![]() | |
पाइन ट्रीज़, काप द'ओंतीब, क्लौद मोने Pine Trees, Cap d'Antibes, Claude Monet |
मेरे विचारों को, ओ पेड़ों,
इस तरह झुक कर उस सड़क पर जहाँ
मैं चल रहा हूँ इस गर्मियों के आखिर की शाम
जब तुम में से हर एक है एक खड़ी ढाल की सीढ़ी
जिससे रात नीचे उतर रही है.
पत्ते है मेरी माँ के होंठों जैसे,
हमेशा कांपते हुए, निर्णय करने में असमर्थ,
क्योंकि आज ज़रा हवा चल रही है,
और यह है कुछ आवाजें सुनने जैसा
या है दबी हुई हंसी से भरे हुए मुंह जैसा
जिसमे हम सब समा सकें एक बड़ा अँधेरा मुंह
अचानक एक हथेली से ढका हुआ.
सब शांत है. किसी और शाम
की रोशनी आगे टहल रही है,
बहुत समय पहले की शाम लम्बी ड्रेसों वाली,
नुकीले जूतों वाली, चांदी के सिगरेट-केस वाली.
आनंदित मन, तुम गहराते सायों में
जल्दी-जल्दी उन का पीछा करते हुए
कितने बोझिल कदम उठाते हो.
ऊपर आकाश अभी भी नीला है
रात के पंछी उन बच्चों की तरह हैं
जो भोजन के लिए नहीं आयेंगे.
स्वयं को गीत सुनाते खोये हुए बच्चे.
-- चार्लज़ सिमिक
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

.jpg!Blog.jpg)

नाओमी शिहाब नाए ( Naomi Shihab Nye )एक फिलिस्तीनी-अमरीकी कवयित्री, गीतकार व उपन्यासकार हैं. वे बचपन से ही कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. फिलिस्तीनी पिता और अमरीकी माँ की बेटी, वे अपनी कविताओं में अलग-अलग संस्कृतियों की समानता-असमानता खोजती हैं. वे आम जीवन व सड़क पर चलते लोगों में कविता खोजती हैं. उनके 7 कविता संकलन और एक उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक अवार्ड व सम्मान प्राप्त हुए हैं. उन्होंने अनेक कविता संग्रहों का सम्पादन भी किया है. यह कविता उनके संकलन " रेड सूटकेस " से है. 

