बुधवार, नवंबर 09, 2011

रात्रि विवाह

लवर्स ओवर सेंट-पॉल, मार्क शगाल
Lovers Over Saint-Paul, Marc Chagall

जब मैं बत्ती बुझा देती हूँ 
और हमारे बीच के अँधेरे मील 
ढह जाते हैं, गिर जाते हैं,
तुम स्वयं से सरक आते हो 
मेरी नींद में मेरी प्रतीक्षा करने,
चाँद का चेहरा बादल में छिप जाता है;

या मैं जागती हूँ 
तुम्हारे सपनों में बिताये 
लम्बे घंटों से वंचित-सी,
जंगल में एक पंछी 
रोता है अपने धीमे स्वर,
गहरे-रंग की मछलियाँ 
तैरती हैं नदी की खाल तले.

रात्रि विवाह, ये चंद घंटे जो जोड़ते हैं हमें,
एक दूसरे की ओर चेहरा किए
जब हम सोते हैं और देखते हैं स्वप्न;
यह लम्बी रात, पूरी की पूरी 
हमारा कमरा होती है.



-- कैरल एन डफ्फी



कैरल एन डफ्फी ( Carol Ann Duffy )स्कॉट्लैंड की कवयित्री व नाटककार हैं. वे मैनचेस्टर मेट्रोपोलिटन युनिवेर्सिटी में समकालीन कविता की प्रोफ़ेसर हैं. 2009 में वे ब्रिटेन की पोएट लॉरीअट नियुक्त की गईं. वे पहली महिला व पहली स्कॉटिश पोएट लॉरीअट हैं. उनके स्वयं के कई कविता संकलन छ्प चुके हैं. उन्होंने कई कविता संकलनों को सम्पादित भी किया है. अपने लेखन के लिए उन्हें अनेक सम्मान व अवार्ड मिल चुके हैं. सरल भाषा में लिखी उनकी कविताएँ अत्यंत लोकप्रिय हैं व स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा भी हैं. यह कविता उनके 2005 में छपे संकलन ' रैप्चर ' से है, जिसे टी एस एलीअट प्राइज़ मिला था.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़  

सोमवार, नवंबर 07, 2011

रात के अँधेरे में

फ्रेंच विंडो एट कोलियूर, ओंरी मातीस
French Window At Collioure, Henri Matisse

रात के अँधेरे में 
तुम्हारी छाया में सरक आना.
पीछा करना 
तुम्हारे क़दमों का, 
खिड़की में तुम्हारी छाया का. 
वो जो खिड़की में छाया है, वो तुम हो
वो कोई और नहीं है, तुम ही हो.
मत खोलो उस खिड़की को
जिसके पर्दों के पीछे तुम हिलती हो.
आँखें बंद कर लो.
मैं चाहता हूँ उन्हें अपने होंठों से बंद करना. 
मगर खिड़की खुल जाती है और हवा, हवा 
जो ना जाने कैसे 
संभाल लेती है, लौ और ध्वज, दोनों को 
अपने आवरण से रोक लेती है
मेरे भाग निकलने का रास्ता.
खिड़की खुल जाती है: तुम नहीं हो.

मैं यह पहले-से जानता था.


-- रोबेर देज़्नोस


रोबेर देज़्नोस ( Robert Desnos )फ्रेंच स्यूरेअलीस्त कवि थे व स्यूरेअलीज़्म के स्थापकों में से एक थे. वे पेरिस में ही पले-बढे,17 वर्ष की आयु में उनकी पहली कविता प्रकाशित हुई और 22 वर्ष की आयु में पहली किताब. 'पेरिस-सोआर' नाम के अख़बार में वे साहित्यिक स्तम्भ लिखने लगे व आंद्रे ब्रेतों व पॉल एलुआर जैसे जाने-माने कवियों के साथ उतने-बैठने लगे. वे उस अतियथार्थवादी ग्रुप के महत्त्वपूर्ण सदस्य बन गए मगर जब वे लोग साम्यवाद के पक्ष में हो गए, देज़्नोस ने उनका साथ छोड़ दिया. वे स्तम्भ लिखते रहे. 26 वर्ष की आयु में उन्होंने एकांत पर एक छंद-बद्ध गीतकाव्य लिखा " द नाईट ऑफ़ लवलेस नाईट्स" जो बोदेलेर की याद दिलाता है . वे जैज़ संगीत व सिनेमा पर लेख लिखते रहे, उनका परिचय पिकासो और हेमिंग्वे जैसे लेखकों-चित्रकारों से होता रहा. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब जर्मनी ने पेरिस पर कब्ज़ा कर लिया था, वे फ़्रांसीसी प्रतिरोध  ( Resistance) के लिए काम करते रहे, दूसरे नामों से लेख लिखते रहे और एक दिन गस्तापो द्वारा गिरफ्तार कर कंसेन्ट्रेशन कैंप में भेज दिए गए, जहाँ  कैंप के रिहाई से एक हफ्ते पहले ही उनकी मृत्यु हो गयी. उनकी कैद के दौरान लिखी कविताएँ गलती से नष्ट हो गयी. उनके कई कविता संकलन प्रकाशित हुए व कई कविताओं का अनुवाद भी हुआ.

इस कविता का मूल फ्रेंच से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, नवंबर 05, 2011

पटरी

लैंडस्केप नियर मोंमायूर विद ट्रेन, विन्सेंट वान गोग
Landscape Near Monmajour With Train, Vincent Van Gogh 

रात के 2 बजे :चांदनी. कहीं किसी 
खेत में रेलगाड़ी रुक गई है. 
किसी शहर की रोशनी की 
ठंडी दूरस्थ चिंगारियाँ 
क्षितिज पर टिमटिमा रही हैं.

जैसे कि जब एक आदमी 
अपने स्वप्न में इतने गहरे उतर जाता है 
कि वह कभी याद नहीं रख पायेगा 
कि वह वहां था 
जब वह वापिस अपने कमरे में लौटेगा.

या जब कोई व्यक्ति बीमारी में इतना धंस जाता है 
कि उसके सब दिन बन जाते हैं
कुछ झिलमिलाते शरारे, 
एक झुण्ड, क्षितिज पर ठंडा व क्षीण.

रेलगाड़ी एकदम स्थिर है.
2 बजे हैं: तेज़ चांदनी, कुछ सितारे.


-- तोमास त्रांसत्रोमर 




                               
तोमास त्रांसत्रोमर ( Tomas Tranströmer )स्वीडन के लेखक, कवि व अनुवादक हैं जिनकी कविताएँ न केवल स्वीडन में, बल्कि दुनिया भर में सराही गयीं हैं. उन्हें 2011 का नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ है. उन्होंने 13 वर्ष की आयु से ही लिखना शुरू कर दिया था. उनके 12 से अधिक  कविता संकलन प्रकाशित हो चुके हैं व उनकी कविताएँ लगभग 50 भाषाओँ में अनूदित की गईं हैं. उन्हें अपने लेखन के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए है जिनमे इंटरनैशनल पोएट्री फोरम का स्वीडिश अवार्ड भी शामिल है. वे नोबेल प्राइज़ के लिए कई वर्षों से नामित किये जा रहे थे. लेखन के इलावा वे जाने-माने मनोवैज्ञानिक भी थे, जो कार्य उन्हें स्ट्रोक होने के बाद छोड़ना पड़ा. उनका एक हाथ अभी भी नहीं चलता है, मगर दूसरे हाथ से वे अब भी लिखते हैं. यह कविता उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन ' द हाफ -फिनिश्ड हेवन ' से है.

इस कविता का मूल स्वीडिश से अंग्रेजी में अनुवाद उनके अभिन्न मित्र व अंग्रेजी के प्रख्यात कवि रोबेर्ट ब्लाए ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

गुरुवार, नवंबर 03, 2011

बादल

क्लाउड, आइसाक लेवितान
Cloud, Isaac Levitan

मेरे पास अपना कोई धरती-आकाश नहीं है.
बस है एक नन्हा सफ़ेद बादल 
जिसे मैं एक बार मिला था, 
जब स्कूली बच्चा था 
आँगन में टूटी टहनियों के ढेर पर लेटे-लेटे
आकाश को ताकते हुए.
अबाबील थे और बादल : 
यह वाला, मेरा इकलौता, भी था.
मैं आज भी उसे पहचान पाता,
सभी परिवर्तनों के बावजूद,
यदि मेरे पास समय होता, 
बिना किसी आशय के, आँगन में 
टूटी टहनियों के ढेर पर लेटने का.


-- यान काप्लिन्स्की


Author: Estonian Literary Magazine







यान काप्लिन्स्की ( Jaan Kaplinski )एस्टोनिया के कवि, भाषाविद व दार्शनिक हैं व यूरोप के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं. वे अपने स्वतंत्र विचारों व वैश्विक सरोकारों के लिए जाने जाते हैं. उनके कई कविता-संग्रह, कहानियां, लेख व निबंध प्रकाशित हो चुके हैं. उन्होंने कई भाषाओँ से कई भाषाओँ में अनुवाद किये है व उनके स्वयं के लेखन का भी कई भाषाओँ में अनुवाद हुआ है. यह कविता उनके संकलन 'ईवनिंग ब्रिनग्ज़ एवरीथिंग बैक ' से है.
इस कविता का मूल एस्टोनियन से अंग्रेजी में अनुवाद फियोना सैम्प्सन ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़    

मंगलवार, नवंबर 01, 2011

तीन कविताएँ

लौरेटस हेड विद अ कॉफ़ी कप,  ओंरी मातीस
Laurette's Head With A Coffee Cup, Henri Matisse

प्याली और गुलाब 

हमारे प्यार को भुलाने के लिए 
अपने दुःख को डुबोने के लिए 
मैं कॉफ़ी-हाउस गया 
मगर मेरी 
कॉफ़ी की प्याली के तल से  
एक सफ़ेद गुलाब-सी 
उभर आईं तुम.



समीकरण 

मैं तुम्हें प्यार करता हूँ 
इसलिए मैं हूँ
वर्तमान में.
मैं लिखता हूँ, प्रिय 
और पुनः पा लेता हूँ
बीते कल को.


शब्दों की चित्रकारी 

बीस साल बीत गए प्यार की राह पर मगर 
अभी भी इस रास्ते का कोई नक्शा नहीं है.
कभी-कभी मैं हुआ विजेता.
अधिकतर रहा पराजित.
बीस साल, ऐ प्रेम की पोथी 
और अभी भी पहले पन्ने पर हूँ.


-- निज़ार क़ब्बानी





 निज़ार क़ब्बानी ( Nizar Qabbani )सिरिया से हैं व अरबी भाषा के कवियों में उनका विशिष्ट स्थान है. उनकी सीधी सहज कविताएँ अधिकतर प्यार के बारे में हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे क्रन्तिकारी हैं, तो उन्होंने कहा -- अरबी दुनिया में प्यार नज़रबंद है, मैं उसे आज़ाद करना चाहता हूँ. उन्होंने 16 वर्ष की आयु से कविताएँ लिखनी शुरू कर दी थीं, और उनके 50 से अधिक कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी कविताओं को कई प्रसिद्ध अरबी गायकों ने गया है, जिन में मिस्र की बेहतरीन गायिका उम्म कुल्थुम भी हैं, जिनके गीत सुनने के लिए लोग उमड़ पड़ते थे.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद लेना जाय्युसी और डायना देर होवानेस्सियाँ ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

रविवार, अक्टूबर 30, 2011

झुटपुटे में झील किनारे

लेकसाइड विद बर्च ट्रीज़, गुस्ताव क्लिम्ट
Lakeside With Birch Trees, Gustav Klimt 

मैं एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ
और मुझे वह याद नहीं है
मैं कोशिश करता हूँ
जानता हूँ कि वह वही प्रश्न है 
जो हमेशा था 
असल में 
लगता है उसके बारे में  
करीब-करीब सब कुछ जानता हूँ 
जो सब उस की याद दिलाता है 
खींच ले जाता है मुझे 
भोर में या सांझ में 
झील के किनारे और उसके पास 
वह जो कुछ भी खड़ा है 
प्रश्न के साथ 
जैसे देह खड़ी होती है 
छाया के साथ 
मगर यह प्रश्न कोई छाया नहीं है 
अगर मैं जानता 
कि किसने की है शून्य की खोज 
तो शायद पूछ लेता 
कि उस से पहले क्या था 


-- डब्ल्यू एस मर्विन



W.S. Merwinडब्ल्यू एस मर्विन ( W S Merwin )अमरीकी कवि हैं व इन दिनों अमरीका के पोएट लॉरीअट भी हैं.उनकी कविताओं, अनुवादों व लेखों के 30 से अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं .उन्होंने दूसरी भाषाओँ के प्रमुख कवियों के संकलन, अंग्रेजी में खूब अनूदित किये हैं, व अपनी कविताओं का भी स्वयं ही दूसरी भाषाओँ में अनुवाद किया है.अपनी कविताओं के लिए उन्हें अन्य सम्मानों सहित पुलित्ज़र प्राइज़ भी मिल चुका है.वे अधिकतर बिना विराम आदि चिन्हों के मुक्त छंद में कविता लिखते हैं.यह कविता उनके संकलन 'द शैडो ऑफ़ सिरिअस ' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

शुक्रवार, अक्टूबर 28, 2011

अनुपस्थिति

नाईट, मिकोलाय ज़ुर्लानिस
Night, Mikalojus Čiurlionis
अपने हाथों में पकड़ते हैं हम अपने हाथों की छाया.
रात भली है --अपनी छाया पकड़े हमें दूसरे नहीं देख पाते.
हम रात का समर्थन करते हैं. हम स्वयं को देखते हैं.
ऐसे हम दूसरों के बारे में बेहतर सोच पाते हैं.
समुद्र अभी भी खोजता है हमारी आँखें और हम वहां नहीं हैं.
एक युवती अपनी छाती में छुपा लेती है अपना प्यार 
और हम मुस्कुराते हुए आँखें फेर कर कहीं दूर देखते हैं.
शायद ऊपर कहीं, तारों की रोशनी में, एक झरोखा खुल जाता है 
जो देखता है समुद्र की ओर, जैतून के पेड़ों और जले हुए घरों की ओर -- 
पितृ-पक्ष के कांच में हम तितली को चक्कर काटते हुए सुनते हैं,
और मछुआरे की बेटी अपनी चक्की में पीसती है शांति.





--- ज्यानिस रीत्ज़ोज़ 



 ज्यानिस रीत्ज़ोज़ ( Yannis Ritsos ) एक युनानी कवि और वामपंथी ऐक्टिविस्ट थे. टी बी और दुखद पारिवारिक समस्याओं से त्रस्त, अपने वामपंथी विचारों के लिए उत्पीड़ित, उन्होंने ने कई वर्ष सैनटोरीअमों, जेलों व निर्वासन में बिताये मगर पूरा समय वे लिखते रहे और अनेक कविताएँ, गीत, नाटक लिख डाले, कई अनुवाद भी कर डाले. अपने दुखों के बावजूद, समय के साथ उनके अन्दर ऐसा बदलाव आया कि वे अत्यंत मानवीय हो गए और उनके लेखन में उम्मीद, करुणा और जीवन के प्रति प्रेम झलकने लगा. उनकी 117किताबे प्रकाशित हुई जिनमे कविताओं के साथ-साथ नाटक व निबंध-संकलन भी थे.

इस कविता का मूल ग्रीक से अंग्रेजी में अनुवाद रे डेलविन ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़