बुधवार, जनवरी 01, 2014

बड़ा आदमी

स्कल्पटर्ज़ इन एंशिएंट रोम, सर लॉरेंस एल्मा-तादेमा
Sculptors in Ancient Rome, Sir Lawrence Alma-Tadema





मैं मिला उस से 
एक मूर्तिकार के यहाँ  
जहाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए वह 
अपना नाप दे रहा था


-- याक प्रेवेर 




 
याक प्रेवेर  (Jacques Prévert)फ़्रांसिसी कवि व पटकथा लेखक थे. अत्यंत सरल भाषा में लिखी उनकी कविताओं ने उन्हें फ्रांस का, विक्टर ह्यूगो के बाद का, सबसे लोकप्रिय कवि बना दिया. उनकी कविताएँ अक्सर पेरिस के जीवन या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के जीवन के बारे में हैं. उनकी अनेक कविताएँ  स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं व प्रसिद्ध गायकों द्वारा गायी गयी  हैं. उनकी लिखी पटकथाओं व नाटकों को भी खूब सराहा गया है. उनकी यह कविता उनके सबसे प्रसिद्द कविता संग्रह 'पारोल' से है. 




इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

3 टिप्‍पणियां:

  1. हो जग का कल्याण, पूर्ण हो जन-गण आसा |
    हों हर्षित तन-प्राण, वर्ष हो अच्छा-खासा ||

    शुभकामनायें आदरणीया

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  2. मैं उससे भविष्य को गढ़ने वाले मूर्तिकार के यहाँ मिला.

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  3. मैं उससे भविष्य को गढ़ने वाले मूर्तिकार के यहाँ मिला.

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