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| समर ईवनिंग, व्हीट फील्ड विद सेटिंग सन, विन्सेंट वान गोग Summer Evening, Wheat Field with Setting Sun Vincent van Gogh |
हम एक हिलते थरथराते कार्यस्थल में जी रहे हैं
जहाँ समुद्र की गहराइयाँ अचानक खुल सकती हैं --
सीप और टेलिफोन की फुफकार.
तुम सौंदर्य को केवल एक ओर से ही देख सकते हो, जल्दी से.
खेत में लदा घना गेहूं, एक पीली धार में अनेक रंग.
मेरे सर में डोलती व्याकुल छायाएँ वहाँ खिंची चली जाती हैं.
वे गेहूं में घुसना चाहती हैं और सुनहरी होना चाहती हैं.
अँधेरा घिरता है. आधी रात को मैं सोने जाता हूँ.
छोटी नाव बड़ी नाव से निकल अपनी यात्रा आरम्भ करती है.
तुम पानी पर एकदम अकेले बह रहे हो.
समाज के जहाज़ का काला ढांचा दूर, और दूर होता जाता है.
-- तोमास त्रांसत्रोमर
इस कविता का मूल स्वीडिश से अंग्रेजी में अनुवाद उनके कवि रोबेर्ट फुल्टन ने किया है.






