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मंगलवार, फ़रवरी 18, 2014

चेहरा

एलजीरियन शॉप्स, एल सी टिफ़नी
Algerian Shops, L C Tiffany
वो एक और चेहरा/ थकान. जब मैं थकान कहता हूँ, मेरा अभिप्राय है रोज़मर्रा का जीवन. थकान एक औरत है और है एक आदमी. थकान कुर्सी है या है कैफ़े. थकान परछाई है और है अन्धकार. वह चाँद और सूरज भी है.


इन दिनों की, थकान के इन दिनों की अपनी किताबें हैं, हर कदम एक शब्द है. और शब्द कभी चुकते नहीं हैं.


एक और चेहरा / एक मिश्रण घुल रहा है, अलग-अलग हो रहा है, 
घुल रहा है कभी ना रुकते हुए वृत्तों में. 
और हर चेहरा अकेला है, तब भी जब वह दूसरे को गले लगाता है.


एक और चेहरा/ एक क्षणिक उपस्थिति कविता और स्वप्न को छूने के लिए बढ़ती है. इस यथार्थ को आप गले लगाना चाहते हैं, उसमें बसना चाहते हैं, क्योंकि बनावट कविता-सी है, प्रसार स्वप्न-सा है, मगर हर कदम की अपनी लय है और अपना क्षितिज. एक और चेहरा/ अलगाव और जुड़ाव के बीच बहस, बहस उपस्थिति और अनुपस्थिति के बीच. और इस तरह जब चलते हैं हमीदिया सूक में, तो ऐसा लगता है जैसे आप चीज़ों को देखते हैं और नहीं भी देखते, जैसे कि जो आप देख सकते हैं उसमें खोज रहे हैं वह जो आप देख नहीं सकते.



-- अदुनिस




Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2008 के संकलन 'प्रिंटर ऑफ़ द प्लैनेट्स बुक्स ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शनिवार, जुलाई 06, 2013

लौकिक स्वांग

बैक, आंद्रे देरैं
Back, Andre Derain



देह को याद है                           प्रेम भूल जाता है 
प्रेम का अर्थ चले जाना है           देह का अर्थ आना है 
प्रेम का अर्थ कल्पना करना है    देह का अर्थ पगला जाना है 
प्रेम, एक लौकिक स्वांग 
                                    ताकि अनंतता फैली रहे
                                    ताकि हम अपनी दुविधा शांत कर सकें 



-- अदुनिस




Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'सिंग्युलर इन अ प्लूरल फॉर्म' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

रविवार, मार्च 10, 2013

चेहरा और आईना

मारिओं, गाय रोज़
Marion, Guy Rose
हर दिन
मेरे चेहरे और आईने के बीच होती है बात-चीत
नहीं, प्रेम को पढ़ने के लिए नहीं
और न ही पढ़ने के लिए मेरे नाक-नक़्श में आये बदलावों को
न ही  देखने के लिए मेरी निगाह में तैरते मृत्यु के हल्केपन को,
बल्कि सिखाने के लिए मेरे प्रेम को
कि आईने से कैसे पूछे जाते हैं प्रश्न. जीवन के रात्रि-स्वभाव का,
उसके और मेरे स्वयं के अज्ञात के सार का आभास मुझे क्यों नहीं होता?
अपने चेहरे में झाँकने के अलावा और किसी समय
मुझे क्यों नहीं हो पाता अपने जीवन का आभास?


-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगनिंगज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.

इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

बुधवार, फ़रवरी 06, 2013

पुजारिन

हेड ऑफ़ अ गर्ल (प्रीस्टेस), जॉन विलियम गॉडवर्ड
Head of a Girl (Priestess), John William Godward


मेरे माथे के आस-पास,
घुमाती है धूप-बत्ती एक पुजारिन
और देखने लगती है स्वप्न
जैसे कि उसकी पलकें पलकें नहीं सितारे हों

हे युगों की दृष्टा, जो जन्मा है
उस देव के बारे में बताओ हमें कुछ.
बताओ हमें:
उसकी आँखों में जो पूजा जा सके क्या ऐसा है कुछ?



-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'अर्ली पोएम्ज़ ' से है.

इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

रविवार, जनवरी 13, 2013

आश्रय



शून्य से
जहाँ अर्थ
भटकता है निर्जन वनों में
प्रेम आता है, और ठहर जाता है अद्भुत-सा
हमारी कल्पना से चौड़ा, और ऊंचा

क्या इन्हीं दहकते अंगारों के बीच है आश्रय?




-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगिनिन्ग्ज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.

इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

सोमवार, दिसंबर 10, 2012

कैफ़े में

वाटर लिलीज़, क्लौद मोने
Water Lilies, Claude Monet
कैफ़े में
नहीं देता मैं शोर पर ध्यान.
मैं नीत्शे को पढ़ता हूँ
और कल्पना करता हूँ कि वे हैं एक ज्वार --
                हाँ, स्वयं को समर्पित कर देना चाहिए
                इस अर्थपूर्ण ज्वार को
                झुक जाना चाहिए सूरजमुखी की तरह,
                सूर्य की ओर बढ़ा देना चाहिए दोस्ती का हाथ
                या स्वयं को सौंप देना चाहिए उन चाह के कमलों को
                जो तैरते हैं मेरी देह की झील पर
                और खाली कर लेना चाहिए स्वयं को
                बन जाने के लिए वह बच्चा
                जो मैं भविष्य में होना चाहता था.


-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगिनिन्ग्ज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.

इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शनिवार, नवंबर 10, 2012

हर दिन

कपल एंड बास्केट विद फ्रूट, मार्क शगाल
Couple and Basket with Fruit, Marc Chagall

हर दिन हम बढ़ाते हैं हाथ अपनी देहों की ओर --
               हम पलटते हैं अपने दिन
               उनकी किताबों में

               एक फल
               मगर उसका चुनना एक देश
 है 
               जिसकी सीमाएँ नहीं हैं 




-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगिनिन्ग्ज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

मंगलवार, अक्टूबर 09, 2012

सांझ

ऑटम लैंडस्केप एट डस्क,
विन्सेंट वान गोग
Autumn Landscape at Dusk
Vincent van Gogh


सांझ गले से पकड़ लेती है समय को
    और लटका देती है उस गढ्ढे के ऊपर
    जहाँ अध-घुटी
    छटपटाती हैं मेरे प्रेम की भविष्यवाणियाँ

वे सूर्य जिन्हें अभी भी खोजता है जीवन  
    छुपे हैं उस बच्चे के चेहरे में
    जो उत्पन्न होता है अपने स्वप्नों के नारीत्व से



-- अदुनिस




Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगिनिन्ग्ज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

रविवार, सितंबर 09, 2012

धूल

ला प्रोमेनाद, मार्क शगाल
La Promenade, Marc Chagall


हमनें क्या खो दिया, वह क्या था जो भीतर कहीं खो गया?
किसकी हैं ये दूरीयाँ जिन्होनें हमें अलग कर दिया था
और जो अब हमें बाँध रही हैं एक साथ?

क्या हम अभी भी एक हैं
या टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं हम दोनों के? कितनी कोमल है यह धूल --
अब उसकी देह, और मेरी, इस क्षण में
एक ही हैं



-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगिनिन्ग्ज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शनिवार, अगस्त 18, 2012

चेहरा

द ब्लू फेस, मार्क शगाल
The Blue Face, Marc Chagall
एक और चेहरा / थकान. जब मैं थकान कहता हूँ,
मेरा अर्थ रोज़मर्रा के जीवन से है.
थकान एक औरत है और है एक आदमी.
थकान एक कुर्सी है या है एक कैफे.
थकान छाया और अँधेरा है. वह चाँद और सूरज भी है.

ये जो दिन हैं, ये थकान के दिन,
इनकी अपनी किताबें हैं, हर कदम एक शब्द.
और शब्दों का अंत नहीं होता.

एक और चेहरा / जुड़ने, टूट के अलग होने का मिश्रण,
जुड़ना एक वृत्तीय गति में जो कभी नहीं थमती.
और हर चेहरा अकेला होता है
तब भी जब वह किसी और को गले से लगाता है.

एक और चेहरा / अनंतर उपस्थिति
जो उठती है कविता तक, स्वप्न तक.
तुम इस यथार्थ को गले से लगाना चाहते हो,
उसमें बसना चाहते हो, क्योंकि बनाव वही है,
क्योंकि फैलाव वही है,
मगर हर कदम की अपनी लय व अपना क्षितिज है.
एक और चेहरा / अलगाव और मिलन,
उपस्थिति और अनुपस्थिति के बीच का विवाद.
तो फिर जब तुम हमीदिया सूक में चलते हो
तो ऐसा होता है जैसे कि तुम चीज़ों को देखते हो
और चीज़ों को नहीं देखते हो,
जैसे कि जो तुम देख रहे हो
उस में तुम वह खोज रहे हो जो तुम नहीं देख रहे.


-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'प्रिंटर ऑफ़ द प्लेनेट्स  बुक्स'से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, जुलाई 13, 2012

मृत्यु का उत्सव मनाना

थिंकिंग अबाउट डेथ, फ्रीडा काहलो
Thinking About Death, Frida Kahlo
मृत्यु पीछे से आती है
तब भी, जब सामने आती है हमारे.
सामना 
केवल जीवन ही करता है. 

आँख एक सड़क है
और सड़क एक चौराहा.

एक बच्चा खेलता है जीवन से,
बूढा आदमी उस से टेक लगाता है.

अधिक बोलने से ज़ंग लग जाता है जीभ को,
और सपनों के अभाव से आँख सूख जाती है.

झुर्रियां --
लकीरें चेहरे पर,
गढ्ढे मन में.

एक देह -- आधी देहरी,
आधी ढाल.

उस का सर है एक तितली
एक ही पंख वाली.

आकाश तुम्हें पढ़ता है
मृत्यु के तुम्हें लिख लेने के बाद.

आकाश के दो स्तन हैं;
उनसे सब लोग करते हैं
हर जगह, हर पल का पान.

मानव है एक किताब
जिसे जीवन लगातार पढ़ता है,
और मृत्यु एक क्षण में पढ़ लेती है
और केवल एक ही बार.

यह कैसा शहर है?
यहाँ समय नामक अन्धकार में
भोर प्रकट होती है एक छड़ी की तरह.

घर के बागीचे में वसंत आया,
आकर रखे अपने सामान
और उन्हें पेड़ों को बांटने लगा
अपनी बाहों से गिरती बारिश में.
कवि हमेशा गलत क्यों समझ लेता है?
वसंत उसे देता है अपने पत्ते
और वह उन्हें स्याही को दे देता है.

हमारा अस्तित्व एक ढाल है
और हम उसे चढ़ने के लिए जीते हैं.
मैं तुम्हें बधाई देता हूँ, रेत.
केवल तुम्हीं हो जो उड़ेल सकती है
पानी और मृगतृष्णा को
एक ही पात्र में. 





-- अदुनिस 



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'सेलेब्रेटिंग वेग-क्लिअर थिंग्ज़ 'से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, जून 15, 2012

दिया

पॉल गौगेंज़ आमचेयर, विन्सेंट वान गोग
Paul Gauguin's Chair, Vincent Van Gogh



एक कड़ुआ-सा उनींदापन 
आ जाता है अपने दिए जलाने

क्या मैं अपने प्रेम के पत्र उनकी स्याही को लौटा दूँ?
क्या मैं इन तस्वीरों को फाड़ दूँ?

मैं पढ़ता हूँ अपनी देह अब
और भरता हूँ इस लम्बी रात के दिए को उदासी से 





--  अदुनिस 





Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगिनिन्ग्ज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

रविवार, अप्रैल 15, 2012

कविता का आरम्भ

स्टडी ऑफ़ स्काए, सेटिंग सन
यूजीन दलाक्रोआ
Study of Sky, Setting Sun
Eugene Delacroix
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है क्षितिज.
           और दूसरे?          कुछ लोग सोचेंगे कि तुम पुकार हो 
                         दूसरे सोचेंगे कि तुम हो उसकी प्रतिध्वनि.
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है
               
उजाले और अँधेरे की अनुपस्थिति का कारण होना 
जहाँ अंतिम शब्द तुम्हारे पहले होते हैं.
और दूसरे?       कुछ लोग तुम्हें सृजन की झाग की तरह देखेंगे
                          दूसरे सोचेंगे कि तुम हो सृजनकर्ता.
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है लक्ष्य --
                                                  एक चौराहा
                                                  मौन और शब्दों के बीच.


-- अदुनिस


Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके संकलन 'द बुक ऑफ़ सिमिलैरीटीज़ एंड बिगिनिन्ग्ज़ ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शनिवार, मार्च 10, 2012

जब हम मिलें...

द स्काए इन्फ्लेम्ज़, मार्क शगाल
The Sky Inflames, Marc Chagall

जब हम मिलें      जहाँ भी ले जाएँ हमारे कदम     शहरों को 
             खेतों को                         करने दें 
             मौन को प्रवेश अपनी घाव-बोली में 

चाहते हो तुम कि मेरे प्यार का हो ऐसा चेहरा 
जो कर दे आकाश को रोशन? तो
             बनने दो अपनी आँखों को मेरे चेहरे का घर                 ले जाओ मुझे -- बोलो 
मैं तुम्हारे हाथों और आँखों में 
अपनी देह की लय नहीं महसूस कर पाता  
जब तक तुम बोलती नहीं


-- अदुनिस


Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'बिगिनिन्ग्ज़ ऑफ़ द बॉडी, एंडज़ ऑफ़ द सी' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, फ़रवरी 17, 2012

संगीत

पोप्लर्ज़, विंड इफेक्ट, क्लोद मोने
Poplars, Wind Effect, Claude Monet
कुछ नहीं है, कुछ भी तो नहीं -- 
हवा हौले-से बजा रही है पेड़ों का गिटार.
कुछ नहीं है, कुछ भी तो नहीं.
एक शून्य है. जिसे शब्द कभी भर ही नहीं सकते.

और मैं सपना देखता हूँ, सपना.
और सपना कुछ  और नहीं यथार्थ का बचपन है.
तो पूछो फिर अपने आप से, मुझ से मत पूछो -- 
क्षितिज और तुम्हारे बीच की रूकावट 
केवल तुम्हारे मन में है.
मगर, यह लगभग तय  है
कि कविता जादुई रूप से उभरती है 
मानो आकाश से लटका हुआ कोई घर हो.

इस घर में रहता है एक शरणार्थी और उसका नाम है अर्थ.


-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके संकलन ' प्रिंटर ऑफ़ द प्लेनेट्स बुक्स ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

मंगलवार, जनवरी 10, 2012

तलाश

न्यूज़, मिकलोयस चिर्लोनिअस
News, Mikalojus Ciurlionis

/...एक पंछी 
फैलाता है अपने पंख --                             क्या वह डरता है 
               कि आकाश ढह जायेगा ?        या कि हवा 
               कोई किताब है उसके पंखों के भीतर छिपी ?
                                                                  उसकी गर्दन 
               जाकर चिपक जाती है क्षितिज से 
               और उसके पंख है शब्द 
               एक भूल-भुलैया में तैरते हुए.../




-- अदुनिस


Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके संकलन 'द बुक ऑफ़ सिमिलैरीटीज़ एंड बिगिनिन्ग्ज़ ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

रविवार, दिसंबर 11, 2011

भूखा

पोलर्ड विलोज़ एंड सेटिंग सन, विन्सेंट वान गोग
Pollard Willows And Setting Sun, Vincent Van Gogh



वो बनाता है भूख अपनी किताब में --
सितारे और सड़कें --
और भर देता है पन्ना 
हवा से बने रूमालों से.
                 और हम देखते हैं 
                 कि एक प्यार-भरा सूरज 
                 झपकाता है अपनी पलकें 
                 और हम साँझ देखते हैं.




-- अदुनिस


Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके संकलन 'स्टेज एंड मिरर्र्ज़ ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

रविवार, नवंबर 13, 2011

बचपन का उत्सव

रेड वाल डेस्टिनी, वैसिली कैनडिनस्की
Red Wall Destiny, Wassily Kandinsky

हवा भी चाहती है बनना
वह गाड़ी
जो तितलियाँ खींचतीं हैं.

मुझे याद है पागलपन:
मन के तकिये पर
टेक लगा कर पहली बार,
मैं अपनी देह से बातें कर रहा था.

मेरी देह बस एक ख्याल थी
जो मैंने लाल रंग से लिखा था.

सूरज का सबसे सुन्दर सिंहासन लाल था 
और बाकी सब रंग
लाल दरियों पर प्रार्थना करते थे.

रात एक और दीपक है.

हर टहनी में एक बाजू,
अंतरिक्ष में ले जाया गया एक सन्देश 
जो हवा की देह से गुंजित होता.

सूरज की हठ है कि वह धुंध ही पहनेगा 
जब भी मुझसे मिलेगा:
क्या मैं रोशनी से डांट खा रहा हूँ?

ओह, मेरे बीते दिन,
वे नींद में चलते थे 
और मैं उनका सहारा लेता था.

प्यार और स्वप्न दो कोष्ठक हैं.
उनके बीच में रखता हूँ मैं अपनी देह
और खोजता हूँ दुनिया को.

कई बार मैंने 
हवा को उड़ते देखा दो घास-पैरों से 
और सड़क को नाचते देखा हवा के बने पैरों से.

मेरी इच्छाएं फूल हैं
जो दाग लगा रहीं हैं मेरी देह पर.

मैं जल्दी घायल हुआ था,
और जल्दी सीखा था मैंने
कि घावों ने ही बनाया है मुझे.

जो मेरे भीतर चलता है
मैं अभी भी करता हूँ उस बच्चे का पीछा.

वह अब खड़ा है एक रोशनी से बनी सीढ़ी पर.
एक कोना ढूंढता हुआ,
करने के लिए आराम  
और पढने के लिए रात का चेहरा.

अगर चाँद एक घर होता 
मेरे पाँव उसकी देहरी छूने से मना कर देते.
धूल उन्हें ले जाती है
और मुझे लिए जाती है मौसमों की हवा के पास.

मैं चलता हूँ,
एक हाथ हवा में,
दूसरा हाथ सपनों में.

एक सितारा भी 
अंतरिक्ष के मैदानों में बस एक पत्थर है.

केवल वही
जो जुड़ा है क्षितिज से 
बना सकता है नए रास्ते.

क्या कहूँ मैं उस देह को जिसे 
छोड़ आया था मलबे में
उस घर के जहाँ मैं पैदा हुआ था?
कोई नहीं बता सकता मेरा बचपन 
सिवाय उन तारों के 
जो टिमटिमाते हैं उस के ऊपर 
और छोड़ जाते हैं पैरों के निशान
शाम के पथ पर.

मेरा बचपन पैदा हो रहा है अभी भी 
जुड़ी हथेलियों में एक रोशनी की 
जिसका नाम मैं नहीं जानता
और जो मुझे नाम देती है.

उस नदी को उसने बनाया एक आईना
और पूछा अपने दुःख के बारे में.
उसने बादलों की नक़ल की और अपनी 
उदासी में से बारिश बरसा दी.

तुम्हारा बचपन एक गाँव था.
चाहे तुम कितना भी दूर जाओ 
उसकी हदें तुम कभी पार नहीं कर पाओगे.
उसके दिन हैं झीलें
उसकी यादें तैरती लाशें.

तुम जो उतर रहे हो 
बीते कल के पर्वतों से,
तुम इन पर दोबारा कैसे चढ़ पाओगे,
और क्यों?

समय एक द्वार है
जो मैं खोल नहीं सकता.
मेरा जादू घिस गया है
मेरे मंत्र सो चुके हैं.

मैं एक गाँव में पैदा हुआ था,
जो था गर्भ की तरह छोटा और रहस्यभरा.
मैं उसको कभी छोड़ कर नहीं गया.
मुझे प्यार है सागर से, किनारों से नहीं.


-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़