मंगलवार, नवंबर 15, 2011

मुझे लगता है तब सर्दियाँ होंगी...

द रोड टू वथई, स्नो एफ्फेक्ट, क्लौद मोने
The Road To Vetheuil, Snow Effect, Claude Monet 
मुझे लगता है तब सर्दियाँ होंगी
जब वह आएगा.
एक बिंदु उभरेगा,
सड़क की असहनीय सफेदी से,
इतना स्याह कि आँखें धुंधला जाएँगी,
और बहुत, बहुत समय तक
वह आता रहेगा समीप,
अपनी अनुपस्थिति और आगमन को
सम्मेय करता हुआ, 
और बहुत, बहुत समय तक
वह एक बिंदु ही रहेगा.
धूल का एक कण? आँख की जलन?
और बर्फ,
बर्फ के सिवाय कुछ भी नहीं होगा,
और बहुत, बहुत समय तक कुछ भी नहीं होगा,
और फिर वह बर्फीला पर्दा हटायेगा,
और वह पा लेगा आकार और तीनों आयाम,
वह आता रहेगा पास, और पास...
बस ये रही हद, वह और पास नहीं आ सकता,
मगर वह आता जा रहा है, आता जा रहा है,
अब हो गया है वह किसी नाप से भी बहुत बड़ा...


-- वेरा पाव्लोवा



वेरा पाव्लोवा ( Vera Pavlova ) रूस की सबसे प्रसिद्द समकालीन कवयित्री हैं. उनका जन्म मॉस्कोमें हुआ था. उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की व संगीत के इतिहास विषय में विशेषज्ञता प्राप्त की. कुछ समय बाद ही उनकी कविताएँ प्रकाशित हुई और उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन का आरम्भ किया. उनके 14 कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं व रूस में उनकी किताबें खूब बिकती हैं. उन्होंने चार ओपेरा लिबेरेतोज़ के लिए संगीत लिखा है व कुछ बोल भी. उनकी कविताएँ 18भाषाओँ में अनूदित की गयी हैं. यह तीन कविताएँ उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन 'देयर इज समथिंग टू डिज़ायर' से हैं.
इन कविताओं का मूल रशियन से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीवन सेमूर ने किया है.

इन कविताओं का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, नवंबर 13, 2011

बचपन का उत्सव

रेड वाल डेस्टिनी, वैसिली कैनडिनस्की
Red Wall Destiny, Wassily Kandinsky

हवा भी चाहती है बनना
वह गाड़ी
जो तितलियाँ खींचतीं हैं.

मुझे याद है पागलपन:
मन के तकिये पर
टेक लगा कर पहली बार,
मैं अपनी देह से बातें कर रहा था.

मेरी देह बस एक ख्याल थी
जो मैंने लाल रंग से लिखा था.

सूरज का सबसे सुन्दर सिंहासन लाल था 
और बाकी सब रंग
लाल दरियों पर प्रार्थना करते थे.

रात एक और दीपक है.

हर टहनी में एक बाजू,
अंतरिक्ष में ले जाया गया एक सन्देश 
जो हवा की देह से गुंजित होता.

सूरज की हठ है कि वह धुंध ही पहनेगा 
जब भी मुझसे मिलेगा:
क्या मैं रोशनी से डांट खा रहा हूँ?

ओह, मेरे बीते दिन,
वे नींद में चलते थे 
और मैं उनका सहारा लेता था.

प्यार और स्वप्न दो कोष्ठक हैं.
उनके बीच में रखता हूँ मैं अपनी देह
और खोजता हूँ दुनिया को.

कई बार मैंने 
हवा को उड़ते देखा दो घास-पैरों से 
और सड़क को नाचते देखा हवा के बने पैरों से.

मेरी इच्छाएं फूल हैं
जो दाग लगा रहीं हैं मेरी देह पर.

मैं जल्दी घायल हुआ था,
और जल्दी सीखा था मैंने
कि घावों ने ही बनाया है मुझे.

जो मेरे भीतर चलता है
मैं अभी भी करता हूँ उस बच्चे का पीछा.

वह अब खड़ा है एक रोशनी से बनी सीढ़ी पर.
एक कोना ढूंढता हुआ,
करने के लिए आराम  
और पढने के लिए रात का चेहरा.

अगर चाँद एक घर होता 
मेरे पाँव उसकी देहरी छूने से मना कर देते.
धूल उन्हें ले जाती है
और मुझे लिए जाती है मौसमों की हवा के पास.

मैं चलता हूँ,
एक हाथ हवा में,
दूसरा हाथ सपनों में.

एक सितारा भी 
अंतरिक्ष के मैदानों में बस एक पत्थर है.

केवल वही
जो जुड़ा है क्षितिज से 
बना सकता है नए रास्ते.

क्या कहूँ मैं उस देह को जिसे 
छोड़ आया था मलबे में
उस घर के जहाँ मैं पैदा हुआ था?
कोई नहीं बता सकता मेरा बचपन 
सिवाय उन तारों के 
जो टिमटिमाते हैं उस के ऊपर 
और छोड़ जाते हैं पैरों के निशान
शाम के पथ पर.

मेरा बचपन पैदा हो रहा है अभी भी 
जुड़ी हथेलियों में एक रोशनी की 
जिसका नाम मैं नहीं जानता
और जो मुझे नाम देती है.

उस नदी को उसने बनाया एक आईना
और पूछा अपने दुःख के बारे में.
उसने बादलों की नक़ल की और अपनी 
उदासी में से बारिश बरसा दी.

तुम्हारा बचपन एक गाँव था.
चाहे तुम कितना भी दूर जाओ 
उसकी हदें तुम कभी पार नहीं कर पाओगे.
उसके दिन हैं झीलें
उसकी यादें तैरती लाशें.

तुम जो उतर रहे हो 
बीते कल के पर्वतों से,
तुम इन पर दोबारा कैसे चढ़ पाओगे,
और क्यों?

समय एक द्वार है
जो मैं खोल नहीं सकता.
मेरा जादू घिस गया है
मेरे मंत्र सो चुके हैं.

मैं एक गाँव में पैदा हुआ था,
जो था गर्भ की तरह छोटा और रहस्यभरा.
मैं उसको कभी छोड़ कर नहीं गया.
मुझे प्यार है सागर से, किनारों से नहीं.


-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शुक्रवार, नवंबर 11, 2011

चकित करती सांझ

द सेन एट बूज्यिवाल इन द ईवनिंग, क्लौद मोने
The Seine At Bougival In The Evening, Claude Monet
कोई अनजानी धूल है 
कहीं हमारे पास ही 
एकदम पहाड़ी के दूसरी ओर
किनारों पर बिखरती हुई लहरें
जो हमने कभी नहीं देखे,
ऐसे पंछियों से भरे हुए पेड़ 
गहरे रंग की मछलियों से भरे,
ऊपर खिचे हुए जाल.

सांझ आती है;
हम ऊपर देखतें हैं और वह वहां है 
वह आई है छन के तारों के जाल में से  
घास की मलमल में से 
चुपचाप चलती हुई पानी के आश्रयों पर.

हम सोचते हैं कि कभी नहीं होगा दिन का अंत :
हमारे बाल ऐसे हैं जो लगते हैं
कि रोशनी के लिए ही बने हैं;
मगर अंततः रात का शांत पानी चढ़ेगा 
और जैसा कि पानी के तले वह करती है 
हमारी खाल देखेगी दूर, बहुत दूर तक.



--- रोबर्ट ब्लाए 



 रोबर्ट ब्लाए ( Robert Bly ) अमरीकी कवि,लेखक व अनुवादक हैं. 36 वर्ष की आयु में उनका पहला कविता संकलन प्रकाशित हुआ, मगर उस से पहले साहित्य पढ़ते समय उन्हें फुलब्राईट स्कॉलरशिप मिला और वे नोर्वे जाकर वहां के कवियों की कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी में करने लगे. वहीं पर वे दूसरी भाषाओँ के अच्छे कवियों से दो-चार हुए - नेरुदा, अंतोनियो मचादो, रूमी, हाफिज़, कबीर, मीराबाई इत्यादि. अमरीका में लोग इन कवियों को नहीं जानते थे. उनके अनेक कविता संग्रह प्रकाशित हुए और उन्होंने खूब अनुवाद भी किया है. अमरीका के वे लोकप्रिय कवि हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिनेसोटा में उनके लिखे 80,000 पन्नों की आर्काइव है, जो उनका लगभग पचास वर्षों का काम है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

बुधवार, नवंबर 09, 2011

रात्रि विवाह

लवर्स ओवर सेंट-पॉल, मार्क शगाल
Lovers Over Saint-Paul, Marc Chagall

जब मैं बत्ती बुझा देती हूँ 
और हमारे बीच के अँधेरे मील 
ढह जाते हैं, गिर जाते हैं,
तुम स्वयं से सरक आते हो 
मेरी नींद में मेरी प्रतीक्षा करने,
चाँद का चेहरा बादल में छिप जाता है;

या मैं जागती हूँ 
तुम्हारे सपनों में बिताये 
लम्बे घंटों से वंचित-सी,
जंगल में एक पंछी 
रोता है अपने धीमे स्वर,
गहरे-रंग की मछलियाँ 
तैरती हैं नदी की खाल तले.

रात्रि विवाह, ये चंद घंटे जो जोड़ते हैं हमें,
एक दूसरे की ओर चेहरा किए
जब हम सोते हैं और देखते हैं स्वप्न;
यह लम्बी रात, पूरी की पूरी 
हमारा कमरा होती है.



-- कैरल एन डफ्फी



कैरल एन डफ्फी ( Carol Ann Duffy )स्कॉट्लैंड की कवयित्री व नाटककार हैं. वे मैनचेस्टर मेट्रोपोलिटन युनिवेर्सिटी में समकालीन कविता की प्रोफ़ेसर हैं. 2009 में वे ब्रिटेन की पोएट लॉरीअट नियुक्त की गईं. वे पहली महिला व पहली स्कॉटिश पोएट लॉरीअट हैं. उनके स्वयं के कई कविता संकलन छ्प चुके हैं. उन्होंने कई कविता संकलनों को सम्पादित भी किया है. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक सम्मान व अवार्ड मिल चुके हैं. सरल भाषा में लिखी उनकी कविताएँ अत्यंत लोकप्रिय हैं व स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा भी हैं. यह कविता उनके 2005 में छपे संकलन ' रैप्चर ' से है, जिसे टी एस एलीअट प्राइज़ मिला था.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़  

सोमवार, नवंबर 07, 2011

रात के अँधेरे में

फ्रेंच विंडो एट कोलियूर, ओंरी मातीस
French Window At Collioure, Henri Matisse

रात के अँधेरे में 
तुम्हारी छाया में सरक आना.
पीछा करना 
तुम्हारे क़दमों का, 
खिड़की में तुम्हारी छाया का. 
वो जो खिड़की में छाया है, वो तुम हो
वो कोई और नहीं है, तुम ही हो.
मत खोलो उस खिड़की को
जिसके पर्दों के पीछे तुम हिलती हो.
आँखें बंद कर लो.
मैं चाहता हूँ उन्हें अपने होंठों से बंद करना. 
मगर खिड़की खुल जाती है और हवा, हवा 
जो ना जाने कैसे 
संभाल लेती है, लौ और ध्वज, दोनों को 
अपने आवरण से रोक लेती है
मेरे भाग निकलने का रास्ता.
खिड़की खुल जाती है: तुम नहीं हो.

मैं यह पहले-से जानता था.


-- रोबेर देज़्नोस


रोबेर देज़्नोस ( Robert Desnos )फ्रेंच स्यूरेअलीस्त कवि थे व स्यूरेअलीज़्म के स्थापकों में से एक थे. वे पेरिस में ही पले-बढे,17 वर्ष की आयु में उनकी पहली कविता प्रकाशित हुई और 22 वर्ष की आयु में पहली किताब. 'पेरिस-सोआर' नाम के अख़बार में वे साहित्यिक स्तम्भ लिखने लगे व आंद्रे ब्रेतों व पॉल एलुआर जैसे जाने-माने कवियों के साथ उतने-बैठने लगे. वे उस अतियथार्थवादी ग्रुप के महत्त्वपूर्ण सदस्य बन गए मगर जब वे लोग साम्यवाद के पक्ष में हो गए, देज़्नोस ने उनका साथ छोड़ दिया. वे स्तम्भ लिखते रहे. 26 वर्ष की आयु में उन्होंने एकांत पर एक छंद-बद्ध गीतकाव्य लिखा " द नाईट ऑफ़ लवलेस नाईट्स" जो बोदेलेर की याद दिलाता है . वे जैज़ संगीत व सिनेमा पर लेख लिखते रहे, उनका परिचय पिकासो और हेमिंग्वे जैसे लेखकों-चित्रकारों से होता रहा. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब जर्मनी ने पेरिस पर कब्ज़ा कर लिया था, वे फ़्रांसीसी प्रतिरोध  ( Resistance) के लिए काम करते रहे, दूसरे नामों से लेख लिखते रहे और एक दिन गस्तापो द्वारा गिरफ्तार कर कंसेन्ट्रेशन कैंप में भेज दिए गए, जहाँ  कैंप के रिहाई से एक हफ्ते पहले ही उनकी मृत्यु हो गयी. उनकी कैद के दौरान लिखी कविताएँ गलती से नष्ट हो गयी. उनके कई कविता संकलन प्रकाशित हुए व कई कविताओं का अनुवाद भी हुआ.

इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, नवंबर 05, 2011

पटरी

लैंडस्केप नियर मोंमायूर विद ट्रेन, विन्सेंट वान गोग
Landscape Near Monmajour With Train, Vincent Van Gogh 

रात के 2 बजे :चांदनी. कहीं किसी 
खेत में रेलगाड़ी रुक गई है. 
किसी शहर की रोशनी की 
ठंडी दूरस्थ चिंगारियाँ 
क्षितिज पर टिमटिमा रही हैं.

जैसे कि जब एक आदमी 
अपने स्वप्न में इतने गहरे उतर जाता है 
कि वह कभी याद नहीं रख पायेगा 
कि वह वहां था 
जब वह वापिस अपने कमरे में लौटेगा.

या जब कोई व्यक्ति बीमारी में इतना धंस जाता है 
कि उसके सब दिन बन जाते हैं
कुछ झिलमिलाते शरारे, 
एक झुण्ड, क्षितिज पर ठंडा व क्षीण.

रेलगाड़ी एकदम स्थिर है.
2 बजे हैं: तेज़ चांदनी, कुछ सितारे.


-- तोमास त्रांसत्रोमर 




                               
तोमास त्रांसत्रोमर ( Tomas Tranströmer )स्वीडन के लेखक, कवि व अनुवादक हैं जिनकी कविताएँ न केवल स्वीडन में, बल्कि दुनिया भर में सराही गयीं हैं. उन्हें 2011 का नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ है. उन्होंने 13 वर्ष की आयु से ही लिखना शुरू कर दिया था. उनके 12 से अधिक  कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं व उनकी कविताएँ लगभग 50 भाषाओँ में अनूदित की गईं हैं. उन्हें अपने लेखन के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए है जिनमे इंटरनैशनल पोएट्री फोरम का स्वीडिश अवार्ड भी शामिल है. वे नोबेल प्राइज़ के लिए कई वर्षों से नामित किये जा रहे थे. लेखन के इलावा वे जाने-माने मनोवैज्ञानिक भी थे, जो कार्य उन्हें स्ट्रोक होने के बाद छोड़ना पड़ा. उनका एक हाथ अभी भी नहीं चलता है, मगर दूसरे हाथ से वे अब भी लिखते हैं. यह कविता उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन ' द हाफ -फिनिश्ड हेवन ' से है.

इस कविता का मूल स्वीडिश से अंग्रेजी में अनुवाद उनके अभिन्न मित्र व अंग्रेजी के प्रख्यात कवि रोबेर्ट ब्लाए ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

गुरुवार, नवंबर 03, 2011

बादल

क्लाउड, आइसाक लेवितान
Cloud, Isaac Levitan

मेरे पास अपना कोई धरती-आकाश नहीं है.
बस है एक नन्हा सफ़ेद बादल 
जिसे मैं एक बार मिला था, 
जब स्कूली बच्चा था 
आँगन में टूटी टहनियों के ढेर पर लेटे-लेटे
आकाश को ताकते हुए.
अबाबील थे और बादल : 
यह वाला, मेरा इकलौता, भी था.
मैं आज भी उसे पहचान पाता,
सभी परिवर्तनों के बावजूद,
यदि मेरे पास समय होता, 
बिना किसी आशय के, आँगन में 
टूटी टहनियों के ढेर पर लेटने का.


-- यान काप्लिन्स्की


Author: Estonian Literary Magazine







यान काप्लिन्स्की ( Jaan Kaplinski )एस्टोनिया के कवि, भाषाविद व दार्शनिक हैं व यूरोप के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं. वे अपने स्वतंत्र विचारों व वैश्विक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं. उनके कई कविता-संग्रह, कहानियां, लेख व निबंध प्रकाशित हो चुके हैं. उन्होंने कई भाषाओँ से कई भाषाओँ में अनुवाद किये है व उनके स्वयं के लेखन का भी कई भाषाओँ में अनुवाद हुआ है. यह कविता उनके संकलन 'ईवनिंग ब्रिनग्ज़ एवरीथिंग बैक ' से है.
इस कविता का मूल एस्टोनियन से अंग्रेजी में अनुवाद फियोना सैम्प्सन ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़