बुधवार, दिसंबर 21, 2011

पहली नज़र में प्यार

ग्रीन लवर्ज़, मार्क शगाल
Green Lovers, Marc Chagall

दोनों को पक्का विश्वास है 
कि प्यार ने उन्हें अचानक ही 
एक दिन मिला दिया.
बहुत खूबसूरत है ऐसी निश्चितता 
मगर अनिश्चितता और भी खूबसूरत है.

चूंकि इस से पहले वे कभी नहीं मिले थे, 
वे आश्वस्त थे कि इस से पहले 
उनके बीच कभी कुछ घटित नहीं हुआ था.
मगर सड़कें, सीढियां, गलियारे --
ये सब क्या कहते हैं?
शायद वे दोनों एक-दूसरे के पास से
लाखों बार गुज़रे हों?

मैं उनसे पूछना चाहती हूँ 
कि क्या उन्हें याद पड़ता है --
किसी घूमने वाले दरवाज़े में
आमने-सामने होंने का एक पल?
शायद भीड़ की जल्दबाजी में कही गई एक " सॉरी " ?
रिसीवर में सुना हुआ एक रूखा-सा " रांग नंबर " ?
मगर मैं जानती हूँ जवाब.
नहीं, उन्हें याद नहीं.

वे सुन कर दंग रह जाएँगे
कि कितने बरस से कर रहा है 
संयोग उन के साथ यह खेल.
नहीं है वह पूरी तरह तैयार अभी 
बनने के लिए उनकी नियति,
वह उन्हें पास लाया, दूर ले गया,
रास्ता रोका उनका 
फिर हंसी दबा कर 
एक तरफ हट गया.

कितने संकेत थे, इशारे थे
चाहे वे उन्हें तब पढ़ नहीं पा रहे थे.
शायद तीन साल पहले
या बस पिछले मंगल को ही 
एक पत्ता उड़ कर गया था
एक कंधे से दूसरे कंधे तक?
कुछ गिरा कर फिर उठा लिया गया था.
कौन जाने, शायद वह गेंद जो खो गयी थी
कहीं बचपन के झुरमुटों में.

दरवाज़ों के दस्ते थे और दरवाजों की घंटियाँ थी 
जहाँ दूसरी के ऊपर
पहली छुअन रखी गयी थी.
कहीं सूटकेस थे साथ-साथ.
एक रात शायद कोई सपना 
जो धुंधला हो गया था सुबह तक.

आखिर हर शुरुआत 
केवल एक उत्तर कथा है, 
और घटनाओं की किताब 
हमेशा अध्-खुली रहती है.


-- वीस्वावा शिम्बोर्स्का



वीस्वावा शिम्बोर्स्का ( Wislawa Szymborska ) पोलैंड की कवयित्री, निबंधकार व अनुवादक हैं. उनकी युवावस्था लगभग संघर्ष में ही बीती -- द्वितीय विश्व-युद्ध और उसके पोलैंड पर दुष्प्रभाव, कम पैसे होने की वजह से पढाई छोड़ देना, छुट-पुट नौकरियां, पोलैंड में साम्यवाद का लम्बा दौर. इस सब के बावजूद उनकी साहित्यिक व कलात्मक गतिविधियाँ जारी रही. उन्होंने अख़बारों व पत्रिकाओं में मूलतः साहित्य  के विषय पर खूब लिखा. उन्होंने बहुत प्रचुरता में नहीं लिखा. उनकी केवल २५० कविताएँ प्रकाशित हुईं. लेकिन उनका काम इतना सराहनीय था की पूरे विश्व में पहचानी जाने लगी. 1996 में उन्हें नोबेल पुरूस्कार से सम्मानित किया गया. उनकी कविताओं व निबंधों का अनेक भाषाओँ में अनुवाद किया गया है.
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रेजी में अनुवाद स्तानिस्वाव बरंजाक व  क्लेर कावानाह ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, दिसंबर 19, 2011

श्रद्धा

लेंथनिंग शैडोज़, विलर्ड मेटकाफ़
Lengthening Shadows, Willard Metcalfe 

श्रद्धा का अर्थ है 
कि कोई देखता है 
ओस की बूँद को या तैरते पत्ते को 
और जानता है 
कि वे हैं, क्योंकि उन्हें होना ही है.
और चाहे तुमने देखे हों सपने,
या आँखें मूँद के मांगी हो मन्नत, 
यह दुनिया फिर भी वही रहेगी जो वह थी,
और नदी फिर भी पत्ते को बहा ले जाएगी.

इस का अर्थ है कि जब नुकीले पत्थर से 
आहत होता है किसी का पैर  
वह जानता है कि पत्थर होते ही हैं
ताकि कर सकें पैरों को आहत.
देखो, देखो वह पेड़ की लम्बी छाया;
और फूलों की और लोगों की छाया भी
धरती पर है पड़ती :
जिसकी कोई छाया नहीं
उस में नहीं है जीवन जीने की शक्ति.


-- चेस्वाफ़ मीवोश 



चेस्वाफ़ मीवोश (Czeslaw Milosz) पोलैंड के प्रसिद्द कवि, लेखक व अनुवादक थे. उनका जन्म लिथुएनिया में हुआ था और वे पांच भाषाएँ जानते थे -- पोलिश, लिथुएनिअन,रशियन, अंग्रेजी व फ्रेंच. द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात,1951 में उन्होंने पोलैंड छोड़ फ्रांस में आश्रय लिया, और 1970 में अमरीका चले गए. वहां वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया में पोलिश साहित्य के प्रोफ़ेसर रहे. उनके 40 से भी अधिक कविताओं व लेखों के संकलन प्रकाशित हुए हैं व कई भाषाओँ में अनूदित किये गए हैं. अन्य कई सम्मानों सहित उन्हें 1980 में नोबेल प्राइज़ भी मिल चुका है.
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रेजी में अनुवाद रोबेर्ट हास व रोबेर्ट पिन्सकी ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

शनिवार, दिसंबर 17, 2011

जंगल में देर रात का एकांत

बर्च फोरेस्ट, कोंसटेनटिन युओन
Birch Forest, Konstantin Yuon

 I 
देह है कार्तिक की पूर्णिमा में नहाते भोज वृक्ष जैसी 
ठन्डे आकाश को छूती.
इन वृक्षों में कोई लालसा नहीं है, 
न भीगी काया, न पत्ते,
केवल हैं ठंडी आग की लपटों-से उठते ये नग्न तने.

II 
पेड़ों में मेरी अंतिम सैर का समय हो गया है. 
भोर होते ही
मुझे लौटना होगा जकड़े हुए खेतों की ओर,
एक आज्ञाकारी धरती के पास.
पेड़ हाथ बढ़ाते रहेंगे पूरी सर्दियाँ यूँ ही.

III 
कितना आनंद है घूमने में इन नग्न वनों में.
चांदनी पत्तों-भरी टहनियों में अटक कर टूटती नहीं है .
पत्ते सब गिरे हुए हैं नीचे, छू रहे हैं भीगी धरती को,
फैला रहे हैं वह खुशबू जो तीतरों को पसंद है.


--- रोबर्ट ब्लाए 



 रोबर्ट ब्लाए ( Robert Bly ) अमरीकी कवि,लेखक व अनुवादक हैं. 36 वर्ष की आयु में उनका पहला कविता संकलन प्रकाशित हुआ, मगर उस से पहले साहित्य पढ़ते समय उन्हें फुलब्राईट स्कॉलरशिप मिला और वे नोर्वे जाकर वहां के कवियों की कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी में करने लगे. वहीं पर वे दूसरी भाषाओँ के अच्छे कवियों से दो-चार हुए - नेरुदा, अंतोनियो मचादो, रूमी, हाफिज़, कबीर, मीराबाई इत्यादि. अमरीका में लोग इन कवियों को नहीं जानते थे. उनके अनेक कविता संग्रह प्रकाशित हुए और उन्होंने खूब अनुवाद भी किया है. अमरीका के वे लोकप्रिय कवि हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिनेसोटा में उनके लिखे 80,000 पन्नों की आर्काइव है, जो उनका लगभग पचास वर्षों का काम है. यह कविता उनके संकलन 'ईटिंग द हनी ऑफ़ वर्डज़ ' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, दिसंबर 15, 2011

मैं तुम्हें चाहता हूँ

द लवर्ज़ हेवन, मार्क शगाल
The Lover's Heaven, Marc Chagall

मैं तुम्हें चाहता हूँ 
जैसे रोटी को नमक के साथ खाना 
जैसे तेज़ बुखार में रात को उठना 
और नल से मुंह लगा कर पानी पीना 
जैसे डाकिए का लाया 
भारी-भरकम पार्सल खोलना 
तेज़ धडकनें लिए, आनंदित, अनिश्चित 
एकदम बिना जाने कि उस में है क्या 
मैं तुम्हें चाहता हूँ 
जैसे हवाईजहाज़ में 
समुद्र के ऊपर से पहली उड़ान भरना 
जैसे मेरे भीतर कुछ आंदोलित होता है 
जब इस्तानबुल में धीरे-से अँधेरा होने लगता है  
मैं तुम्हें चाहता हूँ 
जैसे ईश्वर का आभारी होना
कि हम जीवित हैं.


-- नाज़िम हिकमत




नाज़िम हिकमत ( Nazim Hikmat) तुर्की के कवि , उपन्यासकार व नाटककार थे. उन्हें 28  वर्ष की क़ैद हो गयी थी , इस जुर्म पर कि उनकी कविताएँ पढ़ कर तुर्की सेना विद्रोह करने को प्रेरित होती है. अपना अधिकाँश जीवन उन्होंने जेल में या तुर्की से निर्वासित हो, दूसरे देशों में बिताया. चाहे तुर्की सरकार ने उन्हें खूब तंग किया, तुर्की के लोगों के मन में उनके लिए हमेशा बहुत इज्ज़त रही क्योंकि उनका लिखा लोगों के मन की बात कहता था. उनका देहांत मास्को में हुआ और वे वहीँ दफनाये गए. 1950 में उन्हें नोबेल पीस प्राइज़ प्राप्त हुआ. उनका एक उपन्यास, 4  नाटक व कई कविता संकलन प्रकाशित हुए. उनकी कविताओं का 50 से भी अधिक भाषाओँ में अनुवाद हुआ है. 
इस कविता का मूल तुर्की से अंग्रेजी में अनुवाद फ़तेह अक्गुल ने कियहै.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

मंगलवार, दिसंबर 13, 2011

स्फटिक

अ कपल इन ट्वाईलाइट, मार्क शगाल
A Couple In Twilight, Marc Chagall

बहुत समय हो गया हमें एक-दूसरे को देखे हुए 
और मुझे लगता है
कि मैं तुम्हें भूल रहा हूँ. तुम्हारी स्मृति
दिन-ब-दिन मर रही है मुझ में,
स्मृति तुम्हारे बालों की  
और तुम्हारे आस-पास के सबकुछ की.
अब मैं हर जगह खोज रहा हूँ 
वह जगह जहाँ तुम्हें छोड़ सकूँ 
एक पंक्ति, एक कविता, या स्फटिक चुम्बन 
और इस तरह चला जाऊं.

अगर कोई कब्र तुम्हें समा नहीं लेगी, 
न कोई संगमरमर न स्फटिक का मकबरा --
क्या मुझे हमेशा अपने पास ही रखना होगा तुम्हें 
आधी-मृत और आधी-जीवित?

अगर मैं तुम्हें गिरा देने के लिए कोई गहरी खाई न ढूँढ पाऊं 
मैं ढूँढूँगा कोई मैदान या खेत 
जहाँ तुम्हें हौले-से बिखेर दूंगा
पराग की तरह.

शायद छल-से मैं तुम्हें गले लगा लूँगा --
और कभी न वापिस आने के लिए चला जाऊँगा 
और हम दोनों में से कोई दूसरे को जान नहीं पायेगा.
यह भूलना ही हुआ, हैं ना? 


-- इस्माइल कदारे  








इस्माइल कदारे अल्बेनिया के कवि व लेखक हैं. अब वे अपने उपन्यासों के लिए अधिक जाने जाते हैं मगर पहले अपनी कविताओं से ही पहचाने जाने लगे थे. 2005 में मैन-बुकर  का इंटरनैशनल लिटरेचर प्राइज़ सर्वप्रथम उन्हें ही प्राप्त हुआ था. वे अल्बेनिया के इलावा फ़्रांस में काफी समय व्यतीत करते हैं, और उनकी कविताएँ व उपन्यास फ्रेंच में खूब अनूदित हुए हैं. यहाँ तक कि अंग्रेजी में उनके लेखन का अनुवाद अधिकतर फ्रेंच से किया गया है न की अल्बेनियन से. 40 देशों में उनके किताबें प्रकाशित हुई हैं व 30 भाषाओँ में उनके लेखन का अनुवाद हुआ है. बुकर प्राइज़ सहित उन्हें कई पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं व नोबेल प्राइज़ के लिए वे कई बार नामित किये जा चुके हैं.
इस कविता का मूल अल्बेनियन से अंग्रेजी में अनुवाद एंथनी वेयर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़  

रविवार, दिसंबर 11, 2011

भूखा

पोलर्ड विलोज़ एंड सेटिंग सन, विन्सेंट वान गोग
Pollard Willows And Setting Sun, Vincent Van Gogh



वो बनाता है भूख अपनी किताब में --
सितारे और सड़कें --
और भर देता है पन्ना 
हवा से बने रूमालों से.
                 और हम देखते हैं 
                 कि एक प्यार-भरा सूरज 
                 झपकाता है अपनी पलकें 
                 और हम साँझ देखते हैं.




-- अदुनिस


Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके संकलन 'स्टेज एंड मिरर्र्ज़ ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, दिसंबर 09, 2011

ध्यान

सेलिंग ऑफ़ ग्लाऊचेस्टर , विन्ज्लो होमर
Sailing Off Gloucester, Winslow Homer

क्या मेरा मन सो रहा है?
सपनों की मधु-कोशिकाएँ
क्या शांत हो गई हैं,
वह चक्का जो चलाता है
दिमाग की लाल चक्की 
धीमा, और धीमा हो कर 
रुक गया है, हर खांचा 
अब केवल छाया से भरा है?

नहीं, मेरा मन जागृत है,
पूर्णतया जागृत;
वह ताकता है क्षितिज
खोजता है वह श्वेत पाल, 
सुनता है
एक पुरातन मौन की 
तटरेखा के किनारे किनारे.


-- डान पेटरसन


डान पेटरसन ( Don Paterson ) स्कॉटलैंड के कवि,लेखक  व संगीतकार हैं. वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ सेंट एंड्रूज़ में अंग्रेजी पढ़ाते हैं, लन्दन के प्रकाशक 'पिकाडोर' के लिए पोएट्री एडिटर हैं और एक बेहतरीन जैज़ गिटारिस्ट हैं . अपने पहले कविता संकलन 'निल निल' से ही उन्हें पहचाना जाने लगा व अवार्ड मिलने लगे. अपने संकलन ' गाडज़ गिफ्ट टू विमेन ' के लिए उन्हें टी एस एलीअट प्राइज़ प्राप्त हुआ. उनके एक और संकलन 'लैंडिंग लाईट ' को विटब्रेड पोएट्री अवार्ड व फिर से टी एस एलीअट प्राइज़ प्राप्त हुआ. उन्होंने दूसरी भाषाओँ से अंग्रेजी में बहुत अनुवाद भी किया है जिन में से सबसे उल्लेखनीय स्पेनिश कवि अंतोनियो मचादो व जर्मन कवि रिल्के की रचनाएँ हैं. उन्होंने कई कविता संकलनों का संपादन किया है, नाटक लिखे हैं व विशेष रूप से रेडियो नाटक लिखे हैं. यह कविता उनके संकलन 'आईज ' से है, जिसे  स्पेनिश कवि अंतोनियो मचादो की कविताओं का अनुवाद भी कहा जा सकता है, या कहा जा सकता है की ये कविताएँ, उनकी कविताओं से प्रेरित हैं.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़