शनिवार, अक्टूबर 22, 2011

प्यार में एक स्त्री

द गर्ल एंड द रोज़ेज़, मार्क शगाल
The Girl And The Roses, Marc Chagall

वो रही मेरी खिड़की.
अभी-अभी मेरी नींद इतने हलके-से खुली,
मुझे लगा मैं बहती जा रही हूँ.
कहाँ तक फैला है मेरा जीवन
और रात कहाँ से शुरू हो जाती है?

मैं मान सकती थी कि

जो कुछ भी मेरे आस-पास है
सब मैं ही हूँ,
स्फटिक की तरह पारदर्शी,
स्फटिक की गहराईयों की तरह 

अँधेरा और शांत.

मैं अपने अन्दर समा सकती थी

सारे के सारे तारे; इतना विशाल
है मेरा मन, इतनी ख़ुशी-ख़ुशी
फिर-से जाने दिया उसने, उसे

जिसे मैं शायद चाहने लगी हूँ,

शायद थामने.
अपरिचित और अकल्पित ,
मेरा भाग्य मेरी ओर पलटता है.

मैं क्या हूँ? इस विशालता में

इस तरह रखी हुई ,
जो आती-जाती हवा से हिलता है,
उस घास भरे मैदान-सी महकी हुई.

पुकारती हुई, मगर इस डर के साथ

कि मेरी पुकार सुन ली जाएगी,
और होगी निर्धारित
डूब जाने के लिए
किसी दूसरे के जीवन में.





 -- रायनर मरीया रिल्के 




रायनर मरीया रिल्के ( Rainer Maria Rilke ) जर्मन भाषा के सब से महत्वपूर्ण कवियों में से एक माने जाते हैं. वे ऑस्ट्रिया के बोहीमिया से थे. उनका बचपन बेहद दुखद था, मगर यूनिवर्सिटी तक आते-आते उन्हें साफ़ हो गया था की वे साहित्य से ही जुड़ेंगे. तब तक उनका पहला कविता संकलन प्रकाशित भी हो चुका था. यूनिवर्सिटी की पढाई बीच में ही छोड़, उन्होंने रूस की एक लम्बी यात्रा का कार्यक्रम बनाया. यह यात्रा उनके साहित्यिक जीवन में मील का पत्थर साबित हुई. रूस में उनकी मुलाक़ात तोल्स्तॉय से हुई व उनके प्रभाव से रिल्के का लेखन और गहन होता गुया. फिर उन्होंने पेरिस में रहने का फैसला किया जहाँ वे मूर्तिकार रोदें के बहुत प्रभावित रहे.यूरोप के देशों में उनकी यात्रायें जारी रहीं मगर पेरिस उनके जीवन का भौगोलिक केंद्र बन गया. पहले विश्व युद्ध के समय उन्हें पेरिस छोड़ना पड़ा, और वे स्विटज़रलैंड में जा कर बस गए, जहाँ कुछ वर्षों बाद ल्यूकीमिया से उनका देहांत हो गया. कविताओं की जो धरोहर वे छोड़ गए हैं, वह अद्भुत है. यह कविता उनके संकलन 'न्यू पोएम्ज़ ' से है.
इस कविता का जर्मन से अंग्रेजी में अनुवाद जोआना मेसी व अनीता बैरोज़ ने किया है. 
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अक्टूबर 20, 2011

फूल

फ्लार बुके, मार्क शगाल
Flower Bouquet, Marc Chagall

पत्थर.
हवा में वह पत्थर, जिसका मैंने पीछा किया था.
तुम्हारी आँख, पत्थर की तरह नेत्रहीन.

हम
हाथ थे.
हमने अँधेरे को उलीच कर खाली कर दिया था,
हमें मिला था वह शब्द 
जो गर्मियों से ऊपर कहीं आरोहित होता था:
फूल.

फूल -- एक नेत्रहीन व्यक्ति का शब्द 
तुम्हारी आँख और मेरी:
देती हैं पानी.

वृद्धि.
दिल की दीवारों पर दीवारें 
जोडती जाती हैं अपनी पंखुडियां.

इस शब्द जैसा एक शब्द और, 
और हथौड़े 
पड़ने लगेंगे खुली धरती पर.


-- पाउल चेलान












पाउल चेलान ( Paul Celan) कवि व अनुवादक थे. हालाँकि वे रोमानिया के एक यहूदी परिवार से थे, जर्मन उन्होंने बचपन से ही पढ़ी थी और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वे जर्मन भाषा के प्रमुख कवियों में गिने जाने लगे. नाजियों के हाथों उन्होंने, उनके परिवार ने व देशवासियों ने बहुत अत्याचार सहे, मगर विडंबना थी कि उनके पास अपने आततायियों की जर्मन भाषा ही थी जिस में वे खुद को व्यक्त कर सकते थे. यहूदियों के विध्वंस का उन पर बहुत गहरा असर पड़ा और उनकी कविताओं की भाषा मैं ही बदलाव आ गया.उनकी कविताओं का अंग्रेजी में बहुत बार अनुवाद हुआ है.
ये कविता उनके संकलन 'ग्लोट्टल स्टॉप' से है जिसका जर्मन से अंग्रेजी में अनुवाद निकोलई पोपोव व हेदर मकह्युग्ज़ ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़


मंगलवार, अक्टूबर 18, 2011

गीत और कहावतें

स्नो कवर्ड फील्ड्ज़ इन आर्ल, विन्सेंट वान गोग
Snow Covered Fields In Arles, Vincent Van Gogh

1
किसी से बात करना,
तो पहले पूछना सवाल,
फिर -- सुनना.

2
यह हमारा नर्गिस 
आईने में अपना चेहरा देख नहीं सकता 
क्योंकि वह स्वयं ही बन गया है आईना.

3
ढूंढो अपने दूसरे अर्धांश को 
जो हमेशा चलता है तुम्हारे साथ
और अक्सर वो होता है जो तुम नहीं हो.

4
पानी अच्छा है, प्यास भी;
छाया अच्छी है, धूप भी;
रोज़मेरी का शहद 
और शहद खाली खेतों का.

5
जागो, कवियों:
प्रतिध्वनियों का अंत होने दो, 
होने दो आवाजों का आरम्भ.

6
जिन आँखों के लिए तुम तरस रहे हो --
अब सुनो --
जिन आँखों में तुम स्वयं को देखते हो 
वे आँखें हैं क्योंकि वे तुम्हें देखती हैं.

7
अगर कोई कविता आम हो जाती है,
एक हाथ से दूसरे हाथ जाती है, तो ठीक है:
सिक्कों के लिए सोना ही चुना जाता है.

8
जब मैं अकेला होता हूँ
कितने पास होते हैं मेरे दोस्त;
जब मैं उनके साथ होता हूँ,
कितनी दूर होते हैं वे!

9
तो कहो कवि, क्या है तुम्हारी भविष्यवाणी?
" जो मूक है वह बोलेगा कल
मानवीय मन और पत्थर. "

10
मगर कला?
              वह विशुद्ध और गहन खेल है,
तो वह विशुद्ध और गहन जीवन जैसा है,
तो वह विशुद्ध और गहन अग्नि जैसे है.
तुम्हें दिख जायेगा कोयला सुलगता हुआ.




-- अंतोनियो मचादो



  अंतोनियो मचादो ( Antonio Machado )20 वीं सदी के आरम्भ के स्पेनिश कवि थे. युवावस्था में पेरिस में बिताया समय व फ्रांस के सैम्बोलीस्त कवियों से मिलना-जुलना, उनके कवि होने का सबसे बड़ा कारण बना. 20 वर्ष की आयु में उनका पहला कविता संकलन 'सोलेदाद' छप चुका था. उनकी कविताओं में जहाँ एक तरफ अंतर्दृष्टि व अन्तरावलोकन दिखाई देता है, वहीँ दूसरी तरफ स्पेन के लोगों का जीवन व मानसिकता झलकती है. उनके कई कविता संकलन प्रकाशित हुए व अनेक कविताओं का दूसरी भाषाओँ में अनुवाद भी हुआ.
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद राबर्ट ब्लाए ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, अक्टूबर 16, 2011

प्रेमी

लवर्ज़ इन द स्काय ऑफ़ नीस, मार्क शगाल
Lovers In The Sky Of Nice, Marc Chagall

दया करो प्रेमियों पर, 
जो चढ़ जाते हैं उस ऊंचे कमरे तक,
जहाँ बिस्तर और लैम्प की मद्धिम रोशनी
करती है इंतज़ार,
और उतर जाते हैं 
दुनियावी जीवन के जहाज़ से.
रात की गहरी लहरें 
खिड़की के बाहर छ्पछपाती हैं.

समय खिसक जाता है 
जैसे जहाज़ से धरती.
चाँद, उनकी मृत्यु-सा, 
करता है पीछा, ठंडा, 
एकदम ठंडा उनके लिहाफों में.
दया करो प्रेमियों पर, जो बेघर हैं,
जिनके पास नहीं है कोई देश 
जहाज़ में बैठ कर जाने के लिए.



-- कैरल एन डफ्फी




कैरल एन डफ्फी ( Carol Ann Duffy )स्कॉट्लैंड की कवयित्री व नाटककार हैं. वे मैनचेस्टर मेट्रोपोलिटन युनिवेर्सिटी में समकालीन कविता की प्रोफ़ेसर हैं. 2009 में वे ब्रिटेन की पोएट लॉरीअट नियुक्त की गईं. वे पहली महिला व पहली स्कॉटिश पोएट लॉरीअट हैं. उनके स्वयं के कई कविता संकलन छ्प चुके हैं. उन्होंने कई कविता संकलनों को सम्पादित भी किया है. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक सम्मान व अवार्ड मिल चुके हैं. सरल भाषा में लिखी उनकी कविताएँ अत्यंत लोकप्रिय हैं व स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा भी हैं. यह कविता उनके 2005 में छपे संकलन ' रैप्चर ' से है, जिसे टी एस एलीअट प्राइज़ मिला था.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़  

शुक्रवार, अक्टूबर 14, 2011

एक चेहरे में झांकना

द रेड हेड, अमेदेओ मोदिग्लियानी
The Red Head,  Amedeo Modigliani 



संवाद हमें कितने पास ले आता है!
खोल देता है देह की लहरें 
ले आता है मछलियों को ऊपर, धूप के पास 
और तन जाती है सागर की रीढ़!

मैं घंटों तक एक चेहरे में भटका हूँ.
अँधेरी ज्वालाओं में से गुज़र 
पहुंचा हूँ 
अब तक अजन्मी एक देह तक 
मैं एक तेज की तरह हूँ उस देह के आस-पास 
जिसमे में से वह चाँद की तरह फिसलती है. 




--- रोबर्ट ब्लाए 



 रोबर्ट ब्लाए ( Robert Bly ) अमरीकी कवि,लेखक व अनुवादक हैं. 36 वर्ष की आयु में उनका पहला कविता संकलन प्रकाशित हुआ, मगर उस से पहले साहित्य पढ़ते समय उन्हें फुलब्राईट स्कॉलरशिप मिला और वे नोर्वे जाकर वहां के कवियों की कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी में करने लगे. वहीं पर वे दूसरी भाषाओँ के अच्छे कवियों से दो-चार हुए - नेरुदा, अंतोनियो मचादो, रूमी, हाफिज़, कबीर, मीराबाई इत्यादि. अमरीका में लोग इन कवियों को नहीं जानते थे. उनके अनेक कविता संग्रह प्रकाशित हुए और उन्होंने खूब अनुवाद भी किया है. अमरीका के वे लोकप्रिय कवि हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिनेसोटा में उनके लिखे 80,000 पन्नों की आर्काइव है, जो उनका लगभग पचास वर्षों का काम है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़