मंगलवार, मई 01, 2012

टूटा आईना

द स्पेल इज ब्रोकन, जाकोमो बाल्ला
The Spell is Broken, Giacomo Balla

वह जो गाता था बिना रुके 
वह जो नाचता था मेरे मन में 
लड़कपन के उस नन्हे मतवाले ने 
अपने जूते का फीता तोड़ लिया है 
और मेले की सारी दुकाने 
अचानक ढह गयी हैं 
और मेले की इस निस्तब्धता में 
मैंने सुनी तुम्हारी आवाज़
ख़ुशी से छलकती 
टूटती-हुई कोमल आवाज़ 
सूनी, बच्चों जैसी 
दूर से आती 
मुझे पुकारती आवाज़ 
और मैंने अपने दिल पर रख लिया अपना हाथ 
जहाँ खनक रहे थे 
खून में लथपथ 
तुम्हारी सितारों-सी हँसी के 
सात कांच के टुकड़े 


-- याक प्रेवेर


 याक प्रेवेर  ( Jacques Prévert )फ़्रांसिसी कवि व पटकथा लेखक थे. अत्यंत सरल भाषा में लिखी उनकी कविताओं ने उन्हें फ्रांस का, विक्टर ह्यूगो के बाद का, सबसे लोकप्रिय कवि बना दिया. उनकी कविताएँ अक्सर पेरिस के जीवन या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के जीवन के बारे में हैं. उनकी अनेक कविताएँ  स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं व प्रसिद्ध गायकों द्वारा गायी गयी  हैं. उनकी लिखी पटकथाओं व नाटकों को भी खूब सराहा गया है. उनकी यह कविता उनके सबसे प्रसिद्द कविता संग्रह 'पारोल' से है.
इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़ 

रविवार, अप्रैल 29, 2012

पुकारना किसी दूरस्थ जीव को

क्रिएशन ऑफ़ द वर्ल्ड. मिकलोजुस चिर्लोनिअस
Creation of the World, Mikalojus Ciurlionis 

झंकृत हुआ है फिर से वह एक स्वर 
लालसा की तार से 

जो सहसा तानी गयी है दोनों सिरों से 
और कसी गयी है बजाने के लिए 

वह ध्वनि जो नोची गयी है 
एक पंछी के गीत से भले ही वह पंछी 

अब तक शायद वहाँ हो 
जहाँ कोई पुकार नहीं कर सकती 

उसका पीछा 
और वह एक स्वर पुकारता रहता है 

अंतरिक्ष के भी पार और अब सुनाई देता है 
प्राचीन रात में और वहां जाना जाता है

जिस मौन को वह पुकारता है उसके द्वारा
एक मौन पहचाना जाता है


-- डब्ल्यू एस  र्विन 



W.S. Merwinडब्ल्यू एस मर्विन ( W S Merwin )अमरीकी कवि हैं व इन दिनों अमरीका के पोएट लॉरीअट भी हैं.उनकी कविताओं, अनुवादों व लेखों के 30 से अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं .उन्होंने दूसरी भाषाओँ के प्रमुख कवियों के संकलन, अंग्रेजी में खूब अनूदित किये हैं, व अपनी कविताओं का भी स्वयं ही दूसरी भाषाओँ में अनुवाद किया है.अपनी कविताओं के लिए उन्हें अन्य सम्मानों सहित पुलित्ज़र प्राइज़ भी मिल चुका है.वे अधिकतर बिना विराम आदि चिन्हों के मुक्त छंद में कविता लिखते हैं.यह कविता उनके संकलन 'द शैडो ऑफ़ सिरिअस ' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

शुक्रवार, अप्रैल 27, 2012

मत होने दो विलीन इस प्रांजल पल को

ट्रुथ, मिकलोयुस चिर्लोनिय्स
Truth, Mikalojus Ciurlionis

मत होने दो विलीन इस प्रांजल पल को  
निःशब्दता में ठहरने दो दीप्त सोच को 
हालाँकि पन्ना लगभग भर चुका है और लौ थरथराती है अभी तक भी नहीं उठ पाए हैं हम अपने स्तर तक 
अक्ल दाढ़ की तरह विद्या धीरे-धीरे उगती है 
आदमी के कद-माप का निशान अभी भी 
लगाया जाता है एक सफ़ेद दरवाज़े पर बहुत ऊपर 
कहीं दूर से, आती है प्रफुल्लित, एक तुरही और एक गीत की, बिल्ली की तरह सिमटी, स्वयं में एकत्रित आवाज़
जो आगे बढ़ जाता है नहीं गिरता किसी रिक्ति में 
झोंकने वाला अभी भी झोंक रहा है कोयला आग में 
मत होने दो विलीन इस प्रांजल पल को 
किसी शुष्क कठोर वस्तु पर 
तुम्हें सत्य को उकेरना है.


-- आदम ज़गायेव्स्की



आदम ज़गायेव्स्की पोलैंड के कवि, लेखक, उपन्यासकार व अनुवादक हैं. वे क्रैको में रहते हैं मगर इन दिनों वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो में पढ़ाते हैं. वहां एक विषय जो वे पढ़ाते हैं वह है उनके साथी पोलिश कवि चेस्वाफ़ मीवोश की कविताएँ. उनके अनेक कविता व निबंध संकलन छ्प चुके हैं, व अंग्रेजी में उनकी कविताओं व निबंधों का अनुवाद भी खूब हुआ है.
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रजी में अनुवाद रेनाता गोर्च्न्सकी ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

बुधवार, अप्रैल 25, 2012

पेड़

चेस्टनट ट्री इन ब्लोस्सम, विन्सेंट वां गोफ
Chestnut Tree in Blossom, Vincent Van Gogh

पेड़ों पर पत्ते ऐसे फूट रहे हैं 
जैसे कहते-कहते कुछ कहने से रह गया हो;
नई कोंपलें आश्वस्त हो कर पसर जाती हैं,
उनकी हरियाली एक तरह का दुःख है.

क्या इसलिए कि उनका पुनर्जन्म होता है 
और हम बूढ़े होते जाते हैं? नहीं, वे भी मरते हैं,
नए दिखने का उनका यह वार्षिक खेल 
लिखा जाता है उनकी संरचना के वलयों में.

फिर भी, फिर भी हर मई के महीने में
एक पूर्ण घनेपन से उमगते हैं ये अविरत महल  
मानो कह रहे हों, पिछला साल मर चुका,
आओ नए सिरे से शुरू करें, फिर से, फिर से.



-- फिलिप लारकिन



 फिलिप लारकिन ( Philip Larkin )इंग्लैंड के, 20 वीं सदी के दूसरे हिस्से के, महत्वपूर्ण कवियों में से एक माने जाते हैं. ऑक्सफोर्ड से अंग्रेजी साहित्य में पढाई पूरी करने के बाद, उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़  हल में लाइब्रेरियन की नौकरी की. उन 30 सालों के दौरान , उन्होंने अपनी कृति का एक बहुत बड़ा हिस्सा रच डाला. उनका पहला कविता संकलन 'द नोर्थ शिप' 1945  में प्रकाशित हुआ. 1946 में उन्होंने थोमस हार्डी की कविताएँ पढ़ी जिन का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा. हार्डी के साथ-साथ, येअट्स  और औडन की छाप भी उनकी कविताओं पर है. अपने दूसरे संकलन ' द लेस  डीसीवड' से वे कवि के रूप में स्थापित  हो गए. "द विटसन वेडिंग ज़" व "हाई विन्डोज़ " ने कविता की दुनिया में उनका वर्चस्व हो गया. लोगों से मिलना-जुलना उन्हें सख्त नापसंद था व ख्याति की भी कोई इच्छा नहीं थी. 1984  में जब उन्हें पोएट लौरीएट की उपाधि दिए जाने की बात चली, उन्होंने इनकार कर दिया, ये कहते हुए की उनकी म्यूज या उनकी प्रेरक शक्ति ने उनका साथ छोड़ दिया है. 1985 में उनका देहांत हो गया.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, अप्रैल 23, 2012

घास

वुमन सिटिंग इन द ग्रास, विन्सेंट वां गोफ
Woman Sitting in the Grass, Vincent Van Gogh


घास के मैदान.
उनको फूलते देखने का आश्चर्य 
और इतनी सुन्दर घास 
और इतनी तीक्ष्ण चाह.

एक द्रुत अनुक्रम में 
फिसल जाती है दुनिया 
हमारी उँगलियों के बीच से. 



-- विवियान चाम्पी



 विवियान चाम्पी इटली की कवयित्री व अनुवादक हैं. उनका जन्म फ्रांस में लियों में हुआ था. आजकल वे इटली के ज्नोआ शहर में रहती हैं. उन्होंने फ्रेंच से इतालियन में व इतालियन से फ्रेंच में खूब अनुवाद किया है जिस  में दोनों भाषाओं के कवियों व निबंधकारों के पूरे संकलन भी शामिल हैं. उनके इतालियन से फ्रेंच में किये गए असंख्य अनुवाद दुनिया भर की साहित्य पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं. वे 'इकार' व 'फिली द'आकिलोन' नामक दो ऑनलाइन पत्रिकाओं की संपादक हैं व एक कला और संस्कृति आधारित पत्रिका 'प्रोजेत्तो जेउम' की सह-संस्थापक भी हैं. 1998 से वे ज्नोआ के इंटरनैशनल पोएट्री फेस्टिवल से बतौर अनुवादक, इंटरप्रेटर व रीडर जुड़ी हुई हैं. अब तक  उनके 5 कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं. य ह कविता उनके संकलन 'इनचाम्पी' से है.
इस कविता का मूल इतालियन से फ्रेंच में अनुवाद रेमों फारिना ने किया है.
इस कविता का फ्रेंच से हिंदी मे अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, अप्रैल 21, 2012

टिपण्णी

आटम लीव्ज़, आइसाक लेवितान
Autumn leaves, Isaac Levitan

जीवन ही एकमात्र रास्ता है
पत्तों से स्वयं को ढँक पाने का,
रेत को देख कर विस्मित होने का,
पंखों पर उड़ान भरने का;

एक कुत्ता होने का
या सहलाने का उसके गुनगुने रोयें;

जो कुछ भी दर्द नहीं है उस में से 
दर्द बता पाने का;

घटनाओं के भीतर घुस जाने का,
मतों में समय गंवाने का,
खोजने का उस गलती को
जिस के होने की संभावना सब से कम है.

यह जीवन एक अनोखा अवसर है 
याद करने के लिए पल-भर को 
वह बातें जो हुई थी
लेम्प के बुझ जाने के बाद;

और चाहे एक ही बार,
पत्थर से ठोकर खाने के लिए,
अंततः एक न एक बारिश में भीग जाने के लिए,

घास में अपनी चाबियाँ खो देने के लिए;
और हवा में उडती चिंगारी का 
अपनी आँखों से पीछा करने के लिए;
और किसी महत्वपूर्ण बात को 
न जानते रहने के लिए.


-- वीस्वावा शिम्बोर्स्का



 वीस्वावा शिम्बोर्स्का ( Wislawa Szymborska ) पोलैंड की कवयित्री, निबंधकार व अनुवादक हैं. उनकी युवावस्था लगभग संघर्ष में ही बीती -- द्वितीय विश्व-युद्ध और उसके पोलैंड पर दुष्प्रभाव, कम पैसे होने की वजह से पढाई छोड़ देना, छुट-पुट नौकरियां, पोलैंड में साम्यवाद का लम्बा दौर. इस सब के बावजूद उनकी साहित्यिक व कलात्मक गतिविधियाँ जारी रही. उन्होंने अख़बारों व पत्रिकाओं में मूलतः साहित्य  के विषय पर खूब लिखा. उन्होंने बहुत प्रचुरता में नहीं लिखा. उनकी केवल २५० कविताएँ प्रकाशित हुईं. लेकिन उनका काम इतना सराहनीय था की पूरे विश्व में पहचानी जाने लगी. 1996 में उन्हें नोबेल पुरूस्कार से सम्मानित किया गया. उनकी कविताओं व निबंधों का अनेक भाषाओँ में अनुवाद किया गया है. 
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रेजी में अनुवाद स्तानिस्वाव बरंजाक व  क्लेर कावानाह ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अप्रैल 19, 2012

कवि पर्वत का स्वप्न देखता है

स्टार ऑफ़ द हीरो,
निकोलाई ररीह
Star of the Hero.
Nicholas Roerich
कभी-कभी मैं उकता जाती हूँ 
दिनों से और उनकी मनमौजी चाल से.
मैं चढ़ना चाहती हूँ किसी बूढ़े धूसर पर्वत पर, धीरे-धीरे, 
अपना बाकी का जीवन यूँ ही लगाती, अक्सर सुस्ताती,
सोती चीड़ के पेड़ों के तले, या उनके ऊपर, निर्वस्त्र चट्टानों पर.
जिस आकाश का दम हमने बरसों से घोंट रखा है, 
सब कुछ माफ़ करते हुए, मैं देखना चाहती हूँ 
कि उस में कितने तारे अभी भी बाकी हैं, 
और शांत होना चाहती हूँ,
जानने को जो अंतिम बात है, उसे जानना चाहती हूँ. 
यह सारी अत्यावश्यकता! धरती इसलिए तो नहीं है!
कितने मौन हैं पेड़, उनकी कविता उन्हीं की होती है,
मैं धीमे-धीमे कदम उठाना चाहती हूँ, और सोच ठीक रखना चाहती हूँ..
दस हज़ार सालों में, शायद, पर्वत का एक टुकड़ा गिर जाएगा.


-- मेरी ओलिवर 



Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़