. आपका यह लिखा पसंद आया :'जो कविताएँ, रचनाएँ यहाँ अनूदित की गयी हैं, की जाएँगी, मैंने उनको नहीं चुना; उन्होंने ही मुझे चुना है और आगे भी वे ही चुनेंगी.''

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