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गुरुवार, सितंबर 10, 2015

आज और शायद कल भी



वुमन एट राइटिंग डेस्क, लैसर ऊरी
Woman at Writing Desk, Lesser Uri

सोच से, पश्चाताप से, टूटी और अब तक अनटूटी 
उम्मीद से भरा,
भरा स्मृतियों से, गर्व से, आधिक्य में छलके 
निजी दुःख से, 

शुरू करती हूँ मैं एक और पन्ना, एक और कविता. 

कितने विचारों से भरा होता है दिन! कभी पहनाती हूँ 
मैं उन्हें शब्दों के जामे, कभी 
काफियों के मिलते-जुलते जूते.

क्या ठाठ भरा जीवन है !

जबकि कहीं कोई किसी रोते हुए चेहरे को चूम रहा है. 
जबकि कहीं औरतें जाग रही हैं रात के दो बजे, निकल 
रही हैं घरों से, मीलों दूर चलकर पानी लाने
जबकि कहीं कोई बम फटने के लिए तैयार हो रहा है.



-- मेरी ओलिवर




Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. 

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, फ़रवरी 10, 2014

वसंत

विज़न, मिकालोयुस चिरलोनियस
Vision, Mikalojus Ciurlionis
और देखो साँप फिर प्रकट हुआ है,
अंधियारे के अपने नीड़ से, 
काली चट्टानों तले स्थित अपनी गुफा से, 
अपनी शीत-मृत्यु से
स्वयं को बाहर खींच लाया है.
वह चीड़ के नुकीले पत्तों पर फिसलता है.
घास के उगते गुच्छों के आस-पास घुमाव
बनाता, वह सूरज की तलाश में है.

लम्बी सर्दियों के बाद धूप कौन नहीं चाहेगा भला?
मै रास्ते से हट जाती हूँ,
वह अपनी लम्बी जिह्वा से हवा को परखता है,
अपनी हड्डियों के चारों ओर वह तेल-सा तरल है,

और पहाड़ी की ढलान उतर
वह बढ़ता है काले शीशे-सी सतह वाले तालाब की ओर.
कल रात ठण्ड कम नहीं थी.
मेरी नींद टूटी तो मैं उठ कर बाहर आँगन में आई थी,
और चाँद भी नहीं था.

बस, वैसे ही खड़ी रही थी मैं, मानो शून्य के जबड़ों में भिंची हुई.
कहीं दूर एक उल्लू बोला था,
और मैंने सोचा था जीसस के बारे में, कि कैसे वह 
दुबका रहा होगा अँधेरे में दो रात,
और पुनः क्षितिज के ऊपर तैर आया होगा. 

कितनी कथाएँ हैं 
जो हैं उत्तरों से कहीं सुन्दर.
मैं साँप के पीछे-पीछे तालाब की ओर चल पड़ती हूँ,
ठोस, कस्तूरी-सी गंध लिए 
वह उम्मीद-सा गोलाकार है.


-- मेरी ओलिवर




Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. 

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, जुलाई 08, 2013

ब्लैकवाटर तालाब पर

द पोंड एट मोँयेरोँ, क्लौद मोने
The Pond at Montgeron, Claude Monet
रात भर की बारिश के बाद 
ब्लैकवाटर तालाब में पानी की हलचल थम चुकी है.
मैं अंजुरी भरती हूँ. बहुत देर तक 
पीती हूँ पानी. उसका स्वाद है 
पत्थर जैसा, पत्तों और आग जैसा. मेरी देह में 
ठंडे सोते-सा गिरता है वह, जगाता है मेरी हड्डियों को. 
अपने भीतर गहरे कहीं सुनती हूँ मैं 
उन्हें फुसफुसाते हुए
ओह यह जो अभी हुआ, इतना दिव्य,
यह क्या था ?


-- मेरी ओलिवर




Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. 

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शुक्रवार, मई 03, 2013

स्वप्न वृक्षों का

ट्रीज़ एंड हाउस, पॉल सेज़ान
Trees and House, Paul Cezanne

कुछ है मुझमें जो वृक्षों का स्वप्न देखा करता था,
एक शांत-सा घर, कुछ हरी-भरी सी भूमि,
हर परेशान करने वाले शहर से ज़रा दूर,
ज़रा दूर कारखानों, स्कूलों, विलापों से.
केवल बहती धाराओं और पंछियों का साथ होगा,
मेरे पास समय होगा, मैं सोचती थी,
और बचेगा भी 
कि मैं रच पाऊं अपने जीवन से कुछ अद्भुत छंद.
और फिर समझ आया,
कि मृत्यु भी ऐसी ही होती है,
हर जगह से बस ज़रा दूर.

कुछ है मुझमें
जो अभी भी देखता है वृक्षों के स्वप्न.
फिर जाने देता है. संयम को तरसते,
दुनिया के आधे कलाकार
खुद को समेट लेते हैं या सब से दूर हो जाते हैं.
अगर मिला है किसी को कोई तोड़,
तो वह सभी को बताये.
इस बीच मैं फिर मोड़ती हूँ अपना मन को उसी विलाप की ओर,
जहाँ, जैसे कि समय विनती करता है हमारी सच्ची सहभागिता की,
हर संकट की धार हमें राह दिखाती है.
मैंने बहुत चाहा कि ऐसा न होता, मगर ऐसा ही है.
किसी सौम्य-से दिन भला किसी ने संगीत रचा है?


-- मेरी ओलिवर





Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. 

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अप्रैल 04, 2013

दुःख का लाभ

रोज़-सन-बॉक्स, थियोडोरस स्टैमोस
Rose-Sun-Box, Theodorus Stamos


जिसे कभी प्रेम करती थी 
उसने मुझे दिया
अन्धकार से भरा एक बक्सा.

वर्षों लग गए
मुझे यह समझ पाने में 
कि यह भी एक उपहार था.


-- मेरी ओलिवर




Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. यह कवितांश उनकी कविता 'डॉगफिश'से है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

बुधवार, मार्च 06, 2013

मैं चाहती थी...

फेयरी टेल, मिकालोयुस चिर्लोनियस
Fairy Tale, Mikalojus Ciurlionis
...मैं चाहती थी
कि मेरा अतीत कहीं चला जाए, मैं चाहती थी
उसे छोड़ देना, किसी बेगाने देश की तरह; मैं चाहती थी
कि मेरा जीवन बंद हो कर, फिर खुल जाए
कब्ज़े की तरह, पंख की तरह, गीत के उस हिस्से
की तरह जहाँ वह गिर जाता है
नीचे पड़े पत्थरों पर: एक विस्फोट, एक खोज;
मैं चाहती थी
अपने जीवन के कार्य में जल्दी आना; मैं जानना चाहती थी,
जो कोई भी मैं थी, मैं

जीवित थी
थोड़ी देर के लिए.

...और मैं चाहती थी
कि मैं प्रेम कर पाऊं. और यह हम सब जानते हैं
ऐसी इच्छाओं का क्या होता है,
नहीं जानते क्या?


-- मेरी ओलिवर


Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. यह कवितांश उनकी कविता 'डॉगफिश'से है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

मंगलवार, फ़रवरी 12, 2013

रहने के लिए इस दुनिया में

रिवर इन द फारेस्ट, आइसाक लेवितान
River in the Forest, Isaac Levitan
हर वर्ष
वह सभी कुछ
जो मैंने सीखा है

अपने जीवनकाल में
यहीं लौटा लाता है: गँवा देने
की ज्वालाओं और उसकी काली नदी के पार
जिसके दूसरे तट पर

मोक्ष है
जिसका अर्थ
हम में से कोई कभी न जान पायेगा.
इस दुनिया में रहने के लिए

तुम्हें होना होगा योग्य
इन तीन क्रियाओं का :
जो नश्वर है उसे से प्रेम करना;
उस को स्वयं से

यूँ चिपटा के रखना
मानो तुम्हारा जीवन उसी पर निर्भर हो,
और, जब समय आए उसे जाने देने का,
उसे जाने देना.



-- मेरी ओलिवर


Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. यह कवितांश उनकी कविता 'द ब्लैकवाटर वूड्ज़'से है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, जनवरी 17, 2013

जंगली बतखें

मैलर्डज़ एंड मून, ओहारा कोसोन
Mallards and Moon, Ohara Koson 
तुम्हें अच्छा होने की आवश्यकता नहीं है.
तुम्हें नहीं है आवश्यकता प्रायश्चित करने के लिए
रेगिस्तान में घुटनों के बल सौ मील चलने की.
तुम्हें केवल करने देना है प्रेम अपनी देह के नर्म
जीव को, उस से जिसे वह प्रेम करता है.
मुझे बताओ अपनी निराशा के बारे में
और मैं तुम्हें अपनी के बारे में बताउंगी.
इस बीच दुनिया आगे बढ़ रही है.
इस बीच सूर्य और बारिश के पारदर्शी पत्थर
चलते जा रहे हैं भूदृश्यों के पार,
घास के मैदानों और गहरे पेड़ों के ऊपर से,
पर्वतों और नदियों पर से.
इस बीच, बहुत ऊपर स्वच्छ नीली हवा में,
जंगली बतखें फिर देश लौट रही हैं.
जो भी तुम हो, चाहे कितने भी अकेले,
स्वयं को भेंट करता है यह संसार
तुम्हारी कल्पना को,
इन जंगली बतखों की तरह बुलाता है तुम्हें,
एक कर्कश और उत्तेजित स्वर में,
बार-बार, बताता है तुम्हें तुम्हारा स्थान
इन सब चीज़ों के परिवार में.


-- मेरी ओलिवर


Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है. यह कविता उनके संकलन 'ड्रीम वर्क' से है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शुक्रवार, नवंबर 16, 2012

पतझड़ गीत

फारेस्ट एज, वैसिली केंडिंस्की
Forest Edge, Wassily Kandinsky

लगभग बीत ही गया है एक और वर्ष, छोड़ गया है 
चारों ओर अपने उत्साही उर्वर अवशेष: बेलें, पत्ते,

अँधेरे सीलन-भरे कोनों में पड़े झुर्रियों वाले 
बिना खाए हुए फल, बीते ग्रीष्म के 

विशेष द्वीप से अपदार्थित होता यह पल, यह 
वर्त्तमान जो और कहीं नहीं,

केवल पैरों के तले है, सड़ता हुआ 
उस अँधेरे भूमिगत महल में,

जहाँ हैं अलक्ष्य रहस्य -- जड़ें और मुहर बंद बीज 
और पानी की घुमक्कड़ी. यह याद रखने का 

प्रयत्न करती हूँ मैं जब समय का परिमाण 
रगड़ कर छीलता है, दुखता है, उदहारण के लिए 

जब पतझड़ जाते-जाते अंत में भड़कता है, 
प्रचंड और हमारी ही तरह 

हमेशा रहने की इच्छा लिए --
कैसे जीता है सबकुछ, हमेशा 

इन क्षणिक चारागाहों में, एक उज्जवल 
दृश्य से  दूसरे की ओर पलटता हुआ.



-- मेरी ओलिवर



Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है..
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शुक्रवार, अक्टूबर 19, 2012

एक हज़ार प्रभात

नाईट, मार्क शगाल
Night,  Marc Chagall 
किसी तरह
रात भर राह बनाता है मन
अनिश्चितताओं की ऊबड़खाबड़
ज़मीन पर,
मगर केवल तभी तक
जब प्रभात से मिलती है रात
और फिर अभिभूत हो जाती है,
गहराने लगता है उजाला
हवा शांत होने लगती है
और करने लगती है केवल प्रतीक्षा,
जैसे कि मैं करती हूँ
(और क्या कभी निराश भी हुई हूँ ?)
लाल पंछी के गीत की.



-- मेरी ओलिवर



Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.. यह कविता उनके संकलन 'अ थाउजेंड मोर्निन्ग्ज़' से है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

बुधवार, जुलाई 11, 2012

मैं ऐसा क्या कह सकती हूँ?

फोरेस्ट , पॉल सेज़ान
Forest, Paul Cezanne
मैं ऐसा क्या कह सकती हूँ
जो मैंने पहले नहीं कहा होगा?
तो मैं एक बार फिर कहती हूँ.
हर पत्ते में एक गीत होता है.
पत्थर का चेहरा सहनशील होता है.
नदी में होती है कभी न अंत होने वाली एक कहानी
और उस में कहीं तुम होते हो
और उसका अंत कभी नहीं होगा
जब तक न हो जाए सब कुछ का अंत.

अपने व्यस्त ह्रदय को कला संग्रहालय ले जाओ
और ले जाओ व्यापार-मण्डल
मगर उसे जंगल में भी ले जाओ.
पत्ते का जो गीत तुमने सुना था
अपने बचपन में
पत्ता वह गीत अभी भी गा रहा है.
मैंने जी लिए हैं, अब तक, चौहत्तर बरस,
और पत्ता अभी भी गा रहा है, गाता जा रहा है.


-- मेरी ओलिवर


Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.. यह कविता उनके संकलन 'स्वैन ' से है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अप्रैल 19, 2012

कवि पर्वत का स्वप्न देखता है

स्टार ऑफ़ द हीरो,
निकोलाई ररीह
Star of the Hero.
Nicholas Roerich
कभी-कभी मैं उकता जाती हूँ 
दिनों से और उनकी मनमौजी चाल से.
मैं चढ़ना चाहती हूँ किसी बूढ़े धूसर पर्वत पर, धीरे-धीरे, 
अपना बाकी का जीवन यूँ ही लगाती, अक्सर सुस्ताती,
सोती चीड़ के पेड़ों के तले, या उनके ऊपर, निर्वस्त्र चट्टानों पर.
जिस आकाश का दम हमने बरसों से घोंट रखा है, 
सब कुछ माफ़ करते हुए, मैं देखना चाहती हूँ 
कि उस में कितने तारे अभी भी बाकी हैं, 
और शांत होना चाहती हूँ,
जानने को जो अंतिम बात है, उसे जानना चाहती हूँ. 
यह सारी अत्यावश्यकता! धरती इसलिए तो नहीं है!
कितने मौन हैं पेड़, उनकी कविता उन्हीं की होती है,
मैं धीमे-धीमे कदम उठाना चाहती हूँ, और सोच ठीक रखना चाहती हूँ..
दस हज़ार सालों में, शायद, पर्वत का एक टुकड़ा गिर जाएगा.


-- मेरी ओलिवर 



Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, जनवरी 28, 2012

उन्मादी कविता

सेल्फ-पोर्ट्रेट विद बोनितो, फरीदा कहलो
Self-Portrait With Bonito, Frida Kahlo

आज फिर मैं अपने आप में नहीं हूँ.
ऐसा बार-बार होता है.
लगता है जैसे कुछ दैवी है.

नीली लहर-सा 
वह बहता है मुझ में.
हरे पत्ते -- तुम शायद मानोगे नहीं --
एक-आध बार 
फूट आये हैं मेरी उँगलियों के पोरों से

कहीं
घने जंगल में 
वसंत के उन्मादी दौरे में.

हालाँकि, बेशक, जानती हूँ मैं वह दूसरा गीत,
एक-ता का वह मधुर आवेश.

अभी कल ही मैंने एक चींटी को रास्ता पार करते देखा, 
नीचे गिरे चीड़ के पत्तों में से राह बनाते.
और मैंने सोचा: 
वह इस जीवन के सिवा कोई दूसरा जीवन कभी नहीं जियेगी.
और मैंने सोचा: 
अगर पूरे जी-जान से वह अपना जीवन जीती है
तो क्या वह अद्भुत रूप से बुद्धिमान नहीं है?
और इस चमत्कारी पहाड़ पर मैं तब तक चढ़ती रही,
गुज़रती रही होकर सब चीज़ों से 
जब तक मैं स्वयं तक न पहुँच गई.

और फिर भी, इन उत्तरीय वनों में भी,
और इन रेत के टीलों पर,
मैं स्वयं की दूसरी खिड़की में से उड़ निकली हूँ 
सफ़ेद बगुला बनने, या फिर नीली व्हेल मछली,
लाल लोमड़ी, या साही.
आह, कितनी बार मेरे तन को पहले ही था 
किसी फूल का तन होने का एहसास!
कितनी बार मेरा मन पहले ही है एक लाल तोता,
घने विचित्र-से पेड़ों के बीच बैठा,
अपने पंख फड़फड़ाता और चिल्लाता हुआ.



-- मेरी ओलिवर 



Mary Oliver  मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, सितंबर 10, 2011

कल रात मुझसे बारिश बोली

लैंडस्केप, पॉल गौगें
Landscape, Paul Gauguin

कल रात 
मुझसे 
बारिश
हौले-से बोली,

कितना आनंद है 
चपल बादल से इस तरह 
गिरते आने में,
धरती पर एक बार फिर 

नई तरह से 
उल्लासित होने में !
लोहे की महक लिए
यही कह रही थी वो,

गिरते-गिरते,
और फिर समुद्र के सपने की तरह 
टहनियों में
और नीचे घास में 

विलीन हो गयी.
फिर सब समाप्त हो गया.
आकाश साफ़ हो गया.
मैं एक पेड़ के नीचे

खड़ी थी.
वह पेड़ 
पुलकित पत्तों वाला पेड़ था,
और उस पल

मैं वही थी जो मैं हूँ,
और आकाश में तारे थे 
जो उस पल वही थे जो वे हैं 
जिस पल 

मेरे दाहिने हाथ ने 
मेरे बाएँ हाथ को पकड़ा हुआ था 
जिसने पेड़ को पकड़ा हुआ था 
जो तारों से और मंद-मंद 

बारिश से भरा हुआ था --
सोचो! सोचो!
उन लम्बी और आश्चर्यजनक 
यात्राओं के बारे में 
जो अभी बाकी हैं हमारी. 



-- मेरी ओलिवर 



Mary Oliver  मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताये    कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, अप्रैल 24, 2011

यात्रा

अ गर्ल इन अ वुड, विन्सेंट वान गोग
A Girl In A Wood, Vincent Van Gogh
एक दिन तुम जान गयी 
कि आखिर तुम्हें करना क्या है
और निकल पड़ी बस. 
आस-पास की आवाज़ें
चिल्ला-चिल्ला कर 
देती रहीं बिन मांगी सलाहें, 
पूरा घर थरथरा उठा, 
पैरों की बेड़ियों ने फिर 
खींचा एक बार,
हर आवाज़ चीख उठी--
मेरे जीवन का क्या?
पर तुम नहीं रुकी. 
तुम जानती थी कि तुम्हें क्या करना है.
तेज़ हवा अपनी सख्त उँगलियों से 
खोदती रही
गहरी उदासी में डूबी तुम्हारी जड़ें.
पहले ही बहुत देर हो चुकी थी 
और तूफानी रात में रास्ता 
पत्थरों और टूटी टहनियों से भरा था.
फिर धीरे-धीरे 
सब आवाज़ें पीछे छूट गयीं. 
बादलों की चादर के पीछे 
तारे फिर जलने लगे 
और चलने लगी तुम्हारे साथ 
एक नयी आवाज़ 
जो तुम्हारी अपनी ही थी. 
और तुम लम्बे डग भरती
दूर तक चलती गयी 
बहुत दूर तक 
ठाने हुए मन से
वह एक चीज़ करने 
जिस पर तुम्हारा बस था   
बस एक जीवन का उद्धार 

-- मेरी ओलिवर 




Mary Oliver  मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताये    कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़