रविवार, फ़रवरी 10, 2013

एक मृत्यु के बारे में सुन कर

ब्लैक ऑन ब्लैक, एल्सवर्थ केली
Black on Black, Ellsworth Kelly
हमें कोई ज्ञान नहीं है इस वियोग का. मृत्यु
का हमसे कुछ लेना-देना नहीं है. हमारे पास
नहीं है कोई कारण मृत्यु को अपनी प्रशंसा,
प्रेम या घृणा दिखाने का; उसका झूठे दुःखद
शोक का मुखौटा हमारे भीतर एक भ्रान्ति

उत्पन्न करता है. जो हम निभाते हैं उन
भूमिकाओं से दुनिया का मंच अभी भी
खचाखच भरा है. जब हम चिंता करते हैं
कि हमारा अभिनय पसंद आ रहा है या नहीं,
मृत्यु भी अभिनय करती है,
हालाँकि उसके लिए तालियाँ नहीं बजतीं.

मगर जिस पल हमें छोड़ के गए तुम, इस मंच
पर वास्तविकता की एक झलक प्रकट हुई, जो
झलकी उस छोटे-से द्वार से जिसमें से तुम गायब हो
गए: एक हरे, सदाबहार, धूप में नहाए असली जंगल-सी.

अभी भी, चिंतित, हम अभिनय जारी रखते हैं, बोलते हैं
संवाद अपनी कठिन भूमिकाओं के और साथ में करते हैं
प्रदर्शित उपयुक्त अपेक्षित भाव भंगिमाएँ. मगर तुम्हारी उपस्थिति
जो हमारे मध्य से और हमारे नाटक से अचानक ही हटा ली गई

कभी-कभी उस दूसरी वास्तविकता के बोध से हमें अभिभूत
कर जाती है: तुम्हारी, कि हम इतने विह्वल हो जाते हैं कि,
प्रशंसा की इच्छा को पूर्णतया भूलकर, भूमिका की जगह
मंचन करने लगते हैं अपने वास्तविक जीवन का.


-- रायनर मरीया रिल्के




 रायनर मरीया रिल्के ( Rainer Maria Rilke ) जर्मन भाषा के सब से महत्वपूर्ण कवियों में से एक माने जाते हैं. वे ऑस्ट्रिया के बोहीमिया से थे. उनका बचपन बेहद दुखद था, मगर यूनिवर्सिटी तक आते-आते उन्हें साफ़ हो गया था की वे साहित्य से ही जुड़ेंगे. तब तक उनका पहला कविता संकलन प्रकाशित भी हो चुका था. यूनिवर्सिटी की पढाई बीच में ही छोड़, उन्होंने रूस की एक लम्बी यात्रा का कार्यक्रम बनाया. यह यात्रा उनके साहित्यिक जीवन में मील का पत्थर साबित हुई. रूस में उनकी मुलाक़ात तोल्स्तॉय से हुई व उनके प्रभाव से रिल्के का लेखन और गहन होता गुया. फिर उन्होंने पेरिस में रहने का फैसला किया जहाँ वे मूर्तिकार रोदें के बहुत प्रभावित रहे.यूरोप के देशों में उनकी यात्रायें जारी रहीं मगर पेरिस उनके जीवन का भौगोलिक केंद्र बन गया. पहले विश्व युद्ध के समय उन्हें पेरिस छोड़ना पड़ा, और वे स्विटज़रलैंड में जा कर बस गए, जहाँ कुछ वर्षों बाद ल्यूकीमिया से उनका देहांत हो गया. कविताओं की जो धरोहर वे छोड़ गए हैं, वह अद्भुत है. यह कविता उनके संकलन 'अनकलेकटिड पोएम्ज़' से है.

इस कविता का जर्मन से अंग्रेजी में अनुवाद जोआना मेसी व अनीता बैरोज़  ने किया है. 
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शुक्रवार, फ़रवरी 08, 2013

लहर

स्प्रिंग. क्रेंज़ फ्लाइंग, आइसाक लेवितान
Spring, Cranes Flying, Isaac Levitan
समुद्र नहीं होना चाहता तरंगित.
हवा बहना नहीं चाहती.
सबकुछ संतुलन चाहता है, शान्ति चाहता है
और शान्ति की खोज में शान्ति कहाँ है.
अगर आप यह समझ पाते हैं, तो क्या बदल
जाता है कुछ? क्या आप हो सकते हैं
वहाँ भी शान्त जहाँ कोई शान्ति नहीं?
फिर से, प्रश्न. उत्तर,
हमेशा की तरह, कम ही हैं.
लहर उठती है, गिरती है
पंछियों का एक झुण्ड उड़ता है
उत्तर-पूर्व क्षितिज के नीचे-नीचे
यह भी एक लहर है.
लहरों में ही उठते हैं विचार भी.

-- यान काप्लिन्स्की


यान काप्लिन्स्की ( Jaan Kaplinski )एस्टोनिया के कवि, भाषाविद व दार्शनिक हैं व यूरोप के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं. वे अपने स्वतंत्र विचारों व वैश्विक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं. उनके कई कविता-संग्रह, कहानियां, लेख व निबंध प्रकाशित हो चुके हैं. उन्होंने कई भाषाओँ से कई भाषाओँ में अनुवाद किये है व उनके स्वयं के लेखन का भी कई भाषाओँ में अनुवाद हुआ है. यह कविता उनके संकलन 'समरज़ एंड स्प्रिंगज़' से है.
इस कविता का मूल एस्टोनियन से अंग्रेजी में अनुवाद फियोना सैम्प्सन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

बुधवार, फ़रवरी 06, 2013

पुजारिन

हेड ऑफ़ अ गर्ल (प्रीस्टेस), जॉन विलियम गॉडवर्ड
Head of a Girl (Priestess), John William Godward


मेरे माथे के आस-पास,
घुमाती है धूप-बत्ती एक पुजारिन
और देखने लगती है स्वप्न
जैसे कि उसकी पलकें पलकें नहीं सितारे हों

हे युगों की दृष्टा, जो जन्मा है
उस देव के बारे में बताओ हमें कुछ.
बताओ हमें:
उसकी आँखों में जो पूजा जा सके क्या ऐसा है कुछ?



-- अदुनिस



Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं. यह कविता उनके 2003 के संकलन 'अर्ली पोएम्ज़ ' से है.

इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

सोमवार, फ़रवरी 04, 2013

लिखा हुआ पन्ना

दो और दो चार    
चार और चार आठ
आठ और आठ हुए सोलह...
दोहराओ! मास्टर बोला
दो और दो चार
चार और चार आठ

आठ और आठ हुए सोलह.
मगर वो देखो सुरीला पंछी
आकाश में उड़ता हुआ
बच्चा उसे देखता है
सुनता है उसे
पास बुलाता है :
बचाओ मुझे
पंछी !
खेलो मेरे संग 

तो पंछी उतर आता है
और
खेलता है बच्चे के संग 
दो और दो चार...
दोहराओ! मास्टर बोला
और बच्चा खेल रहा है
पंछी खेल रहा है
उसके साथ
चार और चार आठ
आठ और आठ हुए सोलह
और सोलह और सोलह कितने होते हैं?
सोलह और सोलह कुछ नहीं होते हैं
और बत्तीस तो किसी तरह नहीं होते
और वे अंक गायब हो जाते हैं
और पंछी को
बच्चा 
छुपा देता है अपने डेस्क में
और सभी बच्चे उसका गीत 
सुनते हैं 
और जब उनकी बारी आती है तो
आठ और आठ भी गायब हो जाते हैं
और चार और चार और दो और दो
अपनी बारी आते ही खिसक लेते हैं
और एक और एक न एक होता है न दो
एक और एक भी दुम दबा कर भाग लेता है
और सुरीला पंछी खेलता है
और बच्चे गाते हैं
और मास्टर चिल्लाता है :
तुम्हारी मसखरी कभी ख़त्म होगी ?
लेकिन सभी बच्चे संगीत सुन रहे हैं
और कक्षा की दीवारें
ढह रही हैं
हौले से
सब शीशे फिर से रेत बन रहे हैं
स्याही पानी बन रही  है
मेजें फिर पेड़ बन रही हैं
चाक फिर से चूना पत्थर
कलम फिर से पंछी बन रही है


-- याक प्रेवेर
(ऊपर का विडियो
ईव मौंतों द्वारा फ्रेंच में गाई गई प्रेवेर की यह कविता है)


 याक प्रेवेर  ( Jacques Prévert )फ़्रांसिसी कवि व पटकथा लेखक थे. अत्यंत सरल भाषा में लिखी उनकी कविताओं ने उन्हें फ्रांस का, विक्टर ह्यूगो के बाद का, सबसे लोकप्रिय कवि बना दिया. उनकी कविताएँ अक्सर पेरिस के जीवन या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के जीवन के बारे में हैं. उनकी अनेक कविताएँ  स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं व प्रसिद्ध गायकों द्वारा गायी गयी  हैं. उनकी लिखी पटकथाओं व नाटकों को भी खूब सराहा गया है. उनकी यह कविता उनके सबसे प्रसिद्द कविता संग्रह 'पारोल' से है. 

इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

शनिवार, फ़रवरी 02, 2013

कविता

थौ , पोंतोआज़, कामिल पिस्सार्रो
Thaw, Pontoise, Camille Pissarro
जो सह रहा हो हवा के भीषण थपेड़े
दिखाई न दे रहा हो जिसे बर्फ के अंधड़ के मारे
-- जिसके चारों और एक उत्तर ध्रुवीय ठंडा
नरक दोनों हाथों से पीट रहा हो शहर को --
उस आदमी के लिए जैसे कि
दीवार में खुल जाता है एक द्वार.

वह भीतर जाता है.
पाता है एक बार फिर जीवंत सहानुभूति,
गुनगुने कोने की मिठास. एक भूला हुआ नाम
चूमता है हँसते हुए उन चेहरों को
जिन्हें उसने कभी नहीं देखा था
सिवा अस्पष्ट-से, डरावने सपनों में.

                                          वह लौटता है
सड़क पर, और सड़क भी,
नहीं रही अब पहले जैसी.
अच्छा मौसम लौट आया है, हाथ व्यस्त हैं
बर्फ हटाने में, लौट आया है आसमानी रंग
आकाश में और मन में. और वह सोचने लगता है
कि बुराई का हर चरम करता है अच्छे की भविष्यवाणी



-- उम्बेर्तो साबा





उम्बेर्तो साबा इटली के कवि व उपन्यासकार थे. 20 वीं सदी के आरम्भ में उनका लेखन शुरू हुआ.1910 में उनका पहला कविता-संग्रह प्रकाशित हुआ और 74 वर्ष की आयु तक लगभग 15संकलन व उपन्यास प्रकाशित हो चुके थे. उनको एकांत का कवि कहा गया है, क्योंकि वे अपनी कविताओं में ही जीते थे. उनकी कविताएँ अँधेरे से निकल के, उजालों की ओर जाती दिखाई देती है. उनकी कविताओं का अनेक भाषाओँ में अनुवाद हुआ है. यह कविता उनके संकलन 'सोंगबुक ' से है.
इस कविता का मूल इटालियन से अंग्रेजी में अनुवाद जोर्ज होचफील्ड व  लेनर्ड नेथन ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, जनवरी 31, 2013

और एक मुस्कान

वुमन स्माइलिंग, लुसियाँ फ्रोयेड
Woman Smiling, Lucian Freud
रात कभी पूर्ण नहीं होती 
हमेशा होती है चूंकि मैं कहता हूँ
चूंकि 
मैं आश्वासन देता हूँ 
दुःख के अंत में एक खुली हुई खिड़की
एक रोशनी से खिली हुई खिड़की
हमेशा होता है एक स्वप्न जो जागता रहता है,
पूरी करने के लिए इच्छा, तृप्त करने के लिए क्षुधा
एक उदार मन
एक बढ़ा हुआ हाथ, एक खुला हुआ हाथ
ध्यान देती आँखें
जीवन बाँटने के लिए, एक जीवन 




-- पॉल एलुआर














पॉल एलुआर फ़्रांसिसी कवि थे व स्यूरेअलीज्म के संस्थापकों में से एक थे. 16 साल की आयु में जब उन्हें टी.बी होने पर स्विटज़र्लैंड के एक सैनिटोरियम में स्वास्थ्य लाभ के लिए भेजा गया, उस समय उनका कविता में रुझान हुआ. उनका पहला कविता संकलन उनके युद्ध में हुए अनुभवों के बाद लिखा गया. उनकी लगभग 70 किताबे प्रकाशित हुई जिनमे, कविता संग्रह व उनके साहित्यिक और राजनैतिक विचार भी हैं. यह कविता उनके संकलन 'ल फेनिक्स' से है.
इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़         

मंगलवार, जनवरी 29, 2013

कोई

अ मैन इन अ रूम, रेम्बरेंट
A Man in a Room, Rembrandt




कोई, कौन इससे फर्क नहीं पड़ता, रहता है मेरे सर में
मानो वह हो एक खाली घर, भीतर आता है, बाहर जाता
है, हर बार पटकता है दरवाज़ा अपने पीछे, बेबस हो यह
हंगामा सहता हूँ मैं. कोई, और शायद वह मैं हूँ, हाथ से
छूता है मेरे सबसे गुप्त विचार,मरोड़ता है उन्हें और
वापिस कर देता है मिट्टी को. कोई, और यह बहुत बाद
की बात है, धीरे-धीरे चलता आता है कमरे के पार, और
मुझे न देखते हुए, ध्यान से देखता है तबाही को. कोई,
और न जाने कहाँ, चुनता है टुकड़े मेरी छाया के.




-- क्लौद एस्तेबान



 क्लौद एस्तेबान (Claude Esteban) एक फ्रेंच कवि , निबंधकार व अनुवादक थे। वे फ्रेंच व स्पेनिश दोनों भाषाओं में सिद्धहस्त थे। पिछली सदी के दूसरे हिस्से के प्रमुख कवियों में से एक, वे अपने पीछे महत्वपूर्ण कृति छोड़ गए हैं। उन्होंने कला व कविता पर असंख्य निबंध लिखे व स्पैनिश भाषा के प्रमुख कवियों ओक्टावियो पास, बोर्खेस, लोर्का इत्यादि की कविताओं व लेखन का अनुवाद किया। आरम्भ में वे फ्रेंच कला व साहित्य की पत्रिकाओं में लेख लिखते रहे। 1968 में उनका पहला कविता संकलन प्रकाशित हुआ --'ला सेजों देवास्ते '.इसके बाद उनके कई संकलन प्रकशित हुए, वे प्रसिद्द कलाकारों के लिए उनकी प्रदर्शनियों के कैटालोग के लिए प्रस्तावनाएँ लिखते रहे। स्पेनी कवि होर्खे गुइयें से उनकी अच्छी दोस्ती हो गई व उन्होंने उनके कृत्य का  फ्रेंच में खूब अनुवाद किया। 1984 में उन्हें अपनी गद्य कविताओं के लिए मालार्मे पुरूस्कार प्राप्त हुआ। कला में उन्हें गहरी रूचि रही और 1991 में उन्हें एडवर्ड हापपर के चित्रों से प्रेरित कविता संकलन 'सोलई दौन्ज़ युन पीएस वीद ' के लिए फ्रांस कल्चर प्राइज़ प्राप्त हुआ। उनके 13 कविता संकलन, कई निबंध व अनेक अनुवाद प्रकाशित हुए,. 


इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़