शुक्रवार, सितंबर 02, 2011

मेरा प्यार दुःख नहीं है

द सोंग ऑफ़ लव,
जोरजो द कीरीको
The Song Of Love,
Giorgio de Chirico

" हर प्यार एक दुःख है " --
       या जैसा कि कुछ प्यार में पागल लोगों ने कहा है 
                                         " प्यार में सुख का होना एक भ्रम है "


मैं कुछ लेने के लिए नहीं इस तरह से प्यार करता --
मेरा प्यार कोई मुखौटा या झण्डा नहीं है 
जैसे एक झरना बह निकलता है 
जैसे सूरज जगमगाता है 
               मैं प्यार करता हूँ :           एक बाढ़             बिना उद्देश्य


मेरा प्यार भ्रम नहीं है
मेरा प्यार दुःख नहीं है       




-- अदुनिस




Adonis, Griffin Poetry Prize 2011 International Shortlist अली अहमद सईद अस्बार ( Ali Ahmed Said Asbar ), जो 'अदुनिस' ( Adonis )के नाम से लिखते हैं, सिरिया के प्रसिद्ध कवि व लेखक हैं. वे आधुनिक अरबी कविता के पथप्रदर्शक हैं, जिन्होंने पुरानी मान्यताओं से विद्रोह कर कविता के अपने ही नियम बनाये हैं. अब तक अरबी में उनकी 20से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं. उनके अनेक कविता संग्रह अंग्रेजी में अनूदित किये जा चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल में, अगस्त माह के आखिरी सप्ताह में ही उन्हें 2011 के  गेटे ( Goethe) पुरुस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें जल्द ही नोबेल प्राइज़ भी मिलेगा , साहित्य जगत में इसकी उम्मीद व अटकलें खूब हैं, वे कई बार नामित भी किये गए हैं.
इस कविता का मूल अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद खालेद मत्तावा ने किया है.
इस कविता का हिन्दी में अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

बुधवार, अगस्त 31, 2011

श्वेत स्वर

ऑटम, मोर्निंग मिस्ट , कमील पिस्सारो
Autumn, Morning Mist, Camille Pissarro

इस बरस पतझड़ जल्दी आया है 
अगस्त की इस आखिरी सुबह में 
धुंध छा जाती है घाटी पर 
देर-से खिले गुलाबों को धुंधला करती है
और गीले पत्तों की महक तैरती है
पूर्णिमा से एक दिन बाद की रोशनी में
यह जाने का समय है
प्रवासी पंछियों के छोटे-छोटे झुण्ड 
धागों की तरह उलझे हैं 
गाँव के पश्चिमी छोर के पेड़ों में 
और प्रतीक्षा कर रहे हैं 
कि कुछ उन्हें याद दिलाएगा 
यात्रा की
और उनकी अपनी राह की 
और जब धुंध छंटती है 
वे जा चुके होते हैं 
और उनके साथ ही गर्मियों के दिन
भी ओझल हो जाते हैं 
और यहाँ-वहां पत्तों ने
धूप के रंग ओढने शुरू कर दिए हैं 
उन्हें हमेशा हमेशा रखने के लिए 


-- डब्ल्यू एस मर्विन



W.S. Merwinडब्ल्यू एस मर्विन ( W S Merwin )अमरीकी कवि हैं व इन दिनों अमरीका के पोएट लॉरीअट भी हैं.उनकी कविताओं, अनुवादों व लेखों के 30 से अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं .उन्होंने दूसरी भाषाओँ के प्रमुख कवियों के संकलन, अंग्रेजी में खूब अनूदित किये हैं, व अपनी कविताओं का भी स्वयं ही दूसरी भाषाओँ में अनुवाद किया है.अपनी कविताओं के लिए उन्हें अन्य सम्मानों सहित पुलित्ज़र प्राइज़ भी मिल चुका है.वे अधिकतर बिना विराम आदि चिन्हों के मुक्त छंद में कविता लिखते हैं.यह कविता उनके संकलन 'द शैडो ऑफ़ सिरिअस ' से है.

इस कविता का मूल अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़ 

सोमवार, अगस्त 29, 2011

जाने और ठहरने के बीच

आरयनतयी, लेट आफ्टरनून, क्लौद मोने
Argenteuil, Late Afternoon , Claude Monet

अपनी पारदर्शिता पर मोहित दिन 
झिझकता है जाने और ठहरने के बीच.
यह गोलाकार दोपहर अब एक घाटी है
जहाँ नि:शब्दता में दुनिया झूलती है.
सब प्रत्यक्ष है और सब पकड़ से बाहर,
सब पास है और छुआ नहीं जा सकता.
कागज़, किताब, पेंसिल, गिलास 
अपने-अपने नामों की छाँव में बैठे हैं.
मेरी धमनियों में धड़कता समय 
उसी न बदलने वाले रक्तिम शब्दांश 
को दोहराता है.
रोशनी बना देती है उदासीन दीवार को
प्रतिबिम्बों का एक अलौकिक मंच.
मैं स्वयं को एक आँख की पुतली में 
पाता हूँ, उसकी भावशून्य ताक में 
स्वयं को ही देखता हुआ.
वह पल बिखर जाता है. एकदम स्थिर, 
मैं ठहरता हूँ और जाता हूँ : मैं एक विराम हूँ.



-- ओक्तावियो पास 



  ओक्तावियो पास ( Octavio Paz )मेक्सिको के लेखक व कवि थे. वे कुछ साल भारत में मेक्सिको के राजदूत भी रहे. उनके लेखन पर मार्क्सवाद, स्यूरेयालीज्म, एग्ज़िस्टेन्शलिज़म के साथ हिन्दू व बौध धर्मों का भी बहुत प्रभाव रहा. उनकी कविताओं व निबंधों के असंख्य संकलन छपे हैं व अनेक भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है. सैम्युएल बेकेट, एलीजाबेथ बिशप, मार्क स्ट्रैंड जैसे जाने-माने कवियों-लेखकों ने उनके लेखन का अंग्रेजी में अनुवाद किया है. सर्वंतेस प्राइज़ व 1990 के नोबेल पुरस्कार सहित उन्हें अनेक सम्मान मिले थे.
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद एलियट वाइनबर्गर ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

शनिवार, अगस्त 27, 2011

काश मैं जानती...

हेड ऑफ़ अ वुमन, आमेदेओ मोदिग्लिआनि
Head Of A Women, Amedeo Modigliani

काश मैं जानती कि यह तुम्हारा 
" मैं तुम से प्यार करता हूँ "
किस भाषा से अनूदित किया गया है,
अगर मैं उसका मौलिक रूप ढूंढ पाती,
और शब्दकोष देख लेती 
तो आश्वस्त हो जाती कि अनुवाद सही है:
कि अनुवादक की कोई गलती नहीं है.

                        --

जाड़ों में जानवर,
वसंत में पौधा,
गर्मियों में पतंगा, 
पतझड़ में पंछी,
शेष समय मैं होती हूँ एक स्त्री.

                        --

यह ' हाँ ' शब्द इतना संक्षिप्त क्यों है?
उसे होना चाहिए 
सबसे लम्बा 
सबसे कठिन 
ताकि एक ही पल में तुम तय न कर पाओ उसे कहना 
ताकि गहरे चिंतन के बाद 
बीच ही में 
तुम उसे कहते-कहते रुक जाओ.


-- वेरा पाव्लोवा


वेरा पाव्लोवा ( Vera Pavlova ) रूस की सबसे प्रसिद्द समकालीन कवयित्री हैं. उनका जन्म मॉस्कोमें हुआ था. उन्होंने संगीत की शिक्षा ग्रहण की व संगीत के इतिहास विषय में विशेषज्ञता प्राप्त की. कुछ समय बाद ही उनकी कविताएँ प्रकाशित हुई और उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन का आरम्भ किया. उनके 14 कविता-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं व रूस में उनकी किताबें खूब बिकती हैं. उन्होंने चार ओपेरा लिबेरेतोज़ के लिए संगीत लिखा है व कुछ बोल भी. उनकी कविताएँ 18भाषाओँ में अनूदित की गयी हैं. यह तीन कविताएँ उनके अंग्रेजी में अनूदित संकलन 'देयर इज समथिंग टू डिज़ायर' से हैं.
इन कविताओं का मूल रशियन से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीवन सेमूर ने किया है.

इन कविताओं का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

गुरुवार, अगस्त 25, 2011

ताकि सबकुछ पूर्णता को पाए

व्हीट फील्ड विद कॉर्नफ्लार्स, विन्सेंट वान गोग
Wheat field With Cornflowers, Vincent Van Gogh

एक खेत में
मैं खेत की 
अनुपस्थिति हूँ.
हमेशा 
ऐसा ही होता है.
मैं जहाँ भी होता हूँ 
मैं ही होता हूँ जो अनुपस्थित होता है.

जब मैं चलता हूँ
मैं हवा को दो हिस्सों में बाँट देता हूँ
और हवा लौट कर हमेशा
उन जगहों को भर देती है
जहाँ मेरी देह पहले थी.

आगे बढ़ने के 
हम सब के कारण होते हैं.
मैं आगे बढ़ता हूँ
ताकि सब कुछ पूर्णता को पाए.


-- मार्क स्ट्रैन्ड



 मार्क स्ट्रैन्ड ( Mark Strand )एक अमरीकी कवि, लेखक व अनुवादक हैं. 1990 में वे अमरीका के 'पोएट लौरेएट ' थे. वे कई जाने-माने विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी पढ़ा चुके हैं और आजकल  कोलम्बिया  युनिवेर्सिटी में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं. उन्हें 'पुलित्ज़र प्राइज़ ' सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं. अब तक उनकी कविताओं, लेखों व अनुवादों के 30 से भी अधिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं.
इस कविता का मूल अंग्रेजी से अनुवाद -- रीनू  तलवाड़

मंगलवार, अगस्त 23, 2011

अगर तुम्हारी आँखें

वुमन विद अ पैरासोल, क्लौद मोने
Woman With A Parasol, Claude Monet

अगर तुम्हारी आँखें चाँद के रंग की ना होती 
एक भरे दिन [ यहाँ, बच्चे के जागने के कारण 
रुकना पड़ा -- करीब २६ घंटे बाद फिर 
लिखना शुरू किया ]
एक गीली मिटटी से भरे दिन के रंग की,
और काम के, और आग के,
अगर जकड़ी हुई भी तुम
हवा की तरह सुन्दर चपलता से न हिलती,
अगर तुम एक कहरुवा रंग का सप्ताह न होती,

न वह पीला पल 
जब पतझड़ बेलों से निकल ऊपर चढ़ आता है,
अगर तुम वह रोटी न होती जो महका चाँद 
बेलता है, अपना आटा पूरे आकाश पर छितराते हुए, 

ओह, मेरी प्यारी, तो मैं तुम्हें ऐसे प्यार नहीं कर सकता था.
मगर जब मैं तुम्हें थामता हूँ मैं उस सब को थामता हूँ जो है --
रेत, समय, बारिश का पेड़,

सब कुछ जीवित है ताकि मैं जीवित रह सकूँ :
बिना यहाँ से हटे मैं सब कुछ देख सकता हूँ :
मैं तुम्हारे जीवन में वह सब देख सकता हूँ जो जीता है.


-- पाब्लो नेरुदा 



पाब्लो नेरुदा ( Pablo Neruda ) को कौन नहीं जानता. वे चिली के कवि थे.कोलंबिया के महान उपन्यासकार गेब्रिअल गार्सिया मार्केज़ ने उन्हें ' 20 वीं सदी का, दुनिया की सभी भाषाओँ में से सबसे बेहतरीन कवि ' कहा है. 10वर्ष की आयु में उन्होंने कविताएँ लिखनी शुरू की. 19वर्ष की आयु में उनका पहला संकलन 'क्रेपेस्क्युलारियो ' प्रकाशित हुआ और उसके बाद उनकी प्रसिद्द प्रेम कविताएँ ' ट्वेंटी पोएम्ज़ ऑफ़ लव एंड अ सोंग ऑफ़ डेसपैर '. दोनों संकलन खूब सराहे गए और दूसरी भाषाओँ में अनूदित लिए गए. उनकी प्रेम कविताओं की तो सहस्रों प्रतियाँ आज तक बिक चुकी है. उनके पूरे लेखन काल में उनकी 50से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुई और अनेक भाषाओँ में असंख्य अनुवाद हुए. 1971में उन्हें नोबेल प्राइज़ भी प्राप्त हुआ. यह कविता उनके संकलन '100 लव सोनेट्स ' से है. यह आठवां सोनेट है .
इस कविता का मूल स्पेनिश से अंग्रेजी में अनुवाद स्टीफन टैपस्कोट ने किया है.
इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़

रविवार, अगस्त 21, 2011

पंद्रह त्रिक

अंडर द लेमन ट्रीज़, क्लौद मोने
Under The Lemon Trees, Claude Monet

धुंध में लटके नींबू नन्हीं लालटेनों से लगते हैं. दो 
घोड़े लाए गए, एक धूसर एक चितकबरा. तुम धूसर 
वाला ले लो, चितकबरा तो मेरे प्राण लेकर रहेगा.
                        --
खिड़की के शीशे पर एक कीड़ा, एक जल चुकी
तीली बेडरूम के दरवाज़े के पास: 
क्या यह कुछ है, या कुछ भी नहीं?
                        --
टूटे स्तम्भों के बीच पत्थर के देवदूत
चूमते हैं एक दूसरे को
न जाने कब के मरे हुए लोगों की कब्रों पर.
                        --
एक गाँव से गुज़रती एक रेलगाड़ी 
एक शनिवार की देर रात. गहरा नीला धुआं.
एक अकेला यात्री.
                        --
देखो -- नए उगे चाँद ने 
अपनी आस्तीन में
चुपके से रख लिया है एक चाक़ू.
                        --
आवारा कुत्ते. धूल-सने पेड़. एक टूटा 
छज्जा. रात की ओर खुलता एक दरवाज़ा.
मैंने सीढ़ियों पर कदम रख दिया है.
                        --
वह अपना गुलदस्ता बिस्तर पर छोड़ देती है.
वह अपने बालों में कंघी करती है.
वह अपने वस्त्र उतार, खिड़की के पास चली जाती है.
                        --
हर रात, जैसे ही तुम आँखें बंद करते हो, वह अनामित 
नग्न खड़ा होता है तुम्हारे बिस्तर के पास. वह तुम्हें 
टकटकी लगा कर देखता है और बता देता है सबकुछ.
                        --
रात की हवा पर पत्ते हौले-से रखते हैं कदम;
अपनी नींद में मैं उन्हें सुनता हूँ
और जड़ों तक करता हूँ उनका पीछा.
                        --
रात को रेलवे स्टेशन: सुनसान, अँधेरा, वीरान.
स्टेशन-मास्टर बीड़ी जलाता है.
वह अपनी ज़िप खोलकर नीचे पटरी पर मूतता है.
                        --
एक बंद मकान. सीढियां.
एक सोन-मछली तैरती है
मलिन आईने में.
                        --
मैंने अपनी सिगरेट की ठूंठ उछाल कर 
खिडकी से बाहर पानी की टंकी में फ़ेंक दी.
क्या वह अभी भी जल रही है या वह कोई टूटा तारा है?
                        --
तुम्हारी नींद -- एक शांत झील.
एक हिरन पीने को झुकता है. मैं झुकता हूँ
पीने को.
                        --
खिड़कियाँ बंद. घर खाली 
बिस्तर पर तुम्हारे बदन की 
चिकनी नग्न अनुपस्थिति को छोड़कर.
                        --
वे तारों जड़ी रातें...गीली घास पर
सेबों का गिरना सुना जा सकता था.
हम सेब पड़े रहने देते थे, पर आवाज़ बटोर लेते थे.



--- ज्यानिस रीत्ज़ोज़ 


 ज्यानिस रीत्ज़ोज़ ( Yannis Ritsos ) एक युनानी कवि और वामपंथी ऐक्टिविस्ट थे. टी बी और दुखद पारिवारिक समस्याओं से त्रस्त, अपने वामपंथी विचारों के लिए उत्पीड़ित, उन्होंने ने कई वर्ष सैनटोरीअमों, जेलों व निर्वासन में बिताये मगर पूरा समय वे लिखते रहे और अनेक कविताएँ, गीत, नाटक लिख डाले, कई अनुवाद भी कर डाले. अपने दुखों के बावजूद, समय के साथ उनके अन्दर ऐसा बदलाव आया कि वे अत्यंत मानवीय हो गए और उनके लेखन में उम्मीद, करुणा और जीवन के प्रति प्रेम झलकने लगा. उनकी 117किताबे प्रकाशित हुई जिनमे कविताओं के साथ-साथ नाटक व निबंध-संकलन भी थे.इस कविता का मूल ग्रीक से अंग्रेजी में अनुवाद डेविड हार्सेंट ने किया है.

इस कविता का हिंदी में अनुवाद -- रीनू तलवाड़