बुधवार, अप्रैल 11, 2012

दोपहर के तीन बजे

ओरेंज ग्रोव, यात्सेक येर्खा
Orange Grove, Jacek Yerka
चौक 
और धधकते संतरे के पेड़,
बड़े-बड़े सूरजों से लदे हुए.

फिर छोटे-से स्कूल से आता शोर -- 
अचानक भर जाती है रूखी-सी हवा 
ठहाकों और चिल्लाहट से -

वह निरंकुश आनंद
जो बसता है निर्जीव शहरों के कोनों में!

और जो कुछ-कुछ हम भी थे 
बीते कल में 
स्वयं में अब भी जीवित पाते हैं,
जैसे इन पुरातन सड़कों के ठीक नीचे 
हो बहती नदी का स्पंदन...


-- डान पेटरसन



 डान पेटरसन ( Don Paterson ) स्कॉटलैंड के कवि,लेखक  व संगीतकार हैं. वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ सेंट एंड्रूज़ में अंग्रेजी पढ़ाते हैं, लन्दन के प्रकाशक 'पिकाडोर' के लिए पोएट्री एडिटर हैं और एक बेहतरीन जैज़ गिटारिस्ट हैं . अपने पहले कविता संकलन 'निल निल' से ही उन्हें पहचाना जाने लगा व अवार्ड मिलने लगे. अपने संकलन ' गाडज़ गिफ्ट टू विमेन ' के लिए उन्हें टी एस एलीअट प्राइज़ प्राप्त हुआ. उनके एक और संकलन 'लैंडिंग लाईट ' को विटब्रेड पोएट्री अवार्ड व फिर से टी एस एलीअट प्राइज़ प्राप्त हुआ. उन्होंने दूसरी भाषाओँ से अंग्रेजी में बहुत अनुवाद भी किया है जिन में से सबसे उल्लेखनीय स्पेनिश कवि अंतोनियो मचादो व जर्मन कवि रिल्के की रचनाएँ हैं. उन्होंने कई कविता संकलनों का संपादन किया है, नाटक लिखे हैं व विशेष रूप से रेडियो नाटक लिखे हैं. यह कविता उनके संकलन 'आईज ' से है, जिसे  स्पेनिश कवि अंतोनियो मचादो की कविताओं का अनुवाद भी कहा जा सकता है, या कहा जा सकता है की ये कविताएँ, उनकी कविताओं से प्रेरित हैं.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, अप्रैल 09, 2012

अप्रैल और मौन

ऐज ऑफ़ वुड, स्प्रिंगटाइम , जोर्ज सरा
Edge of Wood, Springtime, Georges Seurat
वसंत उजड़ा हुआ है.
मखमली काली खाई
बिना कुछ सोचे 
रेंग रही है मेरे साथ-साथ.

दमकते दिख रहे हैं
तो केवल पीले फूल.

अपनी छाया में 
ऐसे ले जाया जा रहा हूँ मैं 
जैसे अपने काले डिब्बे में 
होता है वायलिन.

जो एक बात मैं कहना चाहता हूँ 
ऐसे चमकती है पहुँच से दूर 
जैसे लाला के यहाँ
गिरवी रखी चांदी.


-- तोमास त्रांसत्रोमर 



 तोमास त्रांसत्रोमर ( Tomas Tranströmer )स्वीडन के लेखक, कवि व अनुवादक हैं जिनकी कविताएँ न केवल स्वीडन में, बल्कि दुनिया भर में सराही गयीं हैं. उन्हें 2011 का नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ है. उन्होंने 13 वर्ष की आयु से ही लिखना शुरू कर दिया था. उनके 12 से अधिक  कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं व उनकी कविताएँ लगभग 50 भाषाओँ में अनूदित की गईं हैं. उन्हें अपने लेखन के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए है जिनमे इंटरनैशनल पोएट्री फोरम का स्वीडिश अवार्ड भी शामिल है. वे नोबेल प्राइज़ के लिए कई वर्षों से नामित किये जा रहे थे. लेखन के इलावा वे जाने-माने मनोवैज्ञानिक भी थे, जो कार्य उन्हें स्ट्रोक होने के बाद छोड़ना पड़ा. उनका एक हाथ अभी भी नहीं चलता है, मगर दूसरे हाथ से वे अब भी लिखते हैं. यह कविता उनके संकलन ' द सैड गोंडोला' से है.

इस कविता का मूल स्वीडिश से अंग्रेजी में अनुवाद उनके कवि रोबेर्ट फुल्टन ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

शनिवार, अप्रैल 07, 2012

मुझे लगा मैं मर रहा हूँ...

लवर्ज़ इन ग्रीन, मार्क शगाल
Lovers In Green, Marc Chagall
मुझे लगा मैं मर रहा हूँ, 
कुछ सर्द-सा बहुत करीब था, और 
मैं जानता था कि अपने पूरे जीवन में से, 
मैं केवल तुम्हें पीछे छोड़ आया हूँ 
मेरी धरती के दिन-रात थे तुम्हारे होंठ 
जो स्थापित किया था मेरे चुम्बनों ने 
वो गणराज्य थी तुम्हारी त्वचा. 

उस पल में सब किताबें रुक गयीं,
और दोस्ती,
लगातार एकत्रित किया खज़ाना, वह
पारदर्शी घर जो तुमने और मैंने बनाया था,
सिवाय तुम्हारी आँखों के, सब कुछ छूटता गया.

क्योंकि जिस समय जीवन हमें सताता है, प्रेम 
केवल एक ही लहर ऊंचा होता है दूसरी लहरों से,
ओह मगर जब मृत्यु आकर खटखटाती है द्वार,

उतनी रिक्तता के विरूद्ध होती है केवल तुम्हारी दृष्टि   
विलोपन  के विरूद्ध केवल तुम्हारा उजाला 
परछाइयों को रोक देने के लिए  केवल तुम्हारा प्रेम.


-- पाब्लो नेरुदा 




 पाब्लो नेरुदा ( Pablo Neruda ) को कौन नहीं जानता. वे चिली के कवि थे.कोलंबिया के महान उपन्यासकार गेब्रिअल गार्सिया मार्केज़ ने उन्हें ' 20 वीं सदी का, दुनिया की सभी भाषाओँ में से सबसे बेहतरीन कवि ' कहा है. 10वर्ष की आयु में उन्होंने कविताएँ लिखनी शुरू की. 19वर्ष की आयु में उनका पहला संकलन 'क्रेपेस्क्युलारियो ' प्रकाशित हुआ और उसके बाद उनकी प्रसिद्द प्रेम कविताएँ ' ट्वेंटी पोएम्ज़ ऑफ़ लव एंड अ सोंग ऑफ़ डेसपैर '. दोनों संकलन खूब सराहे गए और दूसरी भाषाओँ में अनूदित लिए गए. उनकी प्रेम कविताओं की तो सहस्रों प्रतियाँ आज तक बिक चुकी है. उनके पूरे लेखन काल में उनकी 50से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुई और अनेक भाषाओँ में असंख्य अनुवाद हुए. 1971में उन्हें नोबेल प्राइज़ भी प्राप्त हुआ. यह कविता उनके संकलन '100 लव सोनेट्स ' से है. यह आठवां सोनेट है .
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीफन टैपस्कोट ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अप्रैल 05, 2012

मैं लिखता हूँ

मैन ड्राइंग और राइटिंग,
विन्सेंट वान गोग
Man Drawing or Writing,
Vincent Van Gogh

मैं लिखता हूँ 
चीज़ों को विस्फोटित करने के लिए; 
सब लेखन एक विस्फोट है
मैं लिखता हूँ
ताकि रोशनी अँधेरे से जीत जाए 
और कविता की विजय हो 
मैं लिखता हूँ
ताकि गेहूँ की डालियाँ मुझे पढ़ें
और पेड़ मुझे पढ़ें 
मैं लिखता हूँ 
ताकि गुलाब मुझे समझे,
और सितारा, और पंछी,
और बिल्ली, मछली, सीपियाँ और कस्तूरा.
मैं लिखता हूँ 
इस दुनिया को बचाने के लिए हलाकू के कुत्ता-दांतों से 
सेनाओं के शासन से 
गैंग के अगुआ के पागलपन से 
मैं लिखता हूँ
औरतों को बचाने के लिए तानाशाहों की कोठरी से 
मुर्दों के शहरों से 
बहुविवाह की प्रथा से 
दिनों की नीरसता से,
औपचारिकता से, दोहराव से.
मैं लिखता हूँ
शब्द को बचाने के लिए न्यायिक जांच से 
कुत्तों द्वारा सूंघे जाने से 
सेंसर की फांसी से 
मैं लिखता हूँ
जिस औरत को प्यार करता हूँ उसे बचाने के लिए 
उन शहरों से जहाँ कविता नहीं है
जहाँ प्रेम नहीं है
कुंठा और निराशा के शहर 
मैं लिखता हूँ उसे एक धुंध-भरा बादल बनाने के लिए 

केवल औरत और लिखना 
बचाते हैं हमें मरने से.


-- निज़ार क़ब्बानी



 निज़ार क़ब्बानी ( Nizar Qabbani )सिरिया से हैं व अरबी भाषा के कवियों में उनका विशिष्ट स्थान है. उनकी सीधी सहज कविताएँ अधिकतर प्यार के बारे में हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे क्रन्तिकारी हैं, तो उन्होंने कहा -- अरबी दुनिया में प्यार नज़रबंद है, मैं उसे आज़ाद करना चाहता हूँ. उन्होंने 16 वर्ष की आयु से कविताएँ लिखनी शुरू कर दी थीं, और उनके 50 से अधिक कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी कविताओं को कई प्रसिद्ध अरबी गायकों ने गया है, जिन में मिस्र की बेहतरीन गायिका उम्म कुल्थुम भी हैं, जिनके गीत सुनने के लिए लोग उमड़ पड़ते थे.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद लेना जाय्युसी और क्रिस्टोफर मिडल्टन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

मंगलवार, अप्रैल 03, 2012

फूलों की दुकान में

फलार मार्केट एट ला मादेलेन, एदुआर कोर्त
Flower Market at La Madeleine, Edouard Cortes
एक आदमी फूलों की दुकान में जाता है
और फूल चुनता है 
फूलवाली फूलों को बाँध देती है 
आदमी जेब में हाथ डालता है
पैसे निकलने के लिए
फूलों की कीमत चुकाने के लिए
अचानक
दिल पर हाथ रखता है
और गिर जाता है

जिस पल वो गिरता है
पैसे ज़मीन पर लुढ़कते हैं
और फिर फूल भी गिरते हैं
उसी समय जब आदमी गिरता है
उसी समय जब पैसे गिरते हैं
और फूलवाली ठगी-सी देखती जाती है
पैसों को जो गिर रहें हैं
फूलों को जो ख़राब हो रहे हैं
आदमी को जो मर रहा है
बेशक ये सब बहुत दुखद है
और कुछ करना चाहिए
फूलवाली को
मगर उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा
वह नहीं जानती
कहाँ से शुरू करे

कितना कुछ करना है
आदमी मर रहा है
फूल ख़राब हो रहे हैं
और ये सिक्के 
ये सिक्के लुढ़क रहे हैं
लुढ़कते जा रहे हैं

-- याक प्रेवेर


 याक प्रेवेर  ( Jacques Prévert )फ़्रांसिसी कवि व पटकथा लेखक थे. अत्यंत सरल भाषा में लिखी उनकी कविताओं ने उन्हें फ्रांस का, विक्टर ह्यूगो के बाद का, सबसे लोकप्रिय कवि बना दिया. उनकी कविताएँ अक्सर पेरिस के जीवन या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के जीवन के बारे में हैं. उनकी अनेक कविताएँ  स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं व प्रसिद्ध गायकों द्वारा गायी गयी  हैं. उनकी लिखी पटकथाओं व नाटकों को भी खूब सराहा गया है. उनकी यह कविता उनके सबसे प्रसिद्द कविता संग्रह 'पारोल' से है.
इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़ 

रविवार, अप्रैल 01, 2012

माथे पर चुम्बन

द किस, ओग्यूस्त रोदें
The Kiss, Auguste Rodin

माथे पर किया चुम्बन -- मिटा देता है दुःख.
मैं तुम्हारा माथा चूमती हूँ.

आँखों पर किया चुम्बन -- उड़ा देता है उनींदापन.
मैं तुम्हारी आँखें चूमती हूँ.

होंठों पर किया चुम्बन -- है पानी पीने जैसा.
मैं तुम्हारे होंठ चूमती हूँ.

माथे पर किया चुम्बन -- मिटा देता है स्मृति.



-- मारीना स्व्ताएवा 


 मारीना स्व्ताएवा ( Marina Tsvetaeva ) बहुत प्रसिद्द रूसी लेखिका व कवयित्री थीं और उनको 20 वीं सदी के बेहतरीन रूसी साहित्यकारों में गिना जाता है. 18 वर्ष की आयु में उनका पहला कविता संकलन 'ईवनिंग एल्बम' प्रकाशित हुआ. वे रूसी क्रांति व उसके बाद मास्को में पड़े अकाल के समय वहीँ थी. क्योंकी वे क्रांति के खिलाफ थी उन्हें निर्वासित कर दिया गया. कई साल वे अपने परिवार के साथ गरीबी की हालत में पेरिस, बेर्लिन्र व प्राग में रहीं. मास्को लौटने के बाद भी उन्हें शक की नज़र से देखा जाता रहा व उनके परिवार को कसी न किसी कारण से सताया जाता रहा, उनकी बेटी कई वर्ष जेल में रहीं, व पति को मार डाला गया. बिना किसी आर्थिक सहारे के व नितांत अकेलेपन में, उन्होंने आत्महत्या कर ली.
इस कविता का मूल रशियन से अंग्रेजी में अनुवाद इल्या कामिन्सकी व यौं वालोंतीन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शुक्रवार, मार्च 30, 2012

निःशब्द दुनिया

द टेलीफोन, तमारा द लेम्पिका
The Telephone, Tamara de Lempicka
ताकि लोग अधिक झांकें 
एक-दूसरे की आँखों में,
और मूक लोग तुष्ट हो जाएँ,
एक प्रयास किया है 
सरकार ने, फैसला लिया है 
कि हर व्यक्ति को मिलेंगे केवल 
एक सौ सरसठ शब्द, हर रोज़.

जब फ़ोन बजता है, बिना हेलो कहे
मैं उसे कान से लगाता हूँ. रेस्तराँ में 
चिकन नूडल सूप की ओर कर देता हूँ इशारा.
खूब ढाल लिया है खुद को मैंने इस नयी चाल में.

देर रात, जब मैं करता हूँ फ़ोन
अपनी दूर-बसती प्रेमिका को 
गर्व से उसे कहता हूँ 
आज मैंने केवल उनसठ खर्च किये
बाकी बचाए हैं तुम्हारे लिए.

जब वो जवाब नहीं देती, मैं जान जाता हूँ 
कि वो अपने सारे शब्द इस्तेमाल कर चुकी है,
तो मैं धीमे-से फुसफुसाता हूँ आई लव यू 
बत्तीस गुणा तीन बार.
फिर दोनों कान से फोन लगाये बैठे रहते हैं
सुनते रहते हैं एक-दूसरे की साँसों की आवाज़.


--  जेफ्फ्री मकडेनिअल 


 जेफ्फ्री मकडेनिअल ( Jeffrey McDaniel ) एक अमरीकी कवि हैं. स्कूल के समय से ही वे साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ने लगे थे. कॉलेज में वे कॉलेज की राष्ट्रिय साहित्य पत्रिका के सम्पादक थे. वे पोएट्री थियेटर व पोएट्री स्लेम जैसी गतिविधियों में भाग लेने लगे. पढाई पूरी करने के बाद उनका सारा समय लेखन, कविता और क्रिएटिव राइटिंग पढ़ाने में व उसे लोकप्रिय बनाने में बीतता है. वे पोएट्री इन कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं और खासकर स्कूली छात्रों को कविता से जोड़ने के प्रयास में रत हैं. यह कविता उनके संकलन 'द फॉरगिवनेस परेड 'से है.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़