बुधवार, दिसंबर 07, 2011

जहाज़

बैंक ऑफ़ अ लेक इन सेंट्रल पार्क,  विलियम मेरिट चेज़
Bank Of A Lake In Central Park, William Meritt Chase

अंततः
और कुछ नहीं था 
बस था एक बच्चे का खिलौना-जहाज़ 
उस पार्क की झील में ,
जहाँ घूम रही थी मैं तुम्हारे साथ.

मगर मैं बैठ गयी घुटनों के बल 
उसे आते हुए देखने के लिए,
उसकी सफ़ेद पाल 
सुनहरी रोशनी में शर्मीली-सी,
डूबता सूरज 
उसे ऊपर उठाती लहर को
कांसे के रंग में रंगता हुआ,

खुशियों से लदा मेरा जहाज़ 
मानो किनारे लगता हुआ.


-- कैरल एन डफ्फी



कैरल एन डफ्फी ( Carol Ann Duffy )स्कॉट्लैंड की कवयित्री व नाटककार हैं. वे मैनचेस्टर मेट्रोपोलिटन युनिवेर्सिटी में समकालीन कविता की प्रोफ़ेसर हैं. 2009 में वे ब्रिटेन की पोएट लॉरीअट नियुक्त की गईं. वे पहली महिला व पहली स्कॉटिश पोएट लॉरीअट हैं. उनके स्वयं के कई कविता संकलन छ्प चुके हैं. उन्होंने कई कविता संकलनों को सम्पादित भी किया है. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक सम्मान व अवार्ड मिल चुके हैं. सरल भाषा में लिखी उनकी कविताएँ अत्यंत लोकप्रिय हैं व स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा भी हैं. यह कविता उनके 2005 में छपे संकलन ' रैप्चर ' से है, जिसे टी एस एलीअट प्राइज़ मिला था.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़  

सोमवार, दिसंबर 05, 2011

जाड़ों की रात

द स्टॉर्म ओवर द ग्रोव, वैसिली त्रोपिनिन
The Storm Over The Grove, Vasily Tropinin
तूफ़ान अपने होंठ लाता है घर के पास 
और फूँकता है, आवाज़ करता है.
मैं नींद में बेचैन हूँ, पलटता हूँ 
और मूंदी आँखों से पढ़ता हूँ 
तूफ़ान की किताब.

मगर अँधेरे में बच्चे की आँखें फैल जाती
हैं.
और तूफ़ान रिरियाता है बच्चे के लिए.
दोनों को अच्छा लगता है देखना
झूलती लालटेन को.
दोनों अभी बोलने के आधे रास्ते में ही हैं.

तूफानों के हाथ और पंख बच्चों जैसे होते हैं.
कारवाँ भागने लगता है उत्तरी ध्रुव की ओर 
और घर महसूस करता है कीलों के तारामंडल को
जो साथ जोड़े रखता है उसकी दीवारें को.

हमारी मंजिल से ऊपर रात शांत है
( जहाँ सब जा-चुके कदम 
पड़े हैं तालाब में डूबी पत्तियों की तरह)
मगर बाहर रात भयंकर तूफानी है!

एक इस से भी गंभीर तूफ़ान
गहरा रहा है हम सब पर.
वो अपने होंठ लाता है प्राणों के पास 
और फूँकता है, आवाज़ करता है. हमें डर है
हमारे भीतर का सब कुछ उड़ा न ले जाए कहीं.


-- तोमास त्रांसत्रोमर 



                               
तोमास त्रांसत्रोमर ( Tomas Tranströmer )स्वीडन के लेखक, कवि व अनुवादक हैं जिनकी कविताएँ न केवल स्वीडन में, बल्कि दुनिया भर में सराही गयीं हैं. उन्हें 2011 का नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ है. उन्होंने 13 वर्ष की आयु से ही लिखना शुरू कर दिया था. उनके 12 से अधिक  कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं व उनकी कविताएँ लगभग 50 भाषाओँ में अनूदित की गईं हैं. उन्हें अपने लेखन के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए है जिनमे इंटरनैशनल पोएट्री फोरम का स्वीडिश अवार्ड भी शामिल है. वे नोबेल प्राइज़ के लिए कई वर्षों से नामित किये जा रहे थे. लेखन के इलावा वे जाने-माने मनोवैज्ञानिक भी थे, जो कार्य उन्हें स्ट्रोक होने के बाद छोड़ना पड़ा. उनका एक हाथ अभी भी नहीं चलता है, मगर दूसरे हाथ से वे अब भी लिखते हैं. यह कविता उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन ' द हाफ -फिनिश्ड हेवन ' से है.


इस कविता का मूल स्वीडिश से अंग्रेजी में अनुवाद उनके अभिन्न मित्र व अंग्रेजी के प्रख्यात कवि रोबेर्ट ब्लाए ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

शनिवार, दिसंबर 03, 2011

कोई ईश्वर नहीं है

वाज़ विद  फिफ्टीन सनफ्लार्ज़, विन्सेंट वान गोग
Vase With Fifteen Sunflowers, Vincent Van Gogh

कोई ईश्वर नहीं है,
नहीं है कोई निर्देशक,
कोई निर्वाहक नहीं है.
यह दुनिया करती है स्वयं ही
स्वयं को घटित,
नाटक स्वयं को ही खेलता है, 
वाद्य-वृंदा बजाता है स्वयं को.
और अगर किसी के हाथ से 
छूट जाता है वायलिन 
और धड़कना बंद कर देता है उसका हृदय  
वह व्यक्ति 
और उसकी मृत्यु कभी नहीं मिलते:
कुछ नहीं है कांच के पीछे;
दूसरी ओर कुछ नहीं है, केवल आईना है 
जहाँ से मेरा स्वयं का डर 
बड़ी-बड़ी आँखों से देखता है मुझे.
और इस डर के पीछे,
केवल बहुत ध्यान से देखो तो,
दिखती है घास और सूरजमुखी 
स्वयं ही धीरे-धीरे मुड़ते हुए सूरज की ओर
बिना किसी ईश्वर के, निर्देशक के, निर्वाहक के.


-- यान काप्लिन्स्की


Author: Estonian Literary Magazine






यान काप्लिन्स्की ( Jaan Kaplinski )एस्टोनिया के कवि, भाषाविद व दार्शनिक हैं व यूरोप के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं. वे अपने स्वतंत्र विचारों व वैश्विक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं. उनके कई कविता-संग्रह, कहानियां, लेख व निबंध प्रकाशित हो चुके हैं. उन्होंने कई भाषाओँ से कई भाषाओँ में अनुवाद किये है व उनके स्वयं के लेखन का भी कई भाषाओँ में अनुवाद हुआ है. यह कविता उनके संकलन 'ईवनिंग ब्रिनग्ज़ एवरीथिंग बैक ' से है.
इस कविता का मूल एस्टोनियन से अंग्रेजी में अनुवाद फियोना सैम्प्सन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

गुरुवार, दिसंबर 01, 2011

प्रेम का खेल

कपल एंड फिश, मार्क शगाल
Couple And Fish, Marc Chagall

मैं तुम से प्रेम करता हूँ 
मगर नहीं खेलता 
प्रेम का खेल.
मैं तुमसे लड़ता नहीं हूँ 
जैसे कि बच्चे
समुद्र की मछलियों को लेकर,
तुम्हारे लिए लाल मछली,
मेरे लिए नीली.
तुम सारी लाल और नीली मछलियाँ ले लो 
मगर बनी रहो मेरी प्रेमिका.
समुद्र ले लो,
किश्तियाँ ले लो 
ले लो यात्री,
लेकिन बनी रहो मेरी प्रेमिका.
मेरी सारी संपत्ति ले लो 
केवल एक कवि हूँ मैं 
मेरी सारी संपत्ति 
है मेरी कापियों में 
और है 
तुम्हारी प्यारी आँखों में.


-- निज़ार क़ब्बानी



 निज़ारक़ब्बानी ( Nizar Qabbani )सिरिया से हैं व अरबी भाषा के कवियों में उनका विशिष्ट स्थान है. उनकी सीधी सहज कविताएँ अधिकतर प्यार के बारे में हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे क्रन्तिकारी हैं, तो उन्होंने कहा -- अरबी दुनिया में प्यार नज़रबंद है, मैं उसे आज़ाद करना चाहता हूँ. उन्होंने 16 वर्ष की आयु से कविताएँ लिखनी शुरू कर दी थीं, और उनके 50 से अधिक कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी कविताओं को कई प्रसिद्ध अरबी गायकों ने गया है, जिन में मिस्र की बेहतरीन गायिका उम्म कुल्थुम भी हैं, जिनके गीत सुनने के लिए लोग उमड़ पड़ते थे. यह कविता उनके संकलन 'वन हंड्रेड लव लेटर्ज़ ' से है.

इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद बस्सम के.फ्रंगिये व क्लेमनटीना आर. ब्राउन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

मंगलवार, नवंबर 29, 2011

मेरा हाथ

बॉय बाय द वाटर, पॉल गोगें
Boy By The Water, Paul Gauguin

देखो इस पल में 
बीता कल कैसे समाप्त नहीं हुआ 
वह जागृत है हर समय 
कभी प्रतीक्षा न करता हुआ 
अब वह मेरा हाथ है 
मगर वह नहीं जो मैंने पकड़ा था
वह मेरा हाथ नहीं 
मगर वह है जो मैंने पकड़ा था 
वह है, वह जो मैं याद रखता हूँ 
मगर वह कभी 
एकदम वैसा नहीं प्रतीत होता 
कोई और उसे याद नहीं रखता 
एक घर जिसे बहुत समय पहले 
हवा निगल गयी थी 
ईंट की सड़क पर पहियों की आवाज़
एक गायब हो चुके कमरे की ठंडी रोशनी 
रंगबिरंगे पंछी की एक झलक 
एक जीवन और दूसरे के बीच 
वह नदी जो एक बच्चा देखा करता था.


-- डब्ल्यू एस मर्विन

W.S. Merwinडब्ल्यू एस मर्विन ( W S Merwin )अमरीकी कवि हैं व इन दिनों अमरीका के पोएट लॉरीअट भी हैं.उनकी कविताओं, अनुवादों व लेखों के 30 से अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं .उन्होंने दूसरी भाषाओँ के प्रमुख कवियों के संकलन, अंग्रेजी में खूब अनूदित किये हैं, व अपनी कविताओं का भी स्वयं ही दूसरी भाषाओँ में अनुवाद किया है.अपनी कविताओं के लिए उन्हें अन्य सम्मानों सहित पुलित्ज़र प्राइज़ भी मिल चुका है.वे अधिकतर बिना विराम आदि चिन्हों के मुक्त छंद में कविता लिखते हैं.यह कविता उनके संकलन 'द शैडो ऑफ़ सिरिअस ' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

रविवार, नवंबर 27, 2011

भींचे प्राण

ऑटम लैंडस्केप एट डस्क, विन्सेंट वान गोग
Autumn Landscape At Dusk, Vincent Van Gogh

हमने यह झुटपुटा भी खो दिया.
आज शाम जब नीली रात का पर्दा
गिर रहा था दुनिया पर
हमें हाथों में हाथ लिए किसी ने नहीं देखा.

मैंने अपनी खिड़की से देखा है 
दूर पर्वत के शिखरों पर 
सूर्यास्त का उत्सव.

कभी-कभी धूप का एक चिकत्ता 
मेरी हथेली पर सिक्के-सा जला है.

मैंने तुम्हें याद किया 
और प्राण भींच गए उस उदासी में 
जिसे तुम अच्छे से जानती हो.

कहाँ थी तुम उस समय?
और कौन था वहां?
क्या कह रहा था?
क्यों सारा का सारा प्यार अचानक उमड़ आता है मुझ में
तब जब मैं उदास होता हूँ और मुझे लगता है कि तुम दूर हो?

जो हमेशा सांझ में बंद हो जाती थी
वो किताब गिर गयी और मेरा नीला स्वेटर 
एक चोट-खाए कुत्ते-सा लोट गया मेरे पैरों में .

हमेशा, हमेशा तुम लौट जाती हो साँझों में से 
बुतों को मिटाते झुटपुटे की ओर.



-- पाब्लो नेरुदा 



पाब्लो नेरुदा ( Pablo Neruda ) को कौन नहीं जानता. वे चिली के कवि थे.कोलंबिया के महान उपन्यासकार गेब्रिअल गार्सिया मार्केज़ ने उन्हें ' 20 वीं सदी का, दुनिया की सभी भाषाओँ में से सबसे बेहतरीन कवि ' कहा है. 10वर्ष की आयु में उन्होंने कविताएँ लिखनी शुरू की. 19वर्ष की आयु में उनका पहला संकलन 'क्रेपेस्क्युलारियो ' प्रकाशित हुआ और उसके बाद उनकी प्रसिद्द प्रेम कविताएँ ' ट्वेंटी पोएम्ज़ ऑफ़ लव एंड अ सोंग ऑफ़ डेसपैर '. दोनों संकलन खूब सराहे गए और दूसरी भाषाओँ में अनूदित लिए गए. उनकी प्रेम कविताओं की तो सहस्रों प्रतियाँ आज तक बिक चुकी है. उनके पूरे लेखन काल में उनकी 50से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुई और अनेक भाषाओँ में असंख्य अनुवाद हुए. 1971में उन्हें नोबेल प्राइज़ भी प्राप्त हुआ. 
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद डब्ल्यू एस मर्विन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शुक्रवार, नवंबर 25, 2011

असंख्य जीवन

टू सेल्फ पोर्ट्रेट्स एंड सेवेरल डीटेल्ज़, विन्सेंट वान गोग
Two Self Portraits and Several Details, Vincent Van Gogh

असंख्य जीवन बसते हैं हम में.
मैं नहीं जानता, 
जब मैं सोचता हूँ या महसूस करता हूँ,
वह कौन है जो सोचता या महसूस करता है.
मैं केवल वह स्थान हूँ 
जहाँ पर चीज़ें सोची या महसूस की जाती हैं.

एक से अधिक प्राण है मुझ में.
मुझ से भी अधिक मैं.
मैं विद्यमान हूँ, फिर भी, 
हूँ उन सब से उदासीन.
उन्हें मौन कर देता हूँ : मैं बोलता हूँ.

मैं क्या महसूस करता हूँ क्या नहीं
इसकी विरोधी प्रेरणाएं जूझती हैं 
जो मैं हूँ उस में, मगर 
मैं उन्हें अनदेखा कर देता हूँ. 
वे निर्धारित नहीं कर पाती उस मैं को 
जिसे मैं जानता हूँ: मैं लिखता हूँ.


-- फेर्नान्दो पेस्सोआ ( रिकार्दो रेइस)


 फेर्नान्दो पेस्सोआ ( Fernando Pessoa )20 वीं सदी के आरम्भ के पुर्तगाली कवि, लेखक, समीक्षक व अनुवादक थे और दुनिया के महानतम कवियों में उनकी गिनती होती है. यह कविता उन्होंने रिकार्दो रेइस ( Ricardo Reis )के झूठे नाम से लिखी थी. अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने 72 झूठे नामों या हेट्रोनिम् की आड़ से सृजन किया, जिन में से तीन प्रमुख थे. और हैरानी की बात तो यह है की इन सभी हेट्रोनिम् या झूठे नामों की अपनी अलग  जीवनी, दर्शन, स्वभाव, रूप-रंग व लेखन शैली थी. पेस्सोआ  के जीतेजी उनकी एक ही किताब प्रकाशित हुई. मगर उनकी मृत्यु के बाद, एक पुराने ट्रंक से उनके द्वारा लिखे 25000 से भी अधिक पन्ने  मिले, जो उन्होंने अपने अलग-अलग नामों से लिखे थे. पुर्तगाल की नैशनल लाइब्रेरी में इनके सम्पादन का काम आज भी जारी है. यह कविता उनके संकलन 'ओड्ज़' से है.
इस कविता का मूल पोर्त्युगीज़ से अंग्रेजी में अनुवाद रिचर्ड ज़ेनिथ ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़