मंगलवार, मई 24, 2011

तूफ़ान की आशंका

समर स्टॉर्म, रोबेर्ट हेनरी 
जब घने बादल
शाम से पहले ही 
ले आते हैं रात को 
जब धुंध का एक दायरा 
क्षितिज से पहले ही 
रोक लेता है रास्ते को 
जब सहमे-से विलो के पेड़ 
हवा के आने से पहले ही
कांपते हैं अपनी चुप्पी में 
जब बिखरी-सी नमी 
बारिश के आने से पहले ही 
चुभती है आँखों के कोरों में 
जब एक गूढ़ रहस्यमय धुंआ 
भर जाता है बहुत गहरे  
इस बिल जैसे जीवन में

-- मिशेल दगी  
       
     
 Michel Deguy मिशेल दगी फ़्रांस के कवि व दार्शनिक हैं और फ़्रांसिसी बौद्धिक दुनिया में उनका खूब नाम है. वे युनिवेर्सिते द पारी (सें दनी )में फ़्रांसिसी साहित्य पढ़ाते हैं .वे अपनी साहित्यिक पत्रिका Po&sie,जो 1972 में शुरू हुई थी, के संस्थापक-संपादक हैं. साथ ही वे जाँ पॉल सार्त्र  द्वारा संस्थापित पत्रिका 'ले तौं मोदेर्न ' के सम्पादक भी हैं. फ़्रांस में उनकी 30 से अधिक किताबे छप चुकी हैं व उनके लेखन व कविताओं का कई भाषाओँ में अनुवाद भी हुआ है. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक सम्मान मिल चुके हैं जिनमें 1998 का 'ग्रों प्री नासिओनाल द ला पोएज़ी ' और 2004 का 'ग्रों प्री द पोएज़ी द लाकादमी फ्रोंसेज़ 'शामिल हैं.
इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

2 टिप्‍पणियां:

  1. wah! outpouring is only after inner building up of emotions feelings and it is actually their release and passing.

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  2. वाह! दिल से बोझ उठाना भावनाओं भावनाओं के भीतर का निर्माण के बाद ही है और यह वास्तव में उनकी रिहाई और गुजर रहा है. "तूफान से पहले शांति." और सन्नाटे में तूफान इमारत है.

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