शनिवार, अप्रैल 21, 2012

टिपण्णी

आटम लीव्ज़, आइसाक लेवितान
Autumn leaves, Isaac Levitan

जीवन ही एकमात्र रास्ता है
पत्तों से स्वयं को ढँक पाने का,
रेत को देख कर विस्मित होने का,
पंखों पर उड़ान भरने का;

एक कुत्ता होने का
या सहलाने का उसके गुनगुने रोयें;

जो कुछ भी दर्द नहीं है उस में से 
दर्द बता पाने का;

घटनाओं के भीतर घुस जाने का,
मतों में समय गंवाने का,
खोजने का उस गलती को
जिस के होने की संभावना सब से कम है.

यह जीवन एक अनोखा अवसर है 
याद करने के लिए पल-भर को 
वह बातें जो हुई थी
लेम्प के बुझ जाने के बाद;

और चाहे एक ही बार,
पत्थर से ठोकर खाने के लिए,
अंततः एक न एक बारिश में भीग जाने के लिए,

घास में अपनी चाबियाँ खो देने के लिए;
और हवा में उडती चिंगारी का 
अपनी आँखों से पीछा करने के लिए;
और किसी महत्वपूर्ण बात को 
न जानते रहने के लिए.


-- वीस्वावा शिम्बोर्स्का



 वीस्वावा शिम्बोर्स्का ( Wislawa Szymborska ) पोलैंड की कवयित्री, निबंधकार व अनुवादक हैं. उनकी युवावस्था लगभग संघर्ष में ही बीती -- द्वितीय विश्व-युद्ध और उसके पोलैंड पर दुष्प्रभाव, कम पैसे होने की वजह से पढाई छोड़ देना, छुट-पुट नौकरियां, पोलैंड में साम्यवाद का लम्बा दौर. इस सब के बावजूद उनकी साहित्यिक व कलात्मक गतिविधियाँ जारी रही. उन्होंने अख़बारों व पत्रिकाओं में मूलतः साहित्य  के विषय पर खूब लिखा. उन्होंने बहुत प्रचुरता में नहीं लिखा. उनकी केवल २५० कविताएँ प्रकाशित हुईं. लेकिन उनका काम इतना सराहनीय था की पूरे विश्व में पहचानी जाने लगी. 1996 में उन्हें नोबेल पुरूस्कार से सम्मानित किया गया. उनकी कविताओं व निबंधों का अनेक भाषाओँ में अनुवाद किया गया है. 
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रेजी में अनुवाद स्तानिस्वाव बरंजाक व  क्लेर कावानाह ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अप्रैल 19, 2012

कवि पर्वत का स्वप्न देखता है

स्टार ऑफ़ द हीरो,
निकोलाई ररीह
Star of the Hero.
Nicholas Roerich
कभी-कभी मैं उकता जाती हूँ 
दिनों से और उनकी मनमौजी चाल से.
मैं चढ़ना चाहती हूँ किसी बूढ़े धूसर पर्वत पर, धीरे-धीरे, 
अपना बाकी का जीवन यूँ ही लगाती, अक्सर सुस्ताती,
सोती चीड़ के पेड़ों के तले, या उनके ऊपर, निर्वस्त्र चट्टानों पर.
जिस आकाश का दम हमने बरसों से घोंट रखा है, 
सब कुछ माफ़ करते हुए, मैं देखना चाहती हूँ 
कि उस में कितने तारे अभी भी बाकी हैं, 
और शांत होना चाहती हूँ,
जानने को जो अंतिम बात है, उसे जानना चाहती हूँ. 
यह सारी अत्यावश्यकता! धरती इसलिए तो नहीं है!
कितने मौन हैं पेड़, उनकी कविता उन्हीं की होती है,
मैं धीमे-धीमे कदम उठाना चाहती हूँ, और सोच ठीक रखना चाहती हूँ..
दस हज़ार सालों में, शायद, पर्वत का एक टुकड़ा गिर जाएगा.


-- मेरी ओलिवर 



Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

मंगलवार, अप्रैल 17, 2012

आओ एक-दूसरे को छू लें

हियर वी मेक लव, पॉल गोगें
Here We Make Love, Paul Gauguin


आओ एक-दूसरे को छू लें
जब तक हैं हमारे पास हाथ,
हथेलियाँ, बाहें, कुहनियाँ...
आओ दुःख के लिए
एक-दूसरे को प्यार कर लें,
एक-दूसरे को यातना दें, यंत्रणा दें,
कुरूप कर दें, अपंग कर दें,
बेहतर याद रखने के लिए,
बिछड़ने के लिए कम पीड़ा के साथ.



-- वेरा पाव्लोवा



 वेरा पाव्लोवा ( Vera Pavlova ) रूस की सबसे प्रसिद्द समकालीन कवयित्री हैं. उनका जन्म मॉस्कोमें हुआ था. उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की व संगीत के इतिहास विषय में विशेषज्ञता प्राप्त की. कुछ समय बाद ही उनकी कविताएँ प्रकाशित हुई और उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन का आरम्भ किया. उनके 14 कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं व रूस में उनकी किताबें खूब बिकती हैं. उन्होंने चार ओपेरा लिबेरेतोज़ के लिए संगीत लिखा है व कुछ बोल भी. उनकी कविताएँ 18भाषाओँ में अनूदित की गयी हैं. यह तीन कविताएँ उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन 'देयर इज समथिंग टू डिज़ायर' से हैं.
इन कविताओं का मूल रशियन से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीवन सेमूर ने किया है.

इन कविताओं का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, अप्रैल 15, 2012

कविता का आरम्भ

स्टडी ऑफ़ स्काए, सेटिंग सन
यूजीन दलाक्रोआ
Study of Sky, Setting Sun
Eugene Delacroix
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है क्षितिज.
           और दूसरे?          कुछ लोग सोचेंगे कि तुम पुकार हो 
                         दूसरे सोचेंगे कि तुम हो उसकी प्रतिध्वनि.
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है
               
उजाले और अँधेरे की अनुपस्थिति का कारण होना 
जहाँ अंतिम शब्द तुम्हारे पहले होते हैं.
और दूसरे?       कुछ लोग तुम्हें सृजन की झाग की तरह देखेंगे
                          दूसरे सोचेंगे कि तुम हो सृजनकर्ता.
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है लक्ष्य --
                                                  एक चौराहा
                                                  मौन और शब्दों के बीच.


-- अदुनिस


Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके संकलन 'द बुक ऑफ़ सिमिलैरीटीज़ एंड बिगिनिन्ग्ज़ ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, अप्रैल 13, 2012

दुःख किस लिए है?

शीव्ज़ ऑफ़ व्हीट,  विन्सेंट वान गोग
Sheaves of Wheat, Vincent Van Gogh

दुःख किस लिए है? वह एक गोदाम है
रखने के लिए
गेहूं, जौ, मक्का और आँसू.
एक गोल पत्थर पर पैर रख कर 
हम दरवाज़े तक जाते हैं. और गोदाम 
सभी दुःख के पाखियों को चुग्गा देता है.
और मैं अपने आप से कहता हूँ :
अंततः तुम भी दुःख चखोगे? 
आगे बढ़ो, पतझड़ में उल्लासित रहो, 
संयमी रहो, हाँ, स्थिर रहो, शांत ;
या दुखों की घाटी में अपने पंख फैला दो.


--- रोबर्ट ब्लाए 



 रोबर्ट ब्लाए ( Robert Bly ) अमरीकी कवि,लेखक व अनुवादक हैं. 36 वर्ष की आयु में उनका पहला कविता संकलन प्रकाशित हुआ, मगर उस से पहले साहित्य पढ़ते समय उन्हें फुलब्राईट स्कॉलरशिप मिला और वे नोर्वे जाकर वहां के कवियों की कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी में करने लगे. वहीं पर वे दूसरी भाषाओँ के अच्छे कवियों से दो-चार हुए - नेरुदा, अंतोनियो मचादो, रूमी, हाफिज़, कबीर, मीराबाई इत्यादि. अमरीका में लोग इन कवियों को नहीं जानते थे. उनके अनेक कविता संग्रह प्रकाशित हुए और उन्होंने खूब अनुवाद भी किया है. अमरीका के वे लोकप्रिय कवि हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिनेसोटा में उनके लिखे 80,000 पन्नों की आर्काइव है, जो उनका लगभग पचास वर्षों का काम है. यह कविता उनके संकलन 'टर्किश पियर्ज़ इन ऑगस्ट' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

बुधवार, अप्रैल 11, 2012

दोपहर के तीन बजे

ओरेंज ग्रोव, यात्सेक येर्खा
Orange Grove, Jacek Yerka
चौक 
और धधकते संतरे के पेड़,
बड़े-बड़े सूरजों से लदे हुए.

फिर छोटे-से स्कूल से आता शोर -- 
अचानक भर जाती है रूखी-सी हवा 
ठहाकों और चिल्लाहट से -

वह निरंकुश आनंद
जो बसता है निर्जीव शहरों के कोनों में!

और जो कुछ-कुछ हम भी थे 
बीते कल में 
स्वयं में अब भी जीवित पाते हैं,
जैसे इन पुरातन सड़कों के ठीक नीचे 
हो बहती नदी का स्पंदन...


-- डान पेटरसन



 डान पेटरसन ( Don Paterson ) स्कॉटलैंड के कवि,लेखक  व संगीतकार हैं. वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ सेंट एंड्रूज़ में अंग्रेजी पढ़ाते हैं, लन्दन के प्रकाशक 'पिकाडोर' के लिए पोएट्री एडिटर हैं और एक बेहतरीन जैज़ गिटारिस्ट हैं . अपने पहले कविता संकलन 'निल निल' से ही उन्हें पहचाना जाने लगा व अवार्ड मिलने लगे. अपने संकलन ' गाडज़ गिफ्ट टू विमेन ' के लिए उन्हें टी एस एलीअट प्राइज़ प्राप्त हुआ. उनके एक और संकलन 'लैंडिंग लाईट ' को विटब्रेड पोएट्री अवार्ड व फिर से टी एस एलीअट प्राइज़ प्राप्त हुआ. उन्होंने दूसरी भाषाओँ से अंग्रेजी में बहुत अनुवाद भी किया है जिन में से सबसे उल्लेखनीय स्पेनिश कवि अंतोनियो मचादो व जर्मन कवि रिल्के की रचनाएँ हैं. उन्होंने कई कविता संकलनों का संपादन किया है, नाटक लिखे हैं व विशेष रूप से रेडियो नाटक लिखे हैं. यह कविता उनके संकलन 'आईज ' से है, जिसे  स्पेनिश कवि अंतोनियो मचादो की कविताओं का अनुवाद भी कहा जा सकता है, या कहा जा सकता है की ये कविताएँ, उनकी कविताओं से प्रेरित हैं.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, अप्रैल 09, 2012

अप्रैल और मौन

ऐज ऑफ़ वुड, स्प्रिंगटाइम , जोर्ज सरा
Edge of Wood, Springtime, Georges Seurat
वसंत उजड़ा हुआ है.
मखमली काली खाई
बिना कुछ सोचे 
रेंग रही है मेरे साथ-साथ.

दमकते दिख रहे हैं
तो केवल पीले फूल.

अपनी छाया में 
ऐसे ले जाया जा रहा हूँ मैं 
जैसे अपने काले डिब्बे में 
होता है वायलिन.

जो एक बात मैं कहना चाहता हूँ 
ऐसे चमकती है पहुँच से दूर 
जैसे लाला के यहाँ
गिरवी रखी चांदी.


-- तोमास त्रांसत्रोमर 



 तोमास त्रांसत्रोमर ( Tomas Tranströmer )स्वीडन के लेखक, कवि व अनुवादक हैं जिनकी कविताएँ न केवल स्वीडन में, बल्कि दुनिया भर में सराही गयीं हैं. उन्हें 2011 का नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ है. उन्होंने 13 वर्ष की आयु से ही लिखना शुरू कर दिया था. उनके 12 से अधिक  कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं व उनकी कविताएँ लगभग 50 भाषाओँ में अनूदित की गईं हैं. उन्हें अपने लेखन के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए है जिनमे इंटरनैशनल पोएट्री फोरम का स्वीडिश अवार्ड भी शामिल है. वे नोबेल प्राइज़ के लिए कई वर्षों से नामित किये जा रहे थे. लेखन के इलावा वे जाने-माने मनोवैज्ञानिक भी थे, जो कार्य उन्हें स्ट्रोक होने के बाद छोड़ना पड़ा. उनका एक हाथ अभी भी नहीं चलता है, मगर दूसरे हाथ से वे अब भी लिखते हैं. यह कविता उनके संकलन ' द सैड गोंडोला' से है.

इस कविता का मूल स्वीडिश से अंग्रेजी में अनुवाद उनके कवि रोबेर्ट फुल्टन ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़