शनिवार, सितंबर 01, 2012

क्या तुमने कभी सोचा...

सेलिंग बोट्स, मिकालोयुस चिर्लोनियस
Sailing Boats, Mikalojus Ciurlionis
क्या तुमने कभी सोचा
कि हम कहाँ जा रहे हैं
नावें जानती हैं कि वे किस ओर बह रही हैं,
मछलियाँ जानती हैं कि वे कहाँ तैर रही हैं,
पंछी जानते हैं कि वे किस ओर उड़ रहे हैं
फिर भी हम पानी में छटपटाते हैं
मगर डूबते नहीं
हम पहनते हैं यात्रा के कपड़े
मगर यात्रा नहीं करते
हम पत्र लिखते हैं
मगर उन्हें भेजते नहीं
हम टिकट खरीदते हैं
जाने वाले सभी जहाज़ों का
मगर एअरपोर्ट में ही रह जाते हैं
तुम और मैं
हम दुनिया के सबसे कायर यात्री हैं.


-- निज़ार क़ब्बानी



 निज़ार क़ब्बानी ( Nizar Qabbani )सिरिया से हैं व अरबी भाषा के कवियों में उनका विशिष्ट स्थान है. उनकी सीधी सहज कविताएँ अधिकतर प्यार के बारे में हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे क्रन्तिकारी हैं, तो उन्होंने कहा -- अरबी दुनिया में प्यार नज़रबंद है, मैं उसे आज़ाद करना चाहता हूँ. उन्होंने 16 वर्ष की आयु से कविताएँ लिखनी शुरू कर दी थीं, और उनके 50 से अधिक कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी कविताओं को कई प्रसिद्ध अरबी गायकों ने गया है, जिन में मिस्र की बेहतरीन गायिका उम्म कुल्थुम भी हैं, जिनके गीत सुनने के लिए लोग उमड़ पड़ते थे.यह कविता उनके संकलन "वन हंड्रेड लव लेटर्ज़"से है .
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद बस्सम के फ्रंगिया ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अगस्त 30, 2012

भाषा

स्ट्रीट लाईट, जिअक्मो बाल्ला
Street Light, Giacomo Balla


कुछ शब्द हैं जिन्हें हम अभी जानते हैं जो हम कभी दोबारा इस्तेमाल नहीं करेंगे, और जिन्हें हम कभी भूल नहीं पायेंगे. हमें उनकी आवश्यकता है. चित्र के पिछली तरफ की तरह. हमारी मज्जा के तरह, और हमारी शिराओं में बहते रंग की तरह. हम उन पर रोशनी डालते हैं अपनी नींद की लालटेन से, सुनिश्चित करने के लिए, और वे वहाँ होते हैं, क़यामत के दिन के लिए अभी से काँपते हुए. वे हमारे साथ ही दफनायें जायेंगे, और ऊपर उठ जायेंगे बाकी सब के साथ.


-- डब्ल्यू एस मर्विन 



W.S. Merwin डब्ल्यू एस मर्विन ( W S Merwin )अमरीकी कवि हैं व इन दिनों अमरीका के पोएट लॉरीअट भी हैं.उनकी कविताओं, अनुवादों व लेखों के 30 से अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं .उन्होंने दूसरी भाषाओँ के प्रमुख कवियों के संकलन, अंग्रेजी में खूब अनूदित किये हैं, व अपनी कविताओं का भी स्वयं ही दूसरी भाषाओँ में अनुवाद किया है.अपनी कविताओं के लिए उन्हें अन्य सम्मानों सहित पुलित्ज़र प्राइज़ भी मिल चुका है.वे अधिकतर बिना विराम आदि चिन्हों के मुक्त छंद में कविता लिखते हैं.यह कविता उनके संकलन 'द बुक ऑफ़ फेब्ल्ज़' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

मंगलवार, अगस्त 28, 2012

बारिश

लैंडस्केप, पॉल गौगैं
Landscape, Paul Gauguin 
आखिरकार दोपहर रोशन हो ही गई
क्योंकि बारिश होने लगी है अचानक,
नन्हीं-नन्हीं बूँदें.
होने लगी है या हुई थी. निस्संदेह,
बारिश वही है जो अतीत में होती है.

जिसने उसे गिरते हुए सुना है,
उसने वापिस पा लिया है वह समय
जब एक आकस्मिक आनंद ने उसके समक्ष
प्रत्यक्ष किया था एक फूल,
जिसका नाम था गुलाब,
और उसकी रंगत की अनोखी लालिमा.

यह बारिश जो खिड़की के शीशों को
धुँधला देती है
अवश्य करेगी हर्षित नगर के खो चुके टोलों में
बेल पर लटके काले अंगूरों को

उस आँगन में जो अब नहीं है. और यह भीगी
दोपहर लौटा लाती है वह स्वर
मेरे पिता का वह इच्छित स्वर
मेरे पिता जो लौट आते हैं और जो मृत नहीं हैं.


-- होर्खे लुईस बोर्खेस 


Jorge Luis Borges होर्खे लुईस बोर्खेस ( Jorge Luis Borges ) अर्जन्टीना के लेखक, कवि व अनुवादक थे. वे 20 वीं सदी के प्रमुख लेखकों में गिने जाते हैं. वे अपनी कहानियों व निबंधों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्द हैं. 1961 से पहले, जब उन्हें व सैम्युएल बेक्केट को एक साथ फोर्मनटर प्राइज़ मिला था, वे केवल अर्जन्टीना में ही अधिक जाने जाते थे. उसके बाद से, उनके लेखन का अंग्रेजी में खूब अनुवाद हुआ और वे दुनिया भर में सराहे गए. उनकी कहानियों में फंतासी व सपनों की दुनिया खूब मिलती है. अन्य सम्मानों सहित उन्हें सेर्वोंत प्राइज़ व फ़्रांस का लेजियन ऑफ़ ओनर भी प्राप्त हुआ था. यह कविता उन के संकलन 'ड्रीमटाइगरज़ ' से है.
इस कविता का स्पैनिश से अंग्रेजी में अनुवाद हैरोल्ड मोर्लैंड ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, अगस्त 26, 2012

एक यात्रा

अ वाक -- फालिंग लीव्ज़, विन्सेंट वान गोग
A Walk -- Falling Leaves, Vincent Van Gogh
एक यात्रा जारी रहती है जब तक वह रूकती नहीं
एक यात्रा जो रुक जाती है वह यात्रा नहीं रहती
एक यात्रा रास्ते में चीज़ें खो देती है
एक यात्रा चीज़ों में से गुज़रती है, चीज़ें उस में से
एक यात्रा जब समाप्त हो जाती है, वह एक जगह में खो जाती है
एक यात्रा जब याद करती है, वह एक डायरी शुरू करती है
जो एक नई यात्रा है एक पुरानी यात्रा के बारे में
समय के पार की गई यात्रा अलग होती है समय के भीतर की गई यात्रा से
एक वास्तविक यात्रा भविष्य में ही हो सकती है
एक विचारात्मक यात्रा अतीत में ही की जाती है

एक यात्रा हमेशा जिस स्थान से आरम्भ होती है वह है यहाँ
अपना सामान बाँधो और कल्पना करो अपनी यात्रा की
अपना सामान खोलो और कल्पना करो की तुम्हारी यात्रा हो गई

अगर तुम यात्रा करने से डरते हो, तो जूते मत खरीदना


--  मार्क स्ट्रैन्ड


  मार्क स्ट्रैन्ड ( Mark Strand )एक अमरीकी कवि, लेखक व अनुवादक हैं. 1990 में वे अमरीका के 'पोएट लौरेएट ' थे. वे कई जाने-माने विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी पढ़ा चुके हैं और आजकल  कोलम्बिया  युनिवेर्सिटी में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं. उन्हें 'पुलित्ज़र प्राइज़ ' सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं. अब तक उनकी कविताओं, लेखों व अनुवादों के 30 से भी अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं. यह कवितांश उनकी कविता 'जर्नी' से है, जो उनके संकलन 'चिकन, शैडो, मून एंड मोर' से है.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, अगस्त 24, 2012

जल्लाद

एग्ज़िक्युशनर, वैसिली सुरिकोव
Executioner, Vasily Surikov
"अगर तुम चाहो, तो हम मुस्कुरा कर बिछुड़ सकते हैं,
या तुम थोड़ा रो सकती हो, अगर तुम चाहो."
दुनिया का एकमात्र पेशा जो है
केवल पुरुषों के लिए : जल्लाद.
क्या सब ठीक से किया गया है:
फैसला विधिवत रूप से सुनाया गया है,
तख्ता आरामदेह है, अच्छे-से लगाया है,
कुल्हाड़ा खूब तेज़ है?



-- वेरा पाव्लोवा 



 वेरा पाव्लोवा ( Vera Pavlova ) रूस की सबसे प्रसिद्द समकालीन कवयित्री हैं. उनका जन्म मॉस्कोमें हुआ था. उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की व संगीत के इतिहास विषय में विशेषज्ञता प्राप्त की. कुछ समय बाद ही उनकी कविताएँ प्रकाशित हुई और उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन का आरम्भ किया. उनके 14 कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं व रूस में उनकी किताबें खूब बिकती हैं. उन्होंने चार ओपेरा लिबेरेतोज़ के लिए संगीत लिखा है व कुछ बोल भी. उनकी कविताएँ 18भाषाओँ में अनूदित की गयी हैं. यह कविता उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन 'देयर इज समथिंग टू डिज़ायर' से है.
इस कविता का मूल रशियन से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीवन सेमूर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

बुधवार, अगस्त 22, 2012

धुआँ

द विलेज, मॉरीस द व्लैमिंक
The Village, Maurice de Vlaminck
अत्यधिक शोक-गीत. अत्याधिक स्मृति.
सूखी घास की सुगंध और एक सफ़ेद बगुला
हिचकिचाता हुआ-सा एक खेत के पार उड़ता है.
जो मर चुके हैं उन्हें छुपाना हमें आता है.
हम उन्हें मारना नहीं चाहते.
मगर उजाले के प्रबल पल
बच निकलते हैं हमारे मन्त्रों से.
मेरे कमरे में सपनों का ढेर लगा हुआ है
जैसे किसी घुटन भरी पूर्वी दूकान में
लगा होता है कालीनों का ऊँचा ढेर और
अब नई कविताओं के लिए कोई स्थान नहीं है.
छोटी हिरनिया अब भाग नहीं जाती,
भविष्यवाणी करने का प्रयास करती है.
अब कोई देवताओं की भक्ति नहीं करता.
एक क्रुद्ध प्रार्थना अधिक सशक्त है.
नीम्बू के फूल. एक खुला घाव.
निम्नस्थ कस्बों से ऊपर धुआँ उठता है
और एक शान्ति हमारे घरों में प्रवेश करती है;
हमारे घर पूर्णता से भर जाते हैं.


-- आदम ज़गायेव्स्की


 आदम ज़गायेव्स्की पोलैंड के कवि, लेखक, उपन्यासकार व अनुवादक हैं. वे क्रैको में रहते हैं मगर इन दिनों वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो में पढ़ाते हैं. वहां एक विषय जो वे पढ़ाते हैं वह है उनके साथी पोलिश कवि चेस्वाफ़ मीवोश की कविताएँ. उनके अनेक कविता व निबंध संकलन छ्प चुके हैं, व अंग्रेजी में उनकी कविताओं व निबंधों का अनुवाद भी खूब हुआ है.
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रजी में अनुवाद क्लेयर कवान्नाह ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, अगस्त 20, 2012

बच्चा जो हँसता है सड़क पर

प्रोफाइल एंड रेड चाइल्ड, मार्क शगाल
Profile and Red Child, Marc Chagall

बच्चा जो हँसता है सड़क पर
गीत जो अचानक सुनाई दे जाता है,
बेहूदा चित्र, नग्न प्रतिमा,
असीम कृपा -- 

ये सब कहीं अधिक है 
उस तर्क से 
जो बुद्धि ने थोपा है चीज़ों पर,
और इस सब में है कुछ-कुछ प्यार,
चाहे यह प्यार बोल नहीं सकता.



-- फेर्नान्दो पस्सोआ 



 फेर्नान्दो पेस्सोआ ( Fernando Pessoa )20 वीं सदी के आरम्भ के पुर्तगाली कवि, लेखक, समीक्षक व अनुवादक थे और दुनिया के महानतम कवियों में उनकी गिनती होती है. यह कविता उन्होंने अपने ही नाम से लिखी थी, यह बताना ज़रूरी है क्योंकि अपने पूरे जीवन काल में उन्होंने 72 झूठे नामों या हेट्रोनिम् की आड़ से सृजन किया, जिन में से तीन प्रमुख थे. और हैरानी की बात तो यह है की इन सभी हेट्रोनिम् या झूठे नामों की अपनी अलग जीवनी, दर्शन, स्वभाव, रूप-रंग व लेखन शैली थी. पेस्सोआ  के जीतेजी उनकी एक ही किताब प्रकाशित हुई. मगर उनकी मृत्यु के बाद, एक पुराने ट्रंक से उनके द्वारा लिखे 25000 से भी अधिक पन्ने  मिले, जो उन्होंने अपने अलग-अलग नामों से लिखे थे. पुर्तगाल की नैशनल लाइब्रेरी में इनके सम्पादन का काम आज भी जारी है. यह कविता उनके संकलन 'सोंगबुक 'से है.
इस कविता का मूल पोर्त्युगीज़ से अंग्रेजी में अनुवाद रिचर्ड ज़ेनिथ ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़