शुक्रवार, अप्रैल 27, 2012

मत होने दो विलीन इस प्रांजल पल को

ट्रुथ, मिकलोयुस चिर्लोनिय्स
Truth, Mikalojus Ciurlionis

मत होने दो विलीन इस प्रांजल पल को  
निःशब्दता में ठहरने दो दीप्त सोच को 
हालाँकि पन्ना लगभग भर चुका है और लौ थरथराती है अभी तक भी नहीं उठ पाए हैं हम अपने स्तर तक 
अक्ल दाढ़ की तरह विद्या धीरे-धीरे उगती है 
आदमी के कद-माप का निशान अभी भी 
लगाया जाता है एक सफ़ेद दरवाज़े पर बहुत ऊपर 
कहीं दूर से, आती है प्रफुल्लित, एक तुरही और एक गीत की, बिल्ली की तरह सिमटी, स्वयं में एकत्रित आवाज़
जो आगे बढ़ जाता है नहीं गिरता किसी रिक्ति में 
झोंकने वाला अभी भी झोंक रहा है कोयला आग में 
मत होने दो विलीन इस प्रांजल पल को 
किसी शुष्क कठोर वस्तु पर 
तुम्हें सत्य को उकेरना है.


-- आदम ज़गायेव्स्की



आदम ज़गायेव्स्की पोलैंड के कवि, लेखक, उपन्यासकार व अनुवादक हैं. वे क्रैको में रहते हैं मगर इन दिनों वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो में पढ़ाते हैं. वहां एक विषय जो वे पढ़ाते हैं वह है उनके साथी पोलिश कवि चेस्वाफ़ मीवोश की कविताएँ. उनके अनेक कविता व निबंध संकलन छ्प चुके हैं, व अंग्रेजी में उनकी कविताओं व निबंधों का अनुवाद भी खूब हुआ है.
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रजी में अनुवाद रेनाता गोर्च्न्सकी ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

बुधवार, अप्रैल 25, 2012

पेड़

चेस्टनट ट्री इन ब्लोस्सम, विन्सेंट वां गोफ
Chestnut Tree in Blossom, Vincent Van Gogh

पेड़ों पर पत्ते ऐसे फूट रहे हैं 
जैसे कहते-कहते कुछ कहने से रह गया हो;
नई कोंपलें आश्वस्त हो कर पसर जाती हैं,
उनकी हरियाली एक तरह का दुःख है.

क्या इसलिए कि उनका पुनर्जन्म होता है 
और हम बूढ़े होते जाते हैं? नहीं, वे भी मरते हैं,
नए दिखने का उनका यह वार्षिक खेल 
लिखा जाता है उनकी संरचना के वलयों में.

फिर भी, फिर भी हर मई के महीने में
एक पूर्ण घनेपन से उमगते हैं ये अविरत महल  
मानो कह रहे हों, पिछला साल मर चुका,
आओ नए सिरे से शुरू करें, फिर से, फिर से.



-- फिलिप लारकिन



 फिलिप लारकिन ( Philip Larkin )इंग्लैंड के, 20 वीं सदी के दूसरे हिस्से के, महत्वपूर्ण कवियों में से एक माने जाते हैं. ऑक्सफोर्ड से अंग्रेजी साहित्य में पढाई पूरी करने के बाद, उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़  हल में लाइब्रेरियन की नौकरी की. उन 30 सालों के दौरान , उन्होंने अपनी कृति का एक बहुत बड़ा हिस्सा रच डाला. उनका पहला कविता संकलन 'द नोर्थ शिप' 1945  में प्रकाशित हुआ. 1946 में उन्होंने थोमस हार्डी की कविताएँ पढ़ी जिन का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा. हार्डी के साथ-साथ, येअट्स  और औडन की छाप भी उनकी कविताओं पर है. अपने दूसरे संकलन ' द लेस  डीसीवड' से वे कवि के रूप में स्थापित  हो गए. "द विटसन वेडिंग ज़" व "हाई विन्डोज़ " ने कविता की दुनिया में उनका वर्चस्व हो गया. लोगों से मिलना-जुलना उन्हें सख्त नापसंद था व ख्याति की भी कोई इच्छा नहीं थी. 1984  में जब उन्हें पोएट लौरीएट की उपाधि दिए जाने की बात चली, उन्होंने इनकार कर दिया, ये कहते हुए की उनकी म्यूज या उनकी प्रेरक शक्ति ने उनका साथ छोड़ दिया है. 1985 में उनका देहांत हो गया.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

सोमवार, अप्रैल 23, 2012

घास

वुमन सिटिंग इन द ग्रास, विन्सेंट वां गोफ
Woman Sitting in the Grass, Vincent Van Gogh


घास के मैदान.
उनको फूलते देखने का आश्चर्य 
और इतनी सुन्दर घास 
और इतनी तीक्ष्ण चाह.

एक द्रुत अनुक्रम में 
फिसल जाती है दुनिया 
हमारी उँगलियों के बीच से. 



-- विवियान चाम्पी



 विवियान चाम्पी इटली की कवयित्री व अनुवादक हैं. उनका जन्म फ्रांस में लियों में हुआ था. आजकल वे इटली के ज्नोआ शहर में रहती हैं. उन्होंने फ्रेंच से इतालियन में व इतालियन से फ्रेंच में खूब अनुवाद किया है जिस  में दोनों भाषाओं के कवियों व निबंधकारों के पूरे संकलन भी शामिल हैं. उनके इतालियन से फ्रेंच में किये गए असंख्य अनुवाद दुनिया भर की साहित्य पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं. वे 'इकार' व 'फिली द'आकिलोन' नामक दो ऑनलाइन पत्रिकाओं की संपादक हैं व एक कला और संस्कृति आधारित पत्रिका 'प्रोजेत्तो जेउम' की सह-संस्थापक भी हैं. 1998 से वे ज्नोआ के इंटरनैशनल पोएट्री फेस्टिवल से बतौर अनुवादक, इंटरप्रेटर व रीडर जुड़ी हुई हैं. अब तक  उनके 5 कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं. य ह कविता उनके संकलन 'इनचाम्पी' से है.
इस कविता का मूल इतालियन से फ्रेंच में अनुवाद रेमों फारिना ने किया है.
इस कविता का फ्रेंच से हिंदी मे अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, अप्रैल 21, 2012

टिपण्णी

आटम लीव्ज़, आइसाक लेवितान
Autumn leaves, Isaac Levitan

जीवन ही एकमात्र रास्ता है
पत्तों से स्वयं को ढँक पाने का,
रेत को देख कर विस्मित होने का,
पंखों पर उड़ान भरने का;

एक कुत्ता होने का
या सहलाने का उसके गुनगुने रोयें;

जो कुछ भी दर्द नहीं है उस में से 
दर्द बता पाने का;

घटनाओं के भीतर घुस जाने का,
मतों में समय गंवाने का,
खोजने का उस गलती को
जिस के होने की संभावना सब से कम है.

यह जीवन एक अनोखा अवसर है 
याद करने के लिए पल-भर को 
वह बातें जो हुई थी
लेम्प के बुझ जाने के बाद;

और चाहे एक ही बार,
पत्थर से ठोकर खाने के लिए,
अंततः एक न एक बारिश में भीग जाने के लिए,

घास में अपनी चाबियाँ खो देने के लिए;
और हवा में उडती चिंगारी का 
अपनी आँखों से पीछा करने के लिए;
और किसी महत्वपूर्ण बात को 
न जानते रहने के लिए.


-- वीस्वावा शिम्बोर्स्का



 वीस्वावा शिम्बोर्स्का ( Wislawa Szymborska ) पोलैंड की कवयित्री, निबंधकार व अनुवादक हैं. उनकी युवावस्था लगभग संघर्ष में ही बीती -- द्वितीय विश्व-युद्ध और उसके पोलैंड पर दुष्प्रभाव, कम पैसे होने की वजह से पढाई छोड़ देना, छुट-पुट नौकरियां, पोलैंड में साम्यवाद का लम्बा दौर. इस सब के बावजूद उनकी साहित्यिक व कलात्मक गतिविधियाँ जारी रही. उन्होंने अख़बारों व पत्रिकाओं में मूलतः साहित्य  के विषय पर खूब लिखा. उन्होंने बहुत प्रचुरता में नहीं लिखा. उनकी केवल २५० कविताएँ प्रकाशित हुईं. लेकिन उनका काम इतना सराहनीय था की पूरे विश्व में पहचानी जाने लगी. 1996 में उन्हें नोबेल पुरूस्कार से सम्मानित किया गया. उनकी कविताओं व निबंधों का अनेक भाषाओँ में अनुवाद किया गया है. 
इस कविता का मूल पोलिश से अंग्रेजी में अनुवाद स्तानिस्वाव बरंजाक व  क्लेर कावानाह ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अप्रैल 19, 2012

कवि पर्वत का स्वप्न देखता है

स्टार ऑफ़ द हीरो,
निकोलाई ररीह
Star of the Hero.
Nicholas Roerich
कभी-कभी मैं उकता जाती हूँ 
दिनों से और उनकी मनमौजी चाल से.
मैं चढ़ना चाहती हूँ किसी बूढ़े धूसर पर्वत पर, धीरे-धीरे, 
अपना बाकी का जीवन यूँ ही लगाती, अक्सर सुस्ताती,
सोती चीड़ के पेड़ों के तले, या उनके ऊपर, निर्वस्त्र चट्टानों पर.
जिस आकाश का दम हमने बरसों से घोंट रखा है, 
सब कुछ माफ़ करते हुए, मैं देखना चाहती हूँ 
कि उस में कितने तारे अभी भी बाकी हैं, 
और शांत होना चाहती हूँ,
जानने को जो अंतिम बात है, उसे जानना चाहती हूँ. 
यह सारी अत्यावश्यकता! धरती इसलिए तो नहीं है!
कितने मौन हैं पेड़, उनकी कविता उन्हीं की होती है,
मैं धीमे-धीमे कदम उठाना चाहती हूँ, और सोच ठीक रखना चाहती हूँ..
दस हज़ार सालों में, शायद, पर्वत का एक टुकड़ा गिर जाएगा.


-- मेरी ओलिवर 



Mary Oliver मेरी ओलिवर ( Mary Oliver )एक अमरीकी कव्यित्री हैं, जो 60 के दशक से कविताएँ लिखती आ रहीं हैं. उनके 25 से अधिक कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं और बहुत सराहे गए हैं. उन्हें अमरीका के श्रेष्ठ सम्मान 'नेशनल बुक अवार्ड' व 'पुलित्ज़र प्राइज़' भी प्राप्त हो चुके हैं. उनकी कविताएँ प्रकृति की गुप-चुप गतिविधियों के बारे में हैं, जैसे वो धरती और आकाश के बीच खड़ीं सब देख रहीं हैं. और  उनकी कविताओं में उनका अकेलेपन  से प्यार, एक निरंतर आंतरिक एकालाप व स्त्री का प्रकृति से गहरा सम्बन्ध भी दिखाई देता है.

इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

मंगलवार, अप्रैल 17, 2012

आओ एक-दूसरे को छू लें

हियर वी मेक लव, पॉल गोगें
Here We Make Love, Paul Gauguin


आओ एक-दूसरे को छू लें
जब तक हैं हमारे पास हाथ,
हथेलियाँ, बाहें, कुहनियाँ...
आओ दुःख के लिए
एक-दूसरे को प्यार कर लें,
एक-दूसरे को यातना दें, यंत्रणा दें,
कुरूप कर दें, अपंग कर दें,
बेहतर याद रखने के लिए,
बिछड़ने के लिए कम पीड़ा के साथ.



-- वेरा पाव्लोवा



 वेरा पाव्लोवा ( Vera Pavlova ) रूस की सबसे प्रसिद्द समकालीन कवयित्री हैं. उनका जन्म मॉस्कोमें हुआ था. उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की व संगीत के इतिहास विषय में विशेषज्ञता प्राप्त की. कुछ समय बाद ही उनकी कविताएँ प्रकाशित हुई और उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन का आरम्भ किया. उनके 14 कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं व रूस में उनकी किताबें खूब बिकती हैं. उन्होंने चार ओपेरा लिबेरेतोज़ के लिए संगीत लिखा है व कुछ बोल भी. उनकी कविताएँ 18भाषाओँ में अनूदित की गयी हैं. यह तीन कविताएँ उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन 'देयर इज समथिंग टू डिज़ायर' से हैं.
इन कविताओं का मूल रशियन से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीवन सेमूर ने किया है.

इन कविताओं का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, अप्रैल 15, 2012

कविता का आरम्भ

स्टडी ऑफ़ स्काए, सेटिंग सन
यूजीन दलाक्रोआ
Study of Sky, Setting Sun
Eugene Delacroix
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है क्षितिज.
           और दूसरे?          कुछ लोग सोचेंगे कि तुम पुकार हो 
                         दूसरे सोचेंगे कि तुम हो उसकी प्रतिध्वनि.
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है
               
उजाले और अँधेरे की अनुपस्थिति का कारण होना 
जहाँ अंतिम शब्द तुम्हारे पहले होते हैं.
और दूसरे?       कुछ लोग तुम्हें सृजन की झाग की तरह देखेंगे
                          दूसरे सोचेंगे कि तुम हो सृजनकर्ता.
सब से बेहतर कुछ जो हुआ जा सकता है वह है लक्ष्य --
                                                  एक चौराहा
                                                  मौन और शब्दों के बीच.


-- अदुनिस


Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके संकलन 'द बुक ऑफ़ सिमिलैरीटीज़ एंड बिगिनिन्ग्ज़ ' से है.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़