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सोमवार, मई 28, 2012

बस और नहीं रूढोक्तियाँ

हेड ऑफ़ ए वुमन, डेविड बर्ल्यूक
Head of a Woman, David Burliuk
दिव्य चेहरा
जो गुलबहार जैसे खोल देता है अपनी पंखुड़ियाँ सूरज की ओर
वैसे ही तुम खोल देती हो
अपना चेहरा मेरी ओर जब मैं पन्ना पलटता हूँ.

मोहक मुस्कान
कोई भी आदमी हो सकता है तुम्हारे जादू में गिरफ्त,
ओ पत्रिका की सुंदरी.

कितनी कविताएँ लिखी गयी हैं तुम्हारे लिए?
कितने दांते तुम्हें पत्र लिख चुके हैं, बेआत्रीस?
तुम्हारी सम्मोहनी माया को
तुम्हारी निर्मित फंतासी को.

मगर आज एक और रूढोक्ति के तहत
यह कविता मैं तुम्हारे लिए नहीं लिखूंगा.
नहीं. और रूढोक्तियाँ नहीं.

यह कविता समर्पित है उन स्त्रीयों को
जिनका सौंदर्य है उनकी सौम्यता में,
उनकी बुद्धि में,
उनके चरित्र में
न कि उनके बनाये हुए रूप में.

यह कविता तुम्हारे लिए है

तुम जो शहरज़ाद की तरह
रोज़ उठती हो एक नई कहानी के साथ,
कहानी जो गाती है बदलाव का गीत
जो करती है संघर्ष की उम्मीद
संघर्ष दो देहों के एक होने के प्रेम के लिए
संघर्ष नए दिन के संग जागे नए आवेशों के लिए
संघर्ष उपेक्षित अधिकारों के लिए
या संघर्ष केवल एक और रात जीवित रहने के लिए.

हाँ, यह तुम्हारे लिए है,
तुम जो जीती हो दुःख की दुनिया में
तुम जो हो हर पल नष्ट होते ब्रह्माण्ड का चमकता सितारा,
तुम जो हो एक-हज़ार-एक लड़ाइयों की योद्धा,
तुम्हारे लिए, मेरे मन की मीत.

अब से, मेरा सिर झुक कर नहीं देखेगा कोई पत्रिका,
बल्कि उठ कर निहारेगा रात को,
और उसके चमकते सितारों को,
तो अब और रूढोक्तियाँ नहीं.




-- ओक्तावियो पास 




ओक्तावियो पास ( Octavio Paz )मेक्सिको के लेखक व कवि थे. वे कुछ साल भारत में मेक्सिको के राजदूत भी रहे. उनके लेखन पर मार्क्सवाद, स्यूरेयालीज्म, एग्ज़िस्टेन्शलिज़म के साथ हिन्दू व बौध धर्मों का भी बहुत प्रभाव रहा. उनकी कविताओं व निबंधों के असंख्य संकलन प्रकाशित हुए हैं व अनेक भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है. सैम्युएल बेकेट, एलीजाबेथ बिशप, मार्क स्ट्रैंड जैसे जाने-माने कवियों-लेखकों ने उनके लेखन का अंग्रेजी में अनुवाद किया है. सर्वंतेस प्राइज़ व 1990 के नोबेल पुरस्कार सहित उन्हें अनेक सम्मान मिले थे.
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद एलियट वाइनबर्गर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, मार्च 08, 2012

पुल

वोल्गा. रेनबो, बोरिस कुस्तोदिएव
Volga. Rainbow, Boris Kustodiev

इस पल और इस पल के बीच,
मैं हूँ और तुम हो के बीच, 
एक शब्द है पुल.

उसको पार करते समय
तुम पार करते हो अपने आप को:
दुनिया जुड़ने लगती है 
और हो जाती है एक छल्ले की तरह बंद.

एक तट से दूसरे तट तक,
हमेशा होती है
एक फैली हुई देह :
इन्द्रधनुष.
मैं सोऊंगा उसकी मेहराबों के तले.


-- ओक्तावियो पास 



  ओक्तावियो पास ( Octavio Paz )मेक्सिको के लेखक व कवि थे. वे कुछ साल भारत में मेक्सिको के राजदूत भी रहे. उनके लेखन पर मार्क्सवाद, स्यूरेयालीज्म, एग्ज़िस्टेन्शलिज़म के साथ हिन्दू व बौध धर्मों का भी बहुत प्रभाव रहा. उनकी कविताओं व निबंधों के असंख्य संकलन छपे हैं व अनेक भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है. सैम्युएल बेकेट, एलीजाबेथ बिशप, मार्क स्ट्रैंड जैसे जाने-माने कवियों-लेखकों ने उनके लेखन का अंग्रेजी में अनुवाद किया है. सर्वंतेस प्राइज़ व 1990 के नोबेल पुरस्कार सहित उन्हें अनेक सम्मान मिले थे.
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद एलियट वाइनबर्गर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, अगस्त 29, 2011

जाने और ठहरने के बीच

आरयनतयी, लेट आफ्टरनून, क्लौद मोने
Argenteuil, Late Afternoon , Claude Monet

अपनी पारदर्शिता पर मोहित दिन 
झिझकता है जाने और ठहरने के बीच.
यह गोलाकार दोपहर अब एक घाटी है
जहाँ नि:शब्दता में दुनिया झूलती है.
सब प्रत्यक्ष है और सब पकड़ से बाहर,
सब पास है और छुआ नहीं जा सकता.
कागज़, किताब, पेंसिल, गिलास 
अपने-अपने नामों की छाँव में बैठे हैं.
मेरी धमनियों में धड़कता समय 
उसी न बदलने वाले रक्तिम शब्दांश 
को दोहराता है.
रोशनी बना देती है उदासीन दीवार को
प्रतिबिम्बों का एक अलौकिक मंच.
मैं स्वयं को एक आँख की पुतली में 
पाता हूँ, उसकी भावशून्य ताक में 
स्वयं को ही देखता हुआ.
वह पल बिखर जाता है. एकदम स्थिर, 
मैं ठहरता हूँ और जाता हूँ : मैं एक विराम हूँ.



-- ओक्तावियो पास 



  ओक्तावियो पास ( Octavio Paz )मेक्सिको के लेखक व कवि थे. वे कुछ साल भारत में मेक्सिको के राजदूत भी रहे. उनके लेखन पर मार्क्सवाद, स्यूरेयालीज्म, एग्ज़िस्टेन्शलिज़म के साथ हिन्दू व बौध धर्मों का भी बहुत प्रभाव रहा. उनकी कविताओं व निबंधों के असंख्य संकलन छपे हैं व अनेक भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है. सैम्युएल बेकेट, एलीजाबेथ बिशप, मार्क स्ट्रैंड जैसे जाने-माने कवियों-लेखकों ने उनके लेखन का अंग्रेजी में अनुवाद किया है. सर्वंतेस प्राइज़ व 1990 के नोबेल पुरस्कार सहित उन्हें अनेक सम्मान मिले थे.
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद एलियट वाइनबर्गर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, मई 15, 2011

कहाँ किसके बिना

ट्रीज़ एंड अंडरग्रोथ 2, विन्सेंट वान गोग
Trees And Undergrowth 2, Vincent Van Gogh





नहीं है 
पेड़ों के बीच कोई भी
और मैं 
न जाने मैं कहाँ चला गया हूँ 



-- ओक्तावियो पास 



  ओक्तावियो पास ( Octavio Paz )मेक्सिको के लेखक व कवि थे. वे कुछ साल भारत में मेक्सिको के राजदूत भी रहे. उनके लेखन पर मार्क्सवाद, स्यूरेयालीज्म, एग्ज़िस्टेन्शलिज़म के साथ हिन्दू व बौध धर्मों का भी बहुत प्रभाव रहा. उनकी कविताओं व निबंधों के असंख्य संकलन छपे हैं व अनेक भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है. सैम्युएल बेकेट, एलीजाबेथ बिशप, मार्क स्ट्रैंड जैसे जाने-माने कवियों-लेखकों ने उनके लेखन का अंग्रेजी में अनुवाद किया है. सर्वंतेस प्राइज़ व 1990 के नोबेल पुरस्कार सहित उन्हें अनेक सम्मान मिले थे.
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद एलियट वाइनबर्गर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, मई 14, 2011

रोशन

रेनबो, औग्यूस्त रोदें
Rainbow, Auguste Rodin


हवा से अधिक 
पानी से अधिक 
होंठों से अधिक 
रोशन रोशन 
तुम्हारा बदन 
संकेत भर है
तुम्हारे बदन का 


-- ओक्तावियो पास 




  ओक्तावियो पास ( Octavio Paz )मेक्सिको के लेखक व कवि थे. वे कुछ साल भारत में मेक्सिको के राजदूत भी रहे. उनके लेखन पर मार्क्सवाद, स्यूरेयालीज्म, एग्ज़िस्टेन्शलिज़म के साथ हिन्दू व बौध धर्मों का भी बहुत प्रभाव रहा. उनकी कविताओं व निबंधों के असंख्य संकलन छपे हैं व अनेक भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है. सैम्युएल बेकेट, एलीजाबेथ बिशप, मार्क स्ट्रैंड जैसे जाने-माने कवियों-लेखकों ने उनके लेखन का अंग्रेजी में अनुवाद किया है. सर्वंतेस प्राइज़ व 1990 के नोबेल पुरस्कार सहित उन्हें अनेक सम्मान मिले थे.
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद योहानन बैल्हार्ज़ ने किया.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़