बुधवार, जनवरी 18, 2012

सर्दियाँ

विंटर लैंडस्केप,  पॉल गौगें
Winter Landscape, Paul Gauguin

अगर गर्मियां संवाद हैं,
तो सर्दियाँ हैं चिंतन;

कम से कम  
आज रात तो ऐसा ही लग रहा है:
पेड़ों में बारिश और, 
हमारे घर व पड़ोसी के खेतों के बीच,

बाड़े की तार में फँसी एक भेड़
कर रही है सुबह की प्रतीक्षा;

जैसे कि मैं प्रतीक्षा कर रहा हूँ,
कि कुछ नया होगा:

कोई सोचने का ढंग खेतों पर से उड़ता आएगा 
एक संगीत, किसी स्तोत्र-सा सादा और रिक्त,

या उस प्रश्न-सा जिसको पूछने की किसी ने नहीं सोची 
जब तक कि हवा कुछ याद नहीं करती उसकी खाल पर,
आकाश के तले कोई आकाश, स्वप्निल घास,

तारों में मापित, मीलों तक फैली अपनी भूमि.


-- जॉन बर्नसाइड 








 जॉन बर्नसाइड (John Burnside ) स्कॉट्लैंड के लेखक, कवि व उपन्यासकार  हैं. उनके संकलन 'ब्लैक कैट बोन' को इसी सप्ताह इस वर्ष का टी.एस.एलियट सम्मान प्राप्त हुआ. इसी संकलन को पिछले वर्ष फॉरवर्ड प्राइज़ भी प्राप्त हुआ था. 2011 में  उनके उपन्यास  'अ समर ऑफ़  ड्राउनिंग' को कोस्टा अवार्ड के लिए शोर्टलिस्ट किया गया. अब तक उनके नौ कविता संकलन व पांच उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं. वे आजकल स्कॉट्लैंड में रहते हैं व यूनिवर्सिटी ऑफ़ सेंट एंडर्यूज़  में क्रिएटिव राइटिंग व साहित्य पढ़ाते हैं. 
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

2 टिप्‍पणियां:

  1. 'आकाश के तले कोई आकाश, स्वप्निल घास..'
    अच्छी कविता सुन्दर अनुवाद !

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