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| मूनलाइट इंटीरियर, एडवर्ड हॉपर Moonlight Interior, Edward Hopper |
मैं याद नहीं करता. मैं जो हूँ
वह मुझमें जीवित है तुम्हारे कारण.
जो तुम पीछे छोड़ गए हो,
उन उदास शांत जगहों में
मैं तुम्हें फिर-से नहीं गढ़ता.
तुम्हारी अनुपस्थिति भी
तुम्हारी ऊष्मा से पूर्ण है
और है तुम्हारे ना होने से
अधिक असली.
चाह अक्सर घुमावदार रास्तों से
अनिश्चितता तक जाती है.
क्यों जाने दूँ मैं स्वयं को
जब तुम्हारे भीतर का कुछ
शायद मुझे अब भी छू रहा हो,
हलके से ,
जैसे खिड़की वाली सीट को
छूती है चांदनी.
-- रायनर मरीया रिल्के
इस कविता का जर्मन से अंग्रेजी में अनुवाद जोआना मेसी व अनीता बैरोज़ ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़







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