सोमवार, अक्टूबर 10, 2011

स्कूल और प्रकृति

फील्ड एंड प्लाओमैन एंड मिल, विन्सेंट वान गोग
Field And Ploughman And Mill, Vincent Van Gogh


किसी कस्बे की एक कक्षा में 
ब्लैकबोर्ड पर बना एक वृत्त 
अभी बिगड़ा भी नहीं था 
और शिक्षक की कुर्सी खाली हो चुकी थी
और बच्चे जा चुके थे 
उन में से एक
लहरों पर जहाज़ चलाता है   
दूसरा अकेले ही खेत जोतता है  
और रास्ता घुमावदार होता गया 
एक पंछी ने वहां गिरने दीं
अपने रक्त की गहरी लाल बूँदें.



-- यौं फोलें 




 
यौं फोलें ( Jean Follain ) फ्रांस के कवि, लेखक व मजिस्ट्रेट थे और फ्रेंच के महत्वपूर्ण कवि माने जाते हैं. बहुत समय तक वे दोहरी ज़िन्दगी जीते रहे, एक ओर सरकारी अफसर और दूसरी ओर कवि जो साहित्यिक गोष्ठियों में जाता था, पत्रिकाओं में लेख लिखता था. फिर उन्होंने एक दिन नौकरी छोड़ दी और अनेक देशों का भ्रमण किया. ऐसा लगता था मानो वे नौकरी में गवाएँ साल वापिस अर्जित करना चाहते थे. उनके अनेक कविता व गद्य संकलन प्रकाशित हुए व उनका दूसरी भाषाओँ में अनुवाद भी हुआ. उनकी कविताएँ छोटी, रहस्यमय और लगभग चीनी-जापानी बौद्ध कविताओं-सी लगती है.

इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, अक्टूबर 08, 2011

पूर्वराग

बोट एट अ शोर सन, डेविड बुरल्यूक
Boat At A Shore Sun, David Burliuk

मैं कतराता हूँ उस चीज़ से जो बर्फानी 
तूफ़ान में से रास्ते खरोंचती आती है.
जो आने वाला है उस का एक अंश.
एक भुरभुरी दीवार. 
बिना आँखों का कुछ. कठोर.
एक दांतों भरा चेहरा!
एक दीवार, अकेली. 
या कोई घर है वहां, हालाँकि 
मुझे दिखाई बिलकुल नहीं दे रहा?
भविष्य...
उजड़े घरों की एक सेना आगे बढती हुई 
गिरती बर्फ में 
अपना रास्ता टटोलती हुई.

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दो सत्य एक दूसरे के समीप आते हैं. 
एक भीतर से आता है, दूसरा बाहर से,
और जहाँ वे मिलते हैं
मौका मिलता है 
स्वयं को देख पाने का.

वह आदमी जो ताड़ लेता है कि क्या होने वाला है 
पागलों की तरह चिल्लाता है.
" रुक जाओ!
कुछ भी करो, बस मुझे स्वयं को जानना न हो."

और कहीं एक किश्ती है जो किनारे लगना चाहती है --
वह ठीक यहीं कोशिश कर रही है  -- 
असल में वह अभी लाखों बार कोशिश करेगी.

जंगलों के अंधियारे में से एक आँकुड़ा प्रकट होता है,
खुली खिड़की को भोंकता हुआ अन्दर आ जाता है,
नाच कर जिन के बदन में गर्मी बढ़ रही है 
उन मेहमानों के बीच.



-- तोमास त्रांसत्रोमर 




                               
तोमास त्रांसत्रोमर ( Tomas Tranströmer )स्वीडन के लेखक, कवि व अनुवादक हैं जिनकी कविताएँ न केवल स्वीडन में, बल्कि दुनिया भर में सराही गयीं हैं. उन्हें 2011 का नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ है. उन्होंने 13 वर्ष की आयु से ही लिखना शुरू कर दिया था. उनके 12 से अधिक  कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं व उनकी कविताएँ लगभग 50 भाषाओँ में अनूदित की गईं हैं. उन्हें अपने लेखन के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए है जिनमे इंटरनैशनल पोएट्री फोरम का स्वीडिश अवार्ड भी शामिल है. वे नोबेल प्राइज़ के लिए कई वर्षों से नामित किये जा रहे थे. लेखन के इलावा वे जाने-माने मनोवैज्ञानिक भी थे, जो कार्य उन्हें स्ट्रोक होने के बाद छोड़ना पड़ा. उनका एक हाथ अभी भी नहीं चलता है, मगर दूसरे हाथ से वे अब भी लिखते हैं. यह कविता उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन ' द हाफ -फिनिश्ड हेवन ' से है.

इस कविता का मूल स्वीडिश से अंग्रेजी में अनुवाद उनके अभिन्न मित्र व अंग्रेजी के प्रख्यात कवि रोबेर्ट ब्लाए ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

गुरुवार, अक्टूबर 06, 2011

अभिनय

क्लाउन इन लव, मार्क शगाल
Clown In Love, Marc Chagall

दूसरों के सामने मैं कहता हूँ कि तुम मेरी प्रिय नहीं हो 
और भीतर गहरे कहीं मैं जानता हूँ कि मैं कितना झूठा हूँ
केवल मुश्किलों को हमसे दूर रखने के लिए 
दावा करता हूँ कि कुछ नहीं है हमारे बीच 
और मीठी होते हुए भी, 
मैं नकार देता हूँ प्यार की अफवाहों को 
और अपने सुन्दर इतिहास को खंडहर कर देता हूँ.
मूर्खों कि तरह, मैं स्वयं को निर्दोष घोषित करता हूँ 
अपनी इच्छाओं को मार डालता हूँ, साधू बन जाता हूँ
अपनी सुगंध मिटा देता हूँ, जान-बूझ कर 
तुम्हारी आँखों-बसे स्वर्ग से भाग जाता हूँ 
मसखरी करता हूँ, उस भूमिका में
असफल हो जाता हूँ मेरी प्यारी और लौट आता हूँ 
क्योंकि रात, चाहे कितना भी चाहे, 
अपने तारे नहीं छुपा सकती, 
न ही समुद्र, चाहे जितना भी चाहे, 
छुपा सकता है अपने जहाज़.


-- निज़ार क़ब्बानी


 निज़ार क़ब्बानी ( Nizar Qabbani )सिरिया से हैं व अरबी भाषा के कवियों में उनका विशिष्ट स्थान है. उनकी सीधी सहज कविताएँ अधिकतर प्यार के बारे में हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे क्रन्तिकारी हैं, तो उन्होंने कहा -- अरबी दुनिया में प्यार नज़रबंद है, मैं उसे आज़ाद करना चाहता हूँ. उन्होंने 16 वर्ष की आयु से कविताएँ लिखनी शुरू कर दी थीं, और उनके 50 से अधिक कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी कविताओं को कई प्रसिद्ध अरबी गायकों ने गया है, जिन में मिस्र की बेहतरीन गायिका उम्म कुल्थुम भी हैं, जिनके गीत सुनने के लिए लोग उमड़ पड़ते थे.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद लेना जाय्युसी और डब्ल्यू एस मर्विन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

मंगलवार, अक्टूबर 04, 2011

कोरा कागज़ और समय

बर्निंग द डार्कनेस, निकोलाई ररीह
Burning The Darkness, Nicolas Roerich

कोरा कागज़ और समय : एक को मैं भर रहा हूँ,
दूसरा स्वयं को भरता है.
दोनों कितने समान हैं. दोनों के सामने 
मैं संकोच महसूस करता हूँ और विस्मय से भर जाता हूँ.
किसी ऊंचे चौखट वाले अँधेरे बाड़े में 
कविता जैसे एक भेड़ है.
अशांत-सा महसूस करता हूँ उसके पास जाने में.
दृष्टि बाहर रह जाती है. यहाँ तुम केवल
अपने हाथों के सहारे ही चल सकते हो.
सफ़ेद कागज़. सफ़ेद ऊन. अँधेरे में 
दोनों केवल कुछ ऐसा जो अँधेरा नहीं.
समय प्रत्यक्ष भी है और परोक्ष भी
जैसा कि वह बाहर होता है, पूरी रोशनी में,
जहाँ तुम अपनी दृष्टि छोड़ आये हो.
समय : एक गीला सफ़ेद तौलिया.
कविता टपकती है जब तुम उसे निचोड़ते हो.
एक अँधेरे बाथरूम में वह तौलिया
गर्म पाइप पर सूखता है.


-- यान काप्लिन्स्की


Author: Estonian Literary Magazine






यान काप्लिन्स्की ( Jaan Kaplinski )एस्टोनिया के कवि, भाषाविद व दार्शनिक हैं व यूरोप के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं. वे अपने स्वतंत्र विचारों व वैश्विक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं. उनके कई कविता-संग्रह, कहानियां, लेख व निबंध प्रकाशित हो चुके हैं. उन्होंने कई भाषाओँ से कई भाषाओँ में अनुवाद किये है व उनके स्वयं के लेखन का भी कई भाषाओँ में अनुवाद हुआ है. यह कविता उनके संकलन 'ईवनिंग ब्रिनग्ज़ एवरीथिंग बैक ' से है.
इस कविता का मूल एस्टोनियन से अंग्रेजी में अनुवाद फियोना सैम्प्सन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़                                                                                                                              

रविवार, अक्टूबर 02, 2011

शायद


थिकेट्स, इवान शिशकिन
Thickets, Ivan Shishkin
शायद 
इस दुनिया में 
उस प्यार के सिवाय कोई प्यार नहीं है
जो हम सोचते हैं कि हम पा लेंगे, एक दिन. 

मत रुको
करते रहो यह नृत्य, मेरे प्यार, मेरी कविता
चाहे वह मृत्यु ही क्यों न हो.

मैं सोचता हूँ कि मैं हूँ संगीत का स्वर 
झुकते सरकंडों के बीच लहराता, उठता-गिरता 
मैं पेड़ों के शामियाने तले
धूप के कमरे में घुल-मिल जाता हूँ रोशनी में
मैं छुप जाता हूँ झरनों में कभी 
और कभी उतरता हूँ ढलान उन गहराईयों की 
जो मुझे दिखाई नहीं देती.

आह प्यार -- एक झरना 
थकान की ऊंचाइयों से तिरछा गिरता हुआ.

एक शून्य में से 
जहाँ अर्थ 
भटकते रहते है जंगल में 
प्यार आता है, अनोखा-सा रहता है 
हमारी कल्पना से कहीं चौड़ा, और ऊंचा.

क्या कोई आश्रय है इन अंगारों से ?


-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, सितंबर 30, 2011

अमावस की रात

पार्सनेज गार्डन एट डस्क, विन्सेंट वान गोग
Parsonage Garden At Dusk, Vincent Van Gogh

जितना विश्वास मैं कर सकता हूँ 
तुम उससे भी अँधेरी हो अब 
जिस के पास मैं आया हूँ विवेक नहीं है 

वह अपने खंडन और खरे वादे लिए 
बल्कि है यह अनुपस्थिति
जो मैं समझ नहीं पा रहा 

जब सुनने को कुछ भी नहीं है 
तब भी कुछ सुन रहा हूँ 
जो अंधापन यहाँ था
उस में टटोलता हुआ 

अँधेरे में साथ चलने के बारे में सोचता हुआ.


-- डब्ल्यू एस मर्विन




W.S. Merwinडब्ल्यू एस मर्विन ( W S Merwin )अमरीकी कवि हैं व इन दिनों अमरीका के पोएट लॉरीअट भी हैं.उनकी कविताओं, अनुवादों व लेखों के 30 से अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं .उन्होंने दूसरी भाषाओँ के प्रमुख कवियों के संकलन, अंग्रेजी में खूब अनूदित किये हैं, व अपनी कविताओं का भी स्वयं ही दूसरी भाषाओँ में अनुवाद किया है.अपनी कविताओं के लिए उन्हें अन्य सम्मानों सहित पुलित्ज़र प्राइज़ भी मिल चुका है.वे अधिकतर बिना विराम आदि चिन्हों के मुक्त छंद में कविता लिखते हैं.यह कविता उनके संकलन 'द शैडो ऑफ़ सिरिअस ' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

बुधवार, सितंबर 28, 2011

चांदनी में दूर कहीं...

व्हाईट सेलबोट एट शातू , मोरीस द व्लामिंक
White Sailboat At Chatou, Maurice de Vlaminck

चांदनी में दूर कहीं 
नदी पर एक किश्ती 
चुपचाप तैरती हुई.
कौन-सा रहस्य खोलती है?

नहीं जानता मैं, मगर मेरे 
भीतर के जीव को अचानक 
अजीब-सा लगने लगता है,
और मैं सपने देखता हूँ 
बिना उन सपनों को देखे 
जो मैं देख रहा हूँ.

क्या है यह वेदना
जो घेर लेती है मुझे?
क्या है यह प्यार
जो मैं समझा नहीं पाता?
वह किश्ती है जो आगे बढ़ जाती है 
इस रात मैं जो यहीं रह जाती है.


-- फेर्नान्दो पेस्सोआ



 फेर्नान्दो पेस्सोआ ( Fernando Pessoa )20 वीं सदी के आरम्भ के पुर्तगाली कवि, लेखक, समीक्षक व अनुवादक थे और दुनिया के महानतम कवियों में उनकी गिनती होती है. यह कविता उन्होंने अपने ही नाम से लिखी थी, यह बताना ज़रूरी है क्योंकि अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने 72 झूठे नामों या हेट्रोनिम् की आड़ से सृजन किया, जिन में से तीन प्रमुख थे. और हैरानी की बात तो यह है की इन सभी हेट्रोनिम् या झूठे नामों की अपनी अलग जीवनी, दर्शन, स्वभाव, रूप-रंग व लेखन शैली थी. पेस्सोआ  के जीतेजी उनकी एक ही किताब प्रकाशित हुई. मगर उनकी मृत्यु के बाद, एक पुराने ट्रंक से उनके द्वारा लिखे 25000 से भी अधिक पन्ने  मिले, जो उन्होंने अपने अलग-अलग नामों से लिखे थे. पुर्तगाल की नैशनल लाइब्रेरी में इनके सम्पादन का काम आज भी जारी है. यह कविता उनके संकलन 'सोंगबुक 'से है.
इस कविता का मूल पोर्त्युगीज़ से अंग्रेजी में अनुवाद रिचर्ड ज़ेनिथ ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़