सोमवार, जुलाई 08, 2013

ब्लैकवाटर तालाब पर

द पोंड एट मोँयेरोँ, क्लौद मोने
The Pond at Montgeron, Claude Monet
रात भर की बारिश के बाद 
ब्लैकवाटर तालाब में पानी की हलचल थम चुकी है.
मैं अंजुरी भरती हूँ. बहुत देर तक 
पीती हूँ पानी. उसका स्वाद है 
पत्थर जैसा, पत्तों और आग जैसा. मेरी देह में 
ठंडे सोते-सा गिरता है वह, जगाता है मेरी हड्डियों को. 
अपने भीतर गहरे कहीं सुनती हूँ मैं 
उन्हें फुसफुसाते हुए
ओह यह जो अभी हुआ, इतना दिव्य,
यह क्या था ?


-- मेरी ओलिवर




Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. 

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

4 टिप्‍पणियां:

  1. बरसात का पानी तालाब में आकर जीवन को स्फूर्ति से भर देता है.उमंग और प्रेम की कविता.

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  2. ओह...ये क्या था.....
    सुन्दर...दिव्य....


    अनु

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  3. ओह यह जो अभी हुआ, इतना दिव्य,

    यह क्या था ?

    Beautiful!

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