सोमवार, अक्तूबर 01, 2012

संवाद

रेड सर्कल ऑन ब्लैक, जीरो योशिहारा
Red Circle On Black, Jiro Yoshihara
ये न कहो कि मेरा प्रेम था
कोई अंगूठी या कंगन.
मेरा प्रेम है एक घेराबंदी,
है निर्भीक और हठी.
उनकी तरह जो खोजते हुए
बहा ले जाते हैं 

अपनी नौका मृत्यु की ओर.

ये न कहो कि मेरा प्रेम था
चाँद.
मेरा प्रेम है चिंगारियों की बौछार.



-- निज़ार क़ब्बानी



 निज़ार क़ब्बानी ( Nizar Qabbani )सिरिया से हैं व अरबी भाषा के कवियों में उनका विशिष्ट स्थान है. उनकी सीधी सहज कविताएँ अधिकतर प्यार के बारे में हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे क्रन्तिकारी हैं, तो उन्होंने कहा -- अरबी दुनिया में प्यार नज़रबंद है, मैं उसे आज़ाद करना चाहता हूँ. उन्होंने 16 वर्ष की आयु से कविताएँ लिखनी शुरू कर दी थीं, और उनके 50 से अधिक कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी कविताओं को कई प्रसिद्ध अरबी गायकों ने गया है, जिन में मिस्र की बेहतरीन गायिका उम्म कुल्थुम भी हैं, जिनके गीत सुनने के लिए लोग उमड़ पड़ते थे.यह कविता उनके संकलन "वन हंड्रेड लव लेटर्ज़"से है .
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद बस्सम के फ्रंगिया ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

4 टिप्‍पणियां:

  1. दबी-कुचली प्रेम की भावना ने बड़े-बड़े युद्ध किये हैं और जीते हैं लोगों के दिल ! निजार कब्बानी की यह कविता भी कुछ ऐसे ही जदाकू तेवर लिए हुए है !

    सुन्दर कविता का सुन्दर अनुवाद ! रीनू जी को बधाई !

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  2. प्रेम की घेराबंदी जीवन से आगे तक चलती है और यदा कदा शांत जीवन में यादों की चिंगारियों की बौछार करती रहती है.

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