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शुक्रवार, मार्च 07, 2014

शब्द पट्ट

फ्लावर्ज़ ऑफ़ सीशेल्ज़, मैक्स ऐरनेस्ट
Flowers of Seashells, Max Ernst  
1. 
उसने शंख को लगाया अपने कान से:
वह सुनना चाहती थी वो सब
जो 'उसने' उस से कभी नहीं कहा.

2. 
एक-दूसरे की ओर मुँह किये 
उन दोनों की देहों के बीच 
केवल एक इंच की दूरी है 
चित्र में:
एक फ्रेम-जड़ी मुस्कान  
दबी हुई है मलबे तले.

3. 
जब भी फेंकते हो तुम 
समुद्र में कंकड़ 
मुझ में लहरियाँ उठती हैं.

4. 
बहुत छोटा है मेरा दिल 
इसीलिए जल्दी भर आता है.

5. 
पानी में मिल जाने के लिए
और भरने के लिए खाली जगहें
नहीं है पानी को ज़रुरत किसी युद्ध की. 

6. 
पेड़ नहीं पूछता कि वह क्यों नहीं बस सकता 
किसी और जंगल में 
न ही पूछता है ऐसे और व्यर्थ के सवाल. 

7. 
जिस समय वह देखता है टीवी 
वह पढ़ती है एक उपन्यास
जिसकी जिल्द पर बना है 
एक आदमी जो टीवी देख रहा है 
और एक औरत जो पकड़े बैठी है उपन्यास. 

8. 
नए साल की 
पहली सुबह 
सर उठाकर देखेंगे हम सभी 
एक ही सूरज को. 

9. 
उसने उठाकर रखा उसका सर अपनी छाती पर. 
उसने जुम्बिश नहीं ली:
वह मर चुका था. 

10. 
वह जो मुझे निहारता रहा इतने समय तक 
और जिसे मैं उतने ही समय तक देखती रही एकटक .… 
वह आदमी जिसने कभी मुझे गले से नहीं लगाया 
और नहीं लगी मैं जिसके कभी गले.…
बारिश ने बहा दिए उसके सभी रंग
उस पुराने कैन्वस पर से.  

11. 
वह नहीं था उन पतियों में 
जो पहले खोए फिर पाए गए थे;
वह नहीं था लौटा युद्ध-बंदियों के संग,
न ही था वह उस पतंग के साथ, 
जो उड़ा ले गई थी उसे,
सपने में किसी दूसरी जगह,
जब वह खड़ी थी कैमरे के सामने, 
चिपकवा रही थी 
पासपोर्ट पर अपनी मुस्कान. 

12. 
सड़क के किनारे 
खजूरों के ऊंचे-ऊंचे ढेर:
मुझे चूमने का 
तुम्हारा तरीका. 

13. 
जैसे पहुँचते हैं
केश रॅपंज़ल के 
ऊपर खिड़की से 
नीचे धरती तक
वैसे इंतज़ार करते हैं हम.

14. 
दीवार पर 
छोड़ गए थे क़ैदी
जो परछाइयाँ,
घेर लेती हैं वे जेलर को 
और डालती हैं प्रकाश 
उसके अकेलेपन पर.

15. 
मातृभूमि, मैं नहीं हूँ तुम्हारी माँ,
तो फिर क्यों बिलखती हो तुम मेरी गोद में इस तरह 
हर बार 
जब चोट पहुँचती है तुम्हें?

16. 
मत ध्यान दो इस पंछी पर:
वह रोज़ आता है 
और रुकता है टहनी के सिरे पर 
गाने के लिए 
एक या दो गीत.
बस इतना ही करता है वह:
इतनी ख़ुशी उसे और कहीं नहीं मिलती.

17. 
घर की चाबियाँ, 
पहचान-पत्र,
हड्डियों के बीच छितरी धुंधली तस्वीरें...
ये सब कुछ फैला है 
एक सामूहिक कब्र में.

18. 
अरबी भाषा को 
पसंद हैं लम्बे वाक्य 
और लम्बे युद्ध.
उस पसंद हैं कभी न ख़त्म होने वाले गीत 
रतजगे 
और रोना खंडहरों में.
वह प्रयत्न करती है 
पाने के लिए दीर्घायु  
और एक दीर्घ मृत्यु.

19. 
घर से बहुत दूर हैं --
केवल यही बदलाव आया है हम में.

20. 
सिंड्रेल्ला छोड़ आयी है अपना स्लिपर इराक़ में 
और छोड़ आयी है चायदान से उठती 
इलायची की खुश्बू,
और वह बड़ा-सा फूल 
जिसका मुँह खुला रहता है मौत के मुँह की तरह.

21. 
तुरंत पहुँचते सन्देश 
करते हैं क्रान्ति को प्रज्ज्वलित.
वे नई ज़िंदगियों को भड़काते हैं
जब एक देश के डाउनलोड होने का इंतज़ार करते हुए,
ऐसा देश जो हो
मुट्ठी भर धूल से कुछ अधिक,
उनके सामने आते हैं ये शब्द:
"आपकी खोज से कोई परिणाम मेल नहीं खाते"

22. 
कुत्ते का जोश
जब वह उठा लाता है फेंकी हुई डंडी अपने मालिक के पास,
बस वही समय है पत्र को खोलने का.

23. 
बादलों की तरह 
हम हलके हो पार करते हैं सरहदें.
कोई हमें बोझ की तरह ढो नहीं रहा 
मगर जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं 
हम लाद लेते हैं बारिश 
और एक बोलने का लहज़ा 
और एक दूसरी जगह 
की याद.

24. 
कैसा रोमांच होता है उसके सामने आ कर.
वह क्या कह रहा है वह समझ नहीं पा रही:
उसे फुरसत कहाँ, वह मानो चबा रही है उसकी आवाज़.
वह देख रही है उन होंठों को जिन्हे वह कभी चूम नहीं पाएगी,
उन कांधों को जिन पर सर रख कर कभी रो नहीं पाएगी,
उस हाथ को जिसे वह कभी थाम नहीं पाएगी,
और नीचे ज़मीन को जहाँ मिल रही हैं दोनों कि परछाइयाँ.


-- दून्या मिखाइल 


image-dunya2  दून्या मिखाइल ( Dunya Mikhail )एक इराकी-अमरीकी कवयित्री हैं. वे अरबी में लिखतीं हैं व उनकी कविताएँ इराक के हालात , युद्ध, युद्ध से प्रभावित जीवन व विस्थापन के बारे में हैं. अरबी में उनकी कविताओं के पांच संकलन प्रकाशित हुए हैं. उनकी अंग्रेजी में अनूदित कविताओं के दो संकलन प्रकाशित हुए हैं, जिन में 'द वार वर्क्स हार्ड' को PEN ट्रांसलेशन अवार्ड मिला व 'डायरी ऑफ़ अ वेव आउटसाइड द सी' को अरब अमेरिकेन बुक अवार्ड मिला है. 2001 में उन्हें यू एन ह्यूमन राइट्स अवार्ड फॉर फ्रीडम ऑफ़ राइटिंग प्राप्त हुआ.

वे 1996 से अमरीका में रहती हैं व अरबी पढ़ाती हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद करीम जेम्स अबु-ज़ैद ने किया है.    
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

शनिवार, सितंबर 15, 2012

अनुपस्थिति का सिद्धांत

सेवेरल सर्क्ल्ज़, वैसिली कैन्डिन्सकी
Several Circles, Wassily Kandinsky
परिकल्पना: मैं तनाव में हूँ और तुम भी.
हम न मिलते हैं न अलग होते हैं.
वांछित परिणाम: हम अनुपस्थिति में मिलते हैं.
प्रमाण: जैसे तनाव लोगों को वृतांशों में बदल देता है,
हम दो वृतांश हैं.
हम न मिलते हैं न अलग होते हैं (परिकल्पना)
तो, हम अवश्य ही समानांतर होंगे.
अगर दो रेखाओं को
तीसरे रेखा द्वारा द्विभाजित किया जाता है
( जो यहाँ पर, तनाव की रेखा है)
उनके संगत कोण बराबर होंगे ( एक ज्यामितिय प्रमेय).
तो, हम समनुरूप हैं
( क्योंकि जब उनके कोण बराबर होते हैं
आकार समनुरूप होते हैं )
और हम एक वृत्त बनाते हैं ( चूंकि दो
समनुरूप वृतांशों का जोड़
एक वृत्त होता है).
इसलिए हम मिलते हैं अनुपस्थिति में
(चूंकि एक वृत्त की परिधि
होती है संस्पर्शी बिन्दुओं का जोड़
और हर एक को समझा जा सकता है
स्पर्श-बिंदु).


-- दून्या मिखाइल 


image-dunya2  दून्या मिखाइल ( Dunya Mikhail )एक इराकी-अमरीकी कवयित्री हैं. वे अरबी में लिखतीं हैं व उनकी कविताएँ इराक के हालात , युद्ध, युद्ध से प्रभावित जीवन व विस्थापन के बारे में हैं. अरबी में उनकी कविताओं के पांच संकलन प्रकाशित हुए हैं. उनकी अंग्रेजी में अनूदित कविताओं के दो संकलन प्रकाशित हुए हैं, जिन में 'द वार वर्क्स हार्ड' को PEN ट्रांसलेशन अवार्ड मिला व 'डायरी ऑफ़ अ वेव आउटसाइड द सी' को अरब अमेरिकेन बुक अवार्ड मिला है. 2001 में उन्हें यू एन ह्यूमन राइट्स अवार्ड फॉर फ्रीडम ऑफ़ राइटिंग प्राप्त हुआ.
वे 1996 से अमरीका में रहती हैं व अरबी पढ़ाती हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद इलीज़ाबेथ विन्ज्लो ने किया है.    
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

सोमवार, जुलाई 18, 2011

सर्वनाम

प्रियेर, मार्क शगाल 
Prière, Marc Chagall


खेल-खेल में
वह बनता है रेल. 
वह सीटी बनती है. 
वे निकल पड़ते हैं.

वह बनता है रस्सी. 
वह पेड़ बनती है. 
वे झूल जाते हैं. 

वह बनता है सपना.
वह पंख बनती है.
वे उड़ जाते हैं. 

वह बनता है सेनापति.
वह सेना बनती है.
खेल-खेल में
वे कर देते हैं युद्ध की घोषणा.


-- दून्या मिखाइल 


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 दून्या मिखाइल ( Dunya Mikhail )एक इराकी-अमरीकी कवयित्री हैं. वे अरबी में लिखतीं हैं व उनकी कविताएँ इराक के हालात , युद्ध, युद्ध से प्रभावित जीवन व विस्थापन के बारे में हैं. अरबी में उनकी कविताओं के पांच संकलन प्रकाशित हुए हैं. उनकी अंग्रेजी में अनूदित कविताओं के दो संकलन प्रकाशित हुए हैं, जिन में 'द वार वर्क्स हार्ड' को PEN ट्रांसलेशन अवार्ड मिला व 'डायरी ऑफ़ अ वेव आउटसाइड द सी' को अरब अमेरिकेन बुक अवार्ड मिला है. 2001 में उन्हें यू एन ह्यूमन राइट्स अवार्ड फॉर फ्रीडम ऑफ़ राइटिंग प्राप्त हुआ.
वे 1996 से अमरीका में रहती हैं व अरबी पढ़ाती हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद इलीज़ाबेथ विन्ज्लो ने किया है.    
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

शनिवार, मई 21, 2011

तुम्हारी ईमेल

कम्बोडियन डांसर, ओग्यूस्त रोदें 
जब तुम मेरी ईमेल का जवाब देते हो, 
सारे के सारे ग्रह-नक्षत्र 
मेरे आस-पास घूम जाते हैं,
जो दूरस्थ हैं, वे भी पास आ जाते हैं.
तितली पूर्व बंधन छोड़ पंख फैलाती है. 
अंगूर पक जाते हैं मेरे लिए 
और अपने हरे-हरे प्रतान 
फैला देते हैं पड़ोस के बगीचे तक. 
प्यार की देवी 'इश्तार' 
फिर जीवित हो जाती है
और उजड़े शहरों के लिए 
अपना गीत गाती है,
अपने मुंह से धूल झाड़
कुशल नर्तकी-सा नृत्य करती है,
सारे सैनिकों को वापिस घर 
अपने अपनों के पास भेज देती है,
और मरहम लगाती हैं
इस टूटी टांग वाली नन्ही चिड़िया को,
दो नदियों के बीच वाले देश में 
यह भी तो घायल हुई थी.
वह अपने फटे आँचल 
के तार गिनती है 
और सो जाती है.
मगर मैं अभी भी तुम्हारी ईमेल का इंतज़ार कर रही हूँ.
स्क्रीन में मेरी थकी-थकी आँखें प्रतिबिंबित हो रहीं हैं 
और मेरी घड़ी की दोनों सुईयां 
तुम्हारी चुप्पी के बीचोंबीच 
गले मिल रहीं हैं. 

-- दून्या मिखाइल 

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 दून्यामिखाइल ( Dunya Mikhail )एक इराकी-अमरीकी कवयित्री हैं. वे अरबी में लिखतीं हैं व उनकी कविताएँ इराक के हालात , युद्ध, युद्ध से प्रभावित जीवन व विस्थापन के बारे में हैं. अरबी में उनकी कविताओं के पांच संकलन प्रकाशित हुए हैं. उनकी अंग्रेजी में अनूदित कविताओं के दो संकलन प्रकाशित हुए हैं, जिन में 'द वार वर्क्स हार्ड' को PEN ट्रांसलेशन अवार्ड मिला व 'डायरी ऑफ़ अ वेव आउटसाइड द सी' को अरब अमेरिकेन बुक अवार्ड मिला है. 2001 में उन्हें यू एन ह्यूमन राइट्स अवार्ड फॉर फ्रीडम ऑफ़ राइटिंग प्राप्त हुआ.
वे 1996 से अमरीका में रहती हैं व अरबी पढ़ाती हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद डैन वीच ने किया है.    
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़